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    निर्माणाधीन मकान से गिरे तीन मजदूर के उजड़ गए घर:बस्ती की गलियों में सन्नाटा, गृहस्वामी पर FIF दर्ज

    8 hours ago

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    आगरा के थाना एत्मादद्दोला क्षेत्र के ट्रांस यमुना फेस-वन में शनिवार को निर्माणाधीन मकान में बड़ा हादसा हो गया था। तीसरी मंजिल पर स्टोर रूम के निर्माण के समय एक गार्डर झुक गया, जिससे तीन मजदूर नीचे गिर पड़े। हादसे में तीन मजदूर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। तीनों मजदूर रोज की तरह सुबह घर से निकले थे। बच्चों से कहा था, जल्दी आउंगा। लेकिन शाम को उनके शव आए। निर्माणाधीन मकान पर कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। न हेलमेट, न बेल्ट, न जाली। गरीबी की मजबूरी में जान हथेली पर रखकर चढ़े थे, और मौत ने उन्हें तीसरी मंजिल से नीचे खींच लिया। आगरा के ट्रांस यमुना फेस-वन की तीसरी मंजिल पर शनिवार को जब निर्माणाधीन स्टोर रूम का गार्डर झुका, तो सिर्फ ईंट-सीमेंट नहीं गिरा। तीन मजदूरों के साथ तीन परिवारों की उम्मीदें भी भरभराकर जमीन पर आ गिरीं। प्रकाश नगर का रंजीत मजदूरी करके पेट पालता था। दो साल पहले बीमारी ने पत्नी रेणु को छीन लिया। तब से दोनों बेटों विवेक और ऋषि के लिए वही मां था, वही पिता। शनिवार को जब रंजीत का शव घर पहुंचा तो 11 साल का विवेक छोटे भाई ऋषि को सीने से लगाकर बिलख पड़ा। बोल- पापा उठो,अब हमें कौन खिलाएगा? 8 साल के ऋषि के सवाल का जवाब देने वाला कोई नहीं था। बस्ती की गलियों में सन्नाटा था, बस दो मासूमों की सिसकियां गूंज रही थीं। एत्मादपुर के मिस्त्री मुन्नालाल के घर की स्थिति दयनीय है।दो साल पहले एक बेटे की मौत का जख्म अभी भरा नहीं था। बेटी-बेटे की शादी कर चुके मुन्नालाल कंधों पर सबसे छोटी बेटी की जिम्मेदारी लिए जी रहे थे। बेटी मानसिक रूप से बीमार है, बोल नहीं पाती, समझ नहीं पाती। शनिवार को जब मुन्नालाल का जनाजा उठा तो वह बेटी बस एकटक दरवाजे को देखती रही। उसे नहीं पता कि अब शाम को "बाबू" कहकर बुलाने वाला कोई नहीं आएगा। मकान स्वामी के पड़ोसियों ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले टूंडला निवासी मिस्त्री राकेश की भी निर्माण कार्य के दौरान छत से गिरकर मौत हो गई थी। उस समय भी मृतक के परिजन ने हंगामा किया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। दूसरे मिस्त्री को ठेका देकर दोबारा काम शुरू करवा दिया गया।
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