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    क्या संजय निषाद वाकई पाला बदल सकते हैं:SC दर्जे की मांग पर कहां फंसा पेंच; गठबंधन टूटा तो भाजपा को कितना नुकसान

    3 hours ago

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    यूपी के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या संजय निषाद पाला बदलने वाले हैं? इस पर उनका रिएक्शन भी आया। बोले- ‘अगर भाजपा दरवाजा बंद करेगी, तो दूसरे विकल्पों पर विचार करेंगे।’ वे निषाद समाज के लिए SC (अनुसूचित जाति) दर्जे की मांग को लेकर भी भाजपा को कई बार चेतावनी दे चुके हैं। आज यूपी एक्सप्लेनर में पढ़िए, क्या वाकई भाजपा से उनका गठबंधन टूटने वाला है? निषाद समाज के SC दर्जे पर पेंच कहां फंसा है? संजय ने पाला बदला, तो भाजपा को कितना नुकसान होगा? सवाल-1: यूपी में निषाद वोटबैंक कितना अहम है, संजय निषाद का इस पर कितना प्रभाव है? जवाब: इसे दो हिस्सों में समझते हैं… 1. निषाद वोट का चुनावी असर 2. निषाद वोटबैंक पर संजय निषाद की पकड़ सवाल-2: संजय निषाद के पाला बदलने से भाजपा को कितना नुकसान हो सकता है? जवाब: इसे ऐसे समझ सकते हैं… 1. अति पिछड़ा-OBC वोटबैंक में बिखराव पिछले चुनाव नतीजों के विश्लेषण से पता चलता है कि भाजपा की जीत का सबसे मजबूत आधार गैर-यादव ओबीसी और अति-पिछड़ी जातियां रही हैं। अगर संजय निषाद NDA छोड़कर सपा के साथ जाते हैं, तो भाजपा के उस जातीय समीकरण को नुकसान होगा, जिसके बल पर वह 2017 और 2022 के चुनाव जीतती आई है। 2. पूर्वांचल की 20-30 विधानसभा सीटों पर सीधा असर 3. भाजपा पर अन्य सहयोगियों का दबाव बढ़ेगा संजय निषाद का पाला बदलना भाजपा के अन्य छोटे पिछड़ा-वर्ग सहयोगियों (जैसे अपना दल और सुभासपा) को भी विधानसभा सीटों पर ज्यादा मोलभाव करने का मौका देगा। सवाल-3: निषाद जाति को SC में शामिल करने की मांग पर पेंच कहां फंसा है? जवाब: यह मुद्दा मुख्य रूप से निषाद जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से निकालकर SC सूची में शामिल कराने से जुड़ा है। मामला संविधान और राजनीतिक नफा-नुकसान की वजह से अटका है। सवाल-4: तो क्या वाकई संजय निषाद पाला बदल सकते हैं? जवाब: संजय निषाद को ‘व्यावहारिक नेता’ माना जाता है। उनका ध्यान इस बात पर रहता है कि उन्हें और उनकी पार्टी को सत्ता में ज्यादा हिस्सेदारी कहां मिलती है? इसे 2 पॉइंट में समझ सकते हैं… 1. मौका देखकर गठबंधन बदलना 2. प्रेशर पॉलिटिक्स और सीटों पर मोलभाव का तरीका ------------------------------------- यह एक्सप्लेनर भी पढे़ं… राजपाल व्यापारी के रुपए क्यों नहीं लौटा रहे, हाईकोर्ट में कहा था- 5 बार जेल जाऊंगा, पैसे नहीं दूंगा चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को ₹5 करोड़ जमा करने की शर्त पर उन्हें जेल जाने से अंतरिम छूट दी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शाहजहांपुर के व्यापारी माधव गोपाल अग्रवाल से ₹5 करोड़ के लेन-देन मामले में राजपाल को 3 महीने जेल की सजा सुनाई थी। सुनवाई के दौरान राजपाल ने कहा था कि 5 बार जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन पैसा नहीं दूंगा। आखिर राजपाल यादव पैसा क्यों नहीं लौटाना चाह रहे? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में पूरी कहानी…
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