Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    लखनऊ आग- बेटे की लाश देखकर पिता बेहोश:बहन चीख-चीखकर रोई, कई बच्चों ने घर पर आखिरी कॉल किया; 7 घंटे में 15 पोस्टमॉर्टम

    21 hours ago

    1

    0

    लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई। शवों का सोमवार देर रात करीब 7 घंटे तक पोस्टमॉर्टम चला। इस दौरान शवों से निकला खून नालियों से बहकर बाहर आ गया। यह देखकर वहां मौजूद परिजन सहम गए और रोने लगे। बेटे नीलेश की लाश देखकर पिता बेहोश हो गए। बहन चीख-चीखकर रो पड़ी। फिर स्ट्रैचर पर लेटे पिता से लिपटकर बोली- ‘मेरा भाई चला गया। पापा… उठ जाओ।’ KGMC ट्रॉमा सेंटर में पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को घरवालों को सौंप दिया गया। सिर्फ पश्चिम बंगाल के सौमल्या-अनामिका और मध्य प्रदेश की जैनी के परिजन मंगलवार सुबह लखनऊ पहुंचे। अनामिका की मां बेटी का शव देखकर रोते-रोते बेहोश हो गईं। दैनिक भास्कर ने 6 परिजन से बात की। उन्होंने बताया कि आग में फंसने के बाद बच्चों ने घर पर फोन किया, आग लगने की जानकारी दी और जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगाई। जब तक हम पहुंचे, बहुत देर हो चुकी थी। 5 तस्वीरें देखिए- हादसे में जान गंवाने वाले 5 लोगों के घरवालों का दर्द पढ़िए- 1- अब्दुल रहमान- माता-पिता की तबीयत खराब, नहीं पहुंच पाए मॉर्चुरी अग्निकांड में जान गंवाने वाले लखनऊ के अब्दुल रहमान के दोस्त शादान शेख ने बताया कि अब्दुल 8 महीने से बतौर आईटी टेक्नीशियन काम कर रहा था। लंबे समय बाद जॉब मिली थी, इसलिए बहुत खुश था। उसकी दो बहनें हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। पिता पैरालाइज्ड हैं। घर संभालने के लिए 18 साल की उम्र से नौकरी शुरू कर दी थी। दोस्त की बॉडी देखकर शादान फूट-फूटकर रोए। फिर खुद को संभालते हुए बताया कि अब्दुल के माता-पिता मॉर्चुरी तक नहीं आ सके। उसने फोन कर आग में फंसने की बात बताई थी। उसकी मां को विश्वास नहीं हो रहा है कि थोड़ी देर में सबकुछ खत्म हो गया। वो हिम्मत नहीं जुटा सकीं। अब दोस्त तो वापस नहीं आएगा, बस सरकार से उचित सहायता मिल जाए। 2- सुखमणि सिंह- जान बचाने के लिए बिल्डिंग के पीछे की तरफ भागा, लेकिन नहीं बच सका अग्निकांड में लखनऊ के सुखमणि सिंह की मौत हो गई। उनके पिता प्रभुज्योति सिंह ने बताया- करीब ढाई बजे बेटे का फोन आया। कहा कि पापा आग लग गई है, हमें बचा लीजिए। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर सुखमणि के बड़े भाई साहिबान ने बताया- बीते सात से लखनऊ में रह रहे हैं। काम को लेकर काफी उत्सुक रहता था। सुबह जॉब पर निकला था, काफी खुश था। शाम को वापस आकर घूमने चलने की बात बोली थी। अचानक से दोपहर में पिता को कॉल आई, फिर सबकुछ बदल गया। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर मृतक मोहम्मद अम्मार के परिजन ने बताया- घटना से पहले अम्मार ने कॉल करके बता दिया था कि सब फंस गए हैं। अब निकलने का रास्ता नहीं है। वहीं, आदित्य श्रीवास्तव के परिवारवालों ने अफसरों को ही जिम्मेदार ठहराया। कहा कि सभी अधिकारी बनते ही नियम भूल जाते हैं। घटना से पहले आदित्य ने फोन किया था, आग इतनी भयानक होगी, इसकी उम्मीद नहीं थी। 3- आदित्य श्रीवास्तव- बहन का दर्द- भाई का फोन नहीं उठा पाई अग्निकांड में जान गंवाने वाले 3डी कैरेक्टर आर्टिस्ट सीतापुर के आदित्य श्रीवास्तव की बहन निशा ने बताया, हमें जानकारी मिली थी कि बिल्डिंग में जो नीचे पेट शॉप थी, उसमें एसी में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी। वहीं से आग फैलनी शुरू हुई। वहां मौजूद लोगों ने पहले ऊपर किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। वे सबसे पहले अपने पेट्स को बचाने में लगे रहे। ऊपर मेरा एक और भाई था, बुआ का बेटा- भवन श्रीवास्तव। वह खिड़की से कूद गया। उसने आदित्य से भी कूदने के लिए कहा, लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हुई। वह कूद नहीं पाया। उस समय आदित्य के साथ वहां 14-15 बच्चे थे। सभी ने अपनी जान बचाने के लिए खुद को बाथरूम के अंदर बंद कर लिया। करीब दोपहर 2:30 बजे आदित्य ने उन्हें कॉल किया था, लेकिन वह कॉल रिसीव नहीं कर पाईं। 4- अनामिका- मां रोते-रोते बेहोश हो गई हादसे में जान गंवाने वाली कोलकाता की अनामिका के घरवाले कोलकाता से आज सुबह लखनऊ पहुंचे। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर मां फूट-फूटकर रोने लगीं। वह रोते-रोते बेहोश हो गईं। पति ने उन्हें किसी तरह से संभाला। भाई आकाश ने बताया कि अनामिका एनिमेशन आर्टिस्ट के तौर पर नौकरी करती थी। सोमवार सुबह उससे बात हुई थी। उसने कहा था कि वह जॉब पर जा रही है। वह पिछले तीन साल से लखनऊ में काम कर रही थी, इससे पहले चंडीगढ़ में नौकरी कर चुकी थी। आकाश ने बताया कि पिछले हफ्ते अनामिका, मैं और मम्मी-पापा मनाली घूमने गए थे। भाई ने मनाली की तस्वीरें भी दिखाईं। 5- नीलेश और अनामिका की शादी की बात चल रही थी हादसे में जान गंवाने वाले लखनऊ के नीलेश (21) तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। साथ में काम करने वाली अनामिका से अच्छी दोस्ती थी। दोनों परिवारों के बीच उनकी शादी के लिए बात चल रही थी। नीलेश के भाई अभिषेक ने बताया- घर में बेहद खुशी का माहौल था। अगले हफ्ते हमें अनामिका के घर बंगाल जाना था। ट्रेन टिकट बुक हो चुके थे। परिवार का कहना है कि नीलेश को इस साल प्रमोशन और सैलरी हाइक की उम्मीद थी। इसी वजह से शादी को अगले साल तक के लिए टाल दिया था। अनामिका के पिता विश्वनाथ सामंत ने बताया- नीलेश के परिवार से मुलाकात हुई थी। अनामिका से रिश्ते को लेकर बातचीत हो रही थी, लेकिन कुछ फाइनल नहीं हुआ था। ------------------------------ संबंधित खबर भी पढ़िए- लखनऊ आग में 15 की मौत, बिल्डिंग अवैध थी : 2016 में गिराने का आदेश हुआ था; 4 अफसर सस्पेंड, 4 आरोपी अरेस्ट लखनऊ की कोचिंग में आग लगने की घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष हैं। ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं। जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह अवैध थी। इसे गिराने का आदेश 2016 में हुआ था, लेकिन दो महीने से कम समय में ही आदेश निरस्त कर दिया गया था। (पूरी खबर पढ़िए) 'पापा आग लग गई, बाथरूम में हूं, बचा लो':मां रोते हुए बोली- मेरे बच्चे को ढूंढ दो, फिर बेहोश हुई; लखनऊ अग्निकांड का दर्द 'पापा मुझे बचा लीजिए, अब मैं बच नहीं पाऊंगा। आग पूरी बिल्डिंग में फैल चुकी है। हम लोगों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया है। यहां भी धुआं भर रहा है। बहुत घुटन हो रही है।' यह बात लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में फंसे एक छात्र ने रोते-रोते अपने पिता से फोन पर कही। (पढ़ें पूरी खबर)
    Click here to Read more
    Prev Article
    यूपी के 16 शहरों में बारिश, 38 में हीटवेव अलर्ट:15 दिन से बॉर्डर पर अटका मानसून, एक हफ्ते बाद एंट्री संभव; पारा 43.3°C
    Next Article
    बरेली सेंट्रल जेल से उम्रकैद का कैदी भागा:खेती का काम करने फॉर्म पर गया था; 4 टीमें ढूंढ रहीं, 7 जेलकर्मी सस्पेंड

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment