Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वाराणसी में TGT परीक्षा की सॉल्वर गैंग सरगना गिरफ्तार:25 हजार का इनाम था, 14 डेबिट कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद

    4 hours ago

    1

    0

    वाराणसी में टीजीटी परीक्षा में सॉल्वर बैठाने वाले गिरोह के सरगना को पुलिस ने उसके सहयोगी समेत गिरफ्तार कर लिया है। 4 जून को हुई गिरफ्तारी के बाद फरार चल रहे सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड दौलत कुमार पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। चौकाघाट स्थित लकड़ी मंडी क्षेत्र से उसे उसके साथी नितीश कुमार के साथ दबोच लिया गया। दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया। एसीपी चेतगंज शुभम कुमार ने बताया कि 4 जून को टीजीटी परीक्षा के दौरान क्वींस इंटर कॉलेज से परीक्षार्थी की जगह परीक्षा दे रहे सॉल्वर अमृत राज और उसके सहयोगी छोटू कुमार को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में दोनों ने सॉल्वर गैंग के सरगना के रूप में बिहार के मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-2, टेमाभेला निवासी दौलत कुमार का नाम बताया था। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने दौलत कुमार पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। लकड़ी मंडी से साथी सहित दबोचा एसीपी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि दौलत कुमार चौकाघाट स्थित लकड़ी मंडी क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर 12 जून की रात घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ बिहार के सुपौल जिले के रतनपुरा निवासी नितीश कुमार को भी पकड़ा गया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से कई फर्जी दस्तावेज, 14 डेबिट कार्ड और परीक्षा से जुड़े लेन-देन के महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए हैं। बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है। ऐसे चलाता था सॉल्वर गैंग पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दौलत कुमार पढ़ा-लिखा और शातिर किस्म का व्यक्ति है। उसने मास्टर्स की डिग्री हासिल की है, लेकिन अधिक पैसा कमाने की लालच में उसने सॉल्वर गैंग खड़ा कर लिया। एसीपी ने बताया कि दौलत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने का दावा करता था। वह सीधे परीक्षार्थियों से संपर्क करता और उनसे पांच लाख रुपये तक की रकम वसूलता था। इसके बाद वह उनकी जगह परीक्षा देने के लिए सॉल्वर की व्यवस्था करता और फर्जी पहचान पत्र तैयार करवाता था। यदि सॉल्वर पकड़ा नहीं जाता था तो वह सफल अभ्यर्थियों के माध्यम से अन्य अभ्यर्थियों तक भी अपना नेटवर्क बढ़ाता था। गिरोह के नेटवर्क की होगी जांच पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गैंग ने अब तक किन-किन प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंध लगाने की कोशिश की और इसमें कितने लोग शामिल हैं। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    सोमवती अमावस्या पर चित्रकूट में उमड़ेगा आस्था का सैलाब:10 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद, प्रशासन अलर्ट
    Next Article
    हाथरस में 2 घंटे की बारिश से शहर जलमग्न:सदर कोतवाली में घुटनों तक भरा पानी, 2 दिन तक आंधी-बारिश का अलर्ट

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment