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    Prabhasakshi NewsRoom: Assam, Kerala, Puducherry में लगी Voters की कतार, अबकी बार किसकी बनेगी सरकार?

    3 hours from now

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    देश के तीन महत्वपूर्ण राज्यों केरल, असम और पुडुचेरी में आज कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। एक ही चरण में हो रहे इस चुनाव में असम की 126 सीटों, केरल की 140 सीटों और पुडुचेरी की 30 सीटों पर मतदान कराया जा रहा है। परिणाम चार मई को घोषित होंगे, लेकिन आज का दिन तय करेगा कि किसकी मेहनत रंग लाएगी और किसके दावे धरे रह जाएंगे।केरल की बात करें तो आपको बता दें कि मुकाबला बेहद रोचक और ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है। मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन के नेतृत्व में वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का सपना देख रहा है। वैसे अब तक राज्य में कोई भी गठबंधन लगातार तीन बार सरकार नहीं बना सका है, ऐसे में यह चुनाव इतिहास रचने का अवसर भी है और चुनौती भी। वाम मोर्चा अपनी दस साल की जनकल्याण योजनाओं को आधार बनाकर जनता से समर्थन मांग रहा है। उसका दावा है कि उसके अलावा कोई सही विकल्प नहीं है।इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Election: तिरुवल्लूर में Udhayanidhi Stalin की हुंकार, बोले- हमने हर चुनावी वादा पूरा कियावहीं दूसरी ओर कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में मिली बढ़त को विधानसभा की जीत में बदलने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस ने महिलाओं और छात्रों जैसे वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई तरह के वादे किए हैं। हालांकि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान भी सामने आई है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि जीत की स्थिति में सत्ता का नेतृत्व कौन करेगा।केरल की राजनीति में एक और दिलचस्प पहलू भारतीय जनता पार्टी का उभरना है। लोकसभा चुनाव में एक सीट जीतने के बाद पार्टी ने अपनी उपस्थिति मजबूत की है, जिससे पारंपरिक दो ध्रुवीय राजनीति में नया मोड़ आ गया है। चुनाव प्रचार के दौरान तीनों प्रमुख मोर्चों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी चला, जिससे मतदाताओं के सामने कई सवाल खड़े हुए हैं।वहीं असम में चुनावी लड़ाई और भी तीखी नजर आई। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पूरे प्रचार अभियान का नेतृत्व करते हुए खुद को केंद्र में रखा। उन्होंने पहचान की राजनीति, घुसपैठ और कल्याण योजनाओं को मुख्य मुद्दा बनाया। महिलाओं को सीधे लाभ देने वाली योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और दो लाख सरकारी नौकरियों का वादा भी किया।असम में विपक्ष भी पूरी ताकत से मैदान में है। कांग्रेस के नेतृत्व में कई दलों का गठबंधन सत्ता को चुनौती दे रहा है। हालांकि यह लड़ाई भाजपा के लिए आसान मानी जा रही है क्योंकि सत्ताधारी पक्ष के पास मजबूत संगठन और संसाधन हैं।हम आपको बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान व्यक्तिगत आरोपों का स्तर भी काफी नीचे तक गया, जिससे राजनीतिक माहौल और गरम हो गया।वहीं पुडुचेरी में तस्वीर थोड़ी अलग है। यहां सीटों की संख्या कम होने के कारण हर प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि और स्थानीय प्रभाव निर्णायक साबित हो सकता है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री एन रंगासामी कर रहे हैं। वह अपनी सत्ता बचाने की कोशिश में है। यहां बड़े मुद्दों से ज्यादा स्थानीय समीकरण और व्यक्तिगत भरोसा अहम माना जा रहा है।हम आपको बता दें कि तीनों राज्यों में मतदान शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती से लेकर मतदान केंद्रों पर सुविधाओं तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया है। मतदाता भी बढ़ चढ़कर भागीदारी कर रहे हैं, जिससे लोकतंत्र की मजबूती का संदेश मिल रहा है।देखा जाए तो आज का मतदान केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं और विश्वास की परीक्षा भी है। अब नजरें चार मई पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि किस राज्य में किसकी रणनीति सफल रही और किसे जनता ने नकार दिया।
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