Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    DR. Krithika Reddy Murder | वाइट कोट के पीछे छुपा हत्यारा! एनेस्थीसिया के 'ओवरडोज' से पत्नी को सुलाया मौत की नींद, गर्लफ्रेंड को भेजा गुमराह करने वाला मैसेज

    3 hours from now

    1

    0

    बेंगलुरु की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर कृतिका रेड्डी की हत्या के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने आरोपी पति महेंद्र रेड्डी के मोबाइल से ऐसी डिजिटल चैट रिकवर की हैं, जो न केवल हत्या की साजिश की ओर इशारा करती हैं, बल्कि अपराध के बाद पुलिस को गुमराह करने की सोची-समझी योजना को भी उजागर करती हैं। अधिकारियों को शक है कि कृतिका की हत्या एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) की जानलेवा ओवरडोज़ देकर की गई थी। आरोप है कि उनके पति ने अपनी मेडिकल जानकारी का इस्तेमाल करके ऐसा किया, ताकि मौत को स्वाभाविक दिखाया जा सके।मैसेज से मामले को दबाने की कोशिश का संकेत मिलामोबाइल फोन और फाइनेंशियल ऐप्स से मिले डिजिटल सबूतों की मदद से घटनाओं के क्रम को फिर से जोड़ा जा सका है। आरोपी द्वारा कथित तौर पर अपनी गर्लफ्रेंड को भेजे गए एक मैसेज में उसे अधिकारियों को गुमराह करने का निर्देश दिया गया था। इसे भी पढ़ें: सीजफायर के नाम पर धोखाधड़ी? अब पीछे नहीं हटेगी अमेरिकी सेना, Donald Trump की ईरान को दो-टूक चेतावनी"यह देखने के बाद मुझे मैसेज या कॉल मत करना। जब हालात सामान्य हो जाएंगे, तो मैं तुमसे संपर्क करूंगा। अगर पुलिस हमारे रिश्ते के बारे में पूछे, तो कहना कि हम सिर्फ दोस्त हैं। अगर वे बार-बार किए गए कॉल के बारे में पूछें, तो कहना कि तुमने मुझसे मदद मांगी थी," मैसेज में कथित तौर पर यह लिखा था। अधिकारियों का कहना है कि इससे पता चलता है कि गवाहों के बयानों को प्रभावित करने और जांच में बाधा डालने की सोची-समझी कोशिश की गई थी।अपराध कबूलने जैसा मैसेज मिलाजांच के दौरान मिले एक अलग मैसेज में कथित तौर पर अपराध कबूलने की बात लिखी हुई है। आरोपी ने कथित तौर पर लिखा था मैं जल्द ही अपने माता-पिता और उसके माता-पिता को बता दूंगा कि मेरे पास कोई सबूत नहीं है, लेकिन मैंने कृतिका को मार डाला है। मैं जेल जाऊंगा। एक हत्यारा कभी खुश नहीं रह सकता, और मैं भी उसी तरह जिऊंगा। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियोजन पक्ष के डिजिटल सबूतों का एक अहम हिस्सा है।विशाल डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया गयाफोरेंसिक टीमों ने जब्त किए गए उपकरणों से निकाले गए भारी मात्रा में डेटा की जांच की है। अब तक 10.34 लाख से ज़्यादा डिजिटल फाइलों का विश्लेषण किया जा चुका है, जिसमें PhonePe ऐप के 485 चैट रिकॉर्ड और कई डिलीट किए गए मैसेज शामिल हैं, जिन्हें रिकवर किया गया था।इस डेटा का इस्तेमाल आरोपी से जुड़ी गतिविधियों, बातचीत के तरीकों और फाइनेंशियल लेन-देन का पता लगाने के लिए किया जा रहा है।इसे भी पढ़ें: Explained India Nuclear Energy | भारत का परमाणु धमाका... जो काम अमेरिका और फ्रांस अरबों डॉलर फेंक कर भी नहीं कर पाए, वो भारत ने कर दिखाया! जमानत याचिका खारिजएक समानांतर कानूनी घटनाक्रम में, मंगलवार को एक सत्र न्यायालय ने महेंद्र रेड्डी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने आरोपों की गंभीरता और सबूतों की मजबूती का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने टिप्पणी की कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री इस चरण में जमानत देने का कोई आधार नहीं देती है।  इलाज की आड़ में हत्यामहेंद्र रेड्डी को पिछले महीने अपनी डर्मेटोलॉजिस्ट पत्नी की कथित तौर पर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसने अपनी पत्नी को एनेस्थीसिया की दवा 'प्रोपोफोल' दी थी, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर सिर्फ़ ऑपरेशन थिएटर में ही करने की अनुमति होती है।दोनों विक्टोरिया अस्पताल में काम करते थे और उनकी शादी 26 मई, 2024 को हुई थी। शादी के एक साल से भी कम समय बाद, 23 अप्रैल, 2025 को, कृतिका मराठाहल्ली में अपने पिता के घर पर अचानक गिर पड़ीं। वह अपनी खराब सेहत की वजह से वहीं रह रही थीं।खबरों के मुताबिक, वह उनसे मिलने गया था और दो दिनों तक उन्हें नसों के ज़रिए इंजेक्शन देता रहा। उसने दावा किया था कि ये इंजेक्शन उनके इलाज का ही हिस्सा हैं। पास के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें 'मृत अवस्था में लाया गया' (brought dead) घोषित कर दिया।शुरुआत में, पुलिस ने 'अप्राकृतिक मृत्यु रिपोर्ट' (Unnatural Death Report) दर्ज की थी, क्योंकि पहली नज़र में यह मौत स्वाभाविक लग रही थी। हालाँकि, कृतिका की बहन, निकिता एम. रेड्डी को कुछ शक हुआ और उन्होंने मामले की विस्तृत जाँच की माँग की। महीनों बाद, फोरेंसिक रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हो गई कि कृतिका के शरीर के कई अंगों में 'प्रोपोफोल' मौजूद था। इससे यह साबित हो गया कि उन्हें एनेस्थीसिया की दवा दी गई थी।इसके बाद, इस मामले को 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 103 के तहत 'हत्या' के मामले में बदल दिया गया। आरोपी को उडुपी ज़िले के मणिपाल से गिरफ्तार किया गया, जहाँ वह इस घटना के बाद जाकर रहने लगा था।आपराधिक पृष्ठभूमि की जाँचपुलिस ने बताया कि आरोपी के परिवार का भी आपराधिक मामलों से पुराना नाता रहा है। उसके जुड़वाँ भाई, नागेंद्र रेड्डी जी.एस. पर साल 2018 में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हुए थे। वहीं, महेंद्र और उसके एक और भाई, राघव रेड्डी जी.एस. को साल 2023 में धमकी देने से जुड़े एक मामले में सह-आरोपी बनाया गया था। कृतिका के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के समय इन सभी बातों को उनसे छिपाकर रखा गया था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Israel US Iran Ceasefire Live updates: जेडी वेंस ने ईरान की 10 शर्तों पर ली चुटकी, कहा-लगता है इसे Chat GPT से लिखा गया
    Next Article
    Prabhasakshi NewsRoom: Assam, Kerala, Puducherry में लगी Voters की कतार, अबकी बार किसकी बनेगी सरकार?

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment