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    रेप पीड़िता से क्राइम इंस्पेक्टर बोला- अकेले में मिलो बाबू:बलिया में AUDIO रिकॉर्डिंग आई सामने, आरोपी और थाना प्रभारी सस्पेंड

    9 hours ago

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    यूपी के बलिया में रेप पीड़िता से जांच के बहाने जबरन मिलने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग में क्राइम विभाग का एक इंस्पेक्टर रेप पीड़िता को बहला-फुसलाकर अकेले में मिलने की बात कह रहा है। रेप पीड़िता से क्राइम इंस्पेक्टर की बातचीत का 9 मिनट 40 सेकेड की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है। पीड़िता का कहना है कि उसने क्राइम इंस्पेक्टर को चार्जशीट के बारे में पूछने के लिए कॉल किया था। वे उसे बहला-फुसलाते हुए कह रहे थे कि एक बार मिल लो। मेरे बच्चे, मेरे बाबू... सब कुछ मेरे हाथ में ही है... एक बार मिल लो तो 2 सेकेंड में चार्जशीट ओके करके भेज दूंगा। 2, 4 या 10 जितने लगेंगे मैं दे दूंगा, बस बताओ, कब और कहां मिलना है? पीड़िता ने क्राइम इंस्पेक्टर से बातचीत की विस्तृत ऑडियो रिकॉर्डिंग डीआईजी आजमगढ़ को भेजी है। जिसके बाद डीआईजी ने आरोपी क्राइम इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं मामले में जांचकर्ता थाना प्रभारी उरांव को भी सस्पेंड कर दिया गया है। पीड़िता का आरोप है- एक वन दरोगा ने शादी का झांसा देकर उसके साथ यौनशोषण किया था। शादी का दबाव देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसी मामले की जांच क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी कर रहे थे। इसी दौरान जांच के बहाने क्राइम इंस्पेक्टर ने उसे फोन करके अकेले में मिलने के लिए बुलाया। पहले पढ़िए ऑडियो रिकॉर्डिंग में क्राइम इंस्पेक्टर-रेप पीड़िता के बीच की बातचीत.... क्राइम इंस्पेक्टर- मैं तो यहां हूं नहीं। पीड़िता- अच्छा। क्राइम इंस्पेक्टर- हूं। पीड़िता- हम तो इसलिए पूछे कि आप कहां हैं? क्राइम इंस्पेक्टर- बलिया में हूं। पीड़िता- क्या हुआ चार्जशीट का सर? आपने कुछ बताया नहीं। क्राइम इंस्पेक्टर- जब तक तू मेरे से नहीं मिलेगी तब तक क्या बताऊंगा, मुझे भी जेल भिजवा दे। पीड़िता- क्या? क्राइम इंस्पेक्टर- मुझे जेल भिजवा दे न। पीड़िता - हम क्या किए हैं सर? क्राइम इंस्पेक्टर- यह बता तू मुझसे मिल सकती है। पीड़िता- नहीं अभी तो हम घर पर हैं सर। क्राइम इंस्पेक्टर- तो कहां रुकने का विचार बनाऊं, यह बताओ? पीड़िता- अब हम यह कैसे बताएं सर? क्राइम इंस्पेक्टर- यह तो कोई बात नहीं होती दोस्त। पीड़िता- ठीक है सर पर हम यह कैसे बताएं? मेरे पास कोई सुविधा है नहीं। क्राइम इंस्पेक्टर- हमारे तरफ से सुविधा यहां से वहां कहां भी हो सकती है? पीड़िता- मैं समझी नहीं सर। क्राइम इंस्पेक्टर- मैं कह रहा हूं, 2 ,4 या 10 जो भी लगेगा में दे दूंगा। पीड़िता- अच्छा सर। क्राइम इंस्पेक्टर- उम्मीद है आप मुझे मिलोगी। पीड़िता- ठीक है सर, पहले यह बताइए कि दरोगा वाली चार्डशीट में क्या करें? क्राइम इंस्पेक्टर- मैं इस चार्जशीट को 2 सेकेंड में एक फोन पर फाइनल कर दूंगा। पीड़िता- मतलब सबकुछ आपके हाथ में है। क्राइम इंस्पेक्टर- मेरे बच्चे, मेरे बाबू, मैं इस वक्त क्राइम ब्रांच में हूं। पीड़िता- जी। क्राइम इंस्पेक्टर- अब बताओ कि मुझे किस टाइम, कहां और कैसे मिलोगी? पीड़िता- थोड़ा समय दिजिए। जब तक नहीं मिलेंगे, आप चार्जशीट नहीं लगाएंगे। क्राइम इंस्पेक्टर- सोच लो और समझ लो और जो तुमसे हो वो कर लेना। पीड़िता- मतलब? क्राइम इंस्पेक्टर- मेरी साइन से ही सबकुछ होना है। पीड़िता- अभी तक संजय सर से रिक्वेस्ट कर रहे थे, अब आप से कर रहे हैं( क्राइम इंस्पेक्टर- मेरी रिक्वेस्ट करने की जरुरत नहीं, मैं तुरंत फाइनल कर दूंगा( पीड़िता- इसके लिए पहले हमें आपसे मिलना पड़ेगा( क्राइम इंस्पेक्टर- मर्जी हो तेरी मिल ले, नहीं तो नहीं। पीड़िता- नहीं मिलेंगे सर तो चार्जशीट लगेगी नहीं? क्राइम इंस्पेक्टर- जाने दो फिर छोड़ो। पीड़िता- यही शर्त संजय शुक्ला भी रखे थे जब मुकदमा करवाना था। क्राइम इंस्पेक्टर- अरे अब यह बताओ कि मुझे किस टाइम, कब और कैसे मिलोगे? पीड़िता- समय दिजिए थोड़ा सा…। क्राइम इंस्पेक्टर- कितने मिनट? पीड़िता- सोच कर कॉल करते हैं। क्राइम इंस्पेक्टर- ओके। अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम... बेल्थरा रोड के उभांव थाना क्षेत्र की एक महिला ने वन दरोगा उग्रसेन कुमार जासवाल के खिलाफ 3 फरवरी 2026 को उभांव थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उसने वन दरोगा पर शादी का झांसा देकर 8 महीने तक यौनशोषण करने और शादी का दबाव देने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पुलिस मामले में ढिलाई बरतती रही। पीड़िता की शिकायत पर उच्चाधिकारियों ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद 21 फरवरी 2026 को उभांव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने 24 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर आरोपी को मधुवन ढाला के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी थी। इस मामले में उभांव थाना प्रभारी संजय शुक्ला और तत्कालीन क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक द्वारा जांच कर रहे थे।। पर काफी दिनों से चार्जशीट पेंडिंग थी। चार्जशीट के बारे में जानने के लिए किया था फोन पीड़िता का कहना है कि चार्जशीट दाखिल न होने के कारण कोर्ट से केस आगे नहीं बढ़ पा रहा था। आरोपी को कोई सजा नहीं मिल रही थी। आरोपी पक्ष से उसे डराया-धमकाया जा रहा था। उसने क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक को फोन करके चार्जशीट के बारे में पूछा था, तो वे अकेले में मिलने का दबाव बनाने लगे और अशोभनीय बातें करने लगे। पैसों का लालच देने लगे। वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई 13 अप्रैल को एक यूट्यूब चैनल पर पीड़िता का एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें उसने क्राइम इंस्पेक्टर और उभांव थाना प्रभारी पर आरोप लगाए। वीडियो संज्ञान में आने के बाद डीआईजी आजमगढ़ ने मामले की जांच सीओ रसड़ा को सौंपी। सीओ रसड़ा ने जांच रिपोर्ट में क्राइम विभाग के इंस्पेक्टर नरेश मलिक पर कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता के आरोप लगाए। वहीं उभांव थाना प्रभारी संजय शुक्ला पर जांच में लापरवाही बरतने के आरोप सही पाए। नियमों के तहत निलंबन सीओ रसड़ा आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी आजमगढ़ के आदेश पर उ.प्र. पुलिस (दंड एवं अपील) नियमावली 1991 के नियम 17(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से नरेश कुमार मलिक और उभांव थाना प्रभारी संजय शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… लखीमपुर में अंबेडकर मूर्ति टूटने पर बवाल:भीड़ ने महिला को पीटा; पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़, आग लगाई लखीमपुर खीरी जिले में अंबेडकर जयंती पर मंगलवार शाम बवाल हो गया। ग्रामीणों ने बिना परमीशन डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी, जिसका एक महिला ने विरोध किया। पुलिस ने मूर्ति हटवाने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए। धक्का-मुक्की और छीना-झपटी में मूर्ति टूट गई। इस पर भीड़ ने मूर्ति हटवाने वाली महिला को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने महिला को भीड़ से निकालकर उसकी जान बचाई। पढ़ें पूरी खबर…
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