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    एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्र की गड्‌ढे में डूबकर मौत:नोएडा में पिकनिक मनाने गया था; 3 महीने पहले इंजीनियर युवराज की गई थी जान

    1 hour ago

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    नोएडा में एमिटी यूनिवर्सिटी के 23 साल के छात्र हर्षित भट्ट की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। बुधवार शाम परीक्षा खत्म होने के बाद हर्षित अपने तीन दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया था। इसी दौरान वह पानी से भरे गड्ढे में उतर गया और गहराई में चला गया और डूबने लगा। दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंची और हर्षित को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 16 जनवरी की रात नोएडा में ही 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता कार समेत करीब 30 फीट गहरे गड्ढे में गिर गए थे। करीब 80 मिनट तक मदद की गुहार लगाई। बाद में कार दलदल में समा गए। उस घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन सीईओ को हटाया गया था। नए सीईओ ने सिविल विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर 15 दिन के भीतर सभी गड्ढों से पानी निकालने, बैरिकेडिंग करने और नालों को कवर करने के आदेश दिए थे। हर्षित बीपीएड कर रहा था, पिता सेना में डीसीपी साद मियां खान के अनुसार, हर्षित भट्ट एमिटी यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) की पढ़ाई कर रहा था। उसका छठा सेमेस्टर चल रहा था। उसके पिता भारतीय सेना में हैं। अभी लद्दाख में तैनात हैं। परिवार में एक भाई और एक बहन हैं। डीसीपी ने बताया कि मंगलवार को चारों छात्रों का एग्जाम था। परीक्षा के बाद वे शराब लेकर एक खाली प्लॉट में पहुंचे, जहां उन्होंने शराब पी और फिर नहाने के लिए गड्ढे में उतर गए। पूछताछ में साथियों ने बताया कि वे पहले भी इस गड्ढे में नहा चुके थे, लेकिन इस बार हर्षित ज्यादा अंदर चला गया और डूबने लगा। सूचना मिलने के करीब 20 मिनट के भीतर पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंच गए। SDRF और NDRF की टीम भी बुलाई गई। हर्षित को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अब पढ़िए इंजीनियर युवराज की मौत कैसे हुई थी? 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे युवराज मेहता अपनी ग्रैंड विटारा कार से नोएडा के टाटा यूरिका पार्क जा रहे थे। सेक्टर-150 मोड़ पर यूटर्न था। घने कोहरे की वजह से आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं दिया। उनकी कार नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे एक प्लॉट के गड्ढे में गिर गई। यहां मॉल के बेसमेंट के लिए करीब 30 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। युवराज किसी तरह डूबती कार से बाहर निकलकर उसकी छत पर चढ़ गए। रात 12:20 बजे उन्होंने अपने पिता को फोन कर हादसे की जानकारी दी। कहा- पापा, मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता। पिता ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी और कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गए। करीब 30 मिनट बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें पहुंचीं। रात 1:15 बजे SDRF की टीम मौके पर आई। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद युवराज का शव बाहर निकाला जा सका। मामले ने तूल पकड़ने पर तत्कालीन नोएडा अथॉरिटी की सीईओ ऋतु महेश्वरी को पद से हटा दिया गया। यह कार्रवाई प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए की गई थी। वहीं, योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए SIT गठित करने के निर्देश दिए थे। --------------------- आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…
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