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    UPESSC परीक्षा में नकल करने पर आजीवन कारावास की सजा:वाराणसी समेत 6 शहरों में एग्जाम, एक बार रद्द हो चुकी परीक्षा

    2 hours ago

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    UPESSC (उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग) असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर सख्त है। 6 शहरों में यह परीक्षा 18 और 19 अप्रैल को कराई जाएगी। वाराणसी, आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज व गोरखपुर शहर में कुल 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें वाराणसी में 8 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। दोनों दिन परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर 11:30 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी। खास बात यह है कि इस परीक्षा में कोई भी परीक्षार्थी या व्यक्ति नकल करते हुए, नकल कराने का प्रयास करते हुए यह प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को भंग करता है तो उसके खिलाफ एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना या आजीवन कारावास या दोनों की कार्रवाई एक साथ किए जाने की तैयारी है। इस संबंध में गुरुवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने स्पष्ट आदेश भी जारी कर दिया है। पिछली परीक्षा में हुई थी धांधली उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विज्ञापन संख्या-51 के तहत एडेड डिग्री कालेजों में 910 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए 16 और 17 अप्रैल 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित कराई थी। भर्ती के लिए करीब 82 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। लेकिन परीक्षा के तुरंत बाद से ही बड़े पैमाने पर धांधली, नकल और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आने लगी थीं। अभ्यर्थी भी लगातार इसको लेकर धरना प्रदर्शन भी करते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए CM के निर्देशन में STF ने गोपनीय जांच कराई। जांच में बड़ा खुलासा हुआ था। इसके बाद STF ने फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार कर लिया था। रुपये लेकर बेचा गया था प्रश्न पत्र परीक्षा में जमकर वसूली किए जाने का मामला सामने आया था। लखनऊ के विभूतिखंड थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। पुलिस के पूछताछ में मुख्य आरोपी महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसने माडरेशन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्र निकाल लिए थे और उन्हें पैसे लेकर कई अभ्यर्थियों को बेचे थे। इन सभी तथ्यों और STF की रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को पूरी तरह निरस्त करने के आदेश दे दिया था। अब यह परीक्षा एक साल बाद 18 और 19 अप्रैल को आयोजित होने जा रही है। फिर किसी तरह की परीक्षा में सेंधमारी न होने पाए इसके लिए सख्ती बरती जा रही है।
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