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    Arabian Sea में Pakistan का Missile Test, स्वदेशी ताकत से भारत को दे रहा है सीधी चुनौती?

    3 hours from now

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    पाकिस्तान नौसेना ने स्वदेशी रूप से विकसित, जहाज से दागी जाने वाली एक एंटी-शिप मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। एक लाइव अभ्यास के दौरान, इस मिसाइल ने लंबी दूरी पर स्थित अपने लक्ष्य को सटीक रूप से भेदा, जो देश की बढ़ती सटीक-हमला क्षमता और समुद्री प्रतिरोधक क्षमता को रेखांकित करता है। सेना द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मिसाइल ने "लंबी दूरी पर उच्च गति के साथ अपने लक्ष्य को सटीकता से निशाना बनाया," जो इसके उन्नत मार्गदर्शन (गाइडेंस), गतिशीलता और परिचालन तत्परता को दर्शाता है। इस परीक्षण को नौसेना प्रमुख नवीद अशरफ के साथ-साथ इस कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने अपनी आँखों से देखा।इसे भी पढ़ें: West Asia में तनाव घटाने का Mission, Pakistani Army Chief Asim Munir पहुंचे Tehranएसोसिएटेड प्रेस, डॉन और जियो न्यूज़ की रिपोर्टों के अनुसार, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने इस परीक्षण को तत्परता और सटीक-हमला क्षमता का एक दृढ़ प्रदर्शन बताया। उन्होंने मिसाइल की खतरों से बचने, बदलती परिस्थितियों के अनुरूप ढलने और अत्यंत सटीकता व मारक क्षमता के साथ हमला करने की क्षमता को विशेष रूप से रेखांकित किया। अधिकारियों ने बताया कि इस मिसाइल में एक अत्याधुनिक गाइडेंस सिस्टम और बेहतर गतिशीलता (manoeuvrability) मौजूद है, जिससे यह समुद्री और ज़मीनी, दोनों तरह के लक्ष्यों को बेहद सटीक ढंग से निशाना बना सकती है। यह विकास, क्षेत्रीय सुरक्षा के बदलते समीकरणों के बीच अपनी स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मज़बूत करने की पाकिस्तान की कोशिशों की दिशा में एक और अहम कदम है। सेना ने कहा कि यह सफल प्रक्षेपण तकनीकी उत्कृष्टता और परिचालन विशेषज्ञता के मेल को दर्शाता है, जो पारंपरिक क्षेत्र में समुद्र-आधारित विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने और इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा व स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रति नौसेना की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करता है।इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz पर जंग की आहट! कूटनीतिक प्रयासों के बीच अमेरिका ने सैनिक भी बढ़ाए, Iran ने दी खुली चेतावनीपाकिस्तान का मिसाइल प्रोग्राम लंबे समय से क्षेत्रीय सुरक्षा के हालात से प्रभावित रहा है, और इसके लगातार किए जा रहे परीक्षणों का मकसद संभावित खतरों के खिलाफ अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है। देश के वरिष्ठ नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने इस परीक्षण को एक अहम उपलब्धि बताया है। ISPR के अनुसार, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने इस काम में लगे वैज्ञानिकों और कर्मियों की सराहना की। यह ताज़ा परीक्षण पाकिस्तान की सेना द्वारा पहले किए गए परीक्षणों की ही एक अगली कड़ी है। हाल के महीनों में, नौसेना ने उत्तरी अरब सागर में किए गए अभ्यासों के दौरान सतह से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था; वहीं, पाकिस्तान वायु सेना ने स्वदेशी रूप से विकसित 'तैमूर' हथियार प्रणाली का उड़ान परीक्षण किया, जो 600 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। 
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