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    यूपी के 12 शहरों में शरीर को झुलसा रही धूप:नहीं बचे तो समय से पहले आएगा बुढ़ापा, स्किन कैंसर का खतरा

    9 hours ago

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    देशभर में भीषण गर्मी और आसमान साफ रहने से अल्ट्रावायलेट रेडिएशन सीधे धरती पर पहुंच रहा है। यूपी के बांदा, प्रयागराज, लखनऊ जैसे कई शहरों में भी रेडिएशन का लेवल हाई है। यहां 15 मिनट से ज्यादा समय तक धूप में रहने से स्किन झुलस (सनबर्न) सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये हमारे DNA को भी नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में जानना जरूरी है कि 'अल्ट्रावायलेट रेडिएशन' क्या होता है? यूपी के जिलों में रेडिएशन का स्तर क्या है? इससे होने वाले नुकसान से कैसे बचा जा सकता है? पढ़िए भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल- अल्ट्रावायलेट रेडिएशन क्या होता है? जवाब- अल्ट्रावायलेट (UV) रेडिएशन सूरज से निकलने वाली ऐसी किरणें हैं, जो आंखों से दिखाई नहीं देतीं। लेकिन, ये हमारे बॉडी और स्किन को नुकसान पहुंचाती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये रेडिएशन शरीर में विटामिन-डी बनाने के लिए जरूरी होता है। लेकिन, ज्यादा देर तक इसके संपर्क में रहने से सनबर्न (धूप की वजह से स्किन जलना), मोतियाबिंद और स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। सवाल- किन शहरों में UV रेडिएशन का खतरा सबसे ज्यादा है? जवाब- पूरे यूपी में भीषण गर्मी पड़ रही है। आसमान साफ होने की वजह से सूरज की किरणें बिना रुकावट के सीधे जमीन तक पहुंच रहीं। इस वजह से यूपी के कई जिलों में अल्ट्रावायलेट रेडिएशन खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। वेदर वेबसाइट ‘टूटिएम्पो’ के मुताबिक, यूपी के ज्यादातर जिलों में UV रेडिएशन 8 या उससे ऊपर है। इसका सबसे ज्यादा खतरा बुंदेलखंड के जिलों में है। बांदा, झांसी, ललितपुर, महोबा में UV रेडिएशन 10 तक पहुंच गया है। ये रेडिएशन के बहुत ज्यादा खतरनाक स्तर को दिखाता है। सवाल- कहां UV रेडिएशन का खतरा सबसे ज्यादा है? जवाब- भारत के दक्षिणी और पहाड़ी राज्यों में UV रेडिएशन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। दक्षिणी राज्य भूमध्य रेखा के करीब हैं। गर्मी के दिनों में यहां सूरज की किरणें सीधी पड़ती हैं। इससे अल्ट्रावायलेट रेडिएशन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा पहाड़ों पर भी अल्ट्रावायलेट रेडिएशन का खतरा 10 से 12% बढ़ जाता है। पतली हवा और ओजोन की कम डेंसिटी रेडिएशन को नहीं रोक पाती। बर्फ से ढकी चोटियां UV किरणों को आईने की तरह रिफ्लेक्ट करती हैं, जिससे प्रभाव दोगुना हो जाता है। यही वजह है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और सिक्किम में UV रेडिएशन हाई रहता है। सवाल- क्या ओजोन परत UV रेडिएशन नहीं रोक पाती? जवाब- सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें तीन तरह की होती हैं। इन्हें UV-A, UV-B और UV-C कहते हैं। ओजोन परत UV-A रेडिएशन को रोक नहीं पाती। इसका करीब 100% हिस्सा धरती तक पहुंचता है। ये अन्य दो तरह के UV रेडिएशन से कम खतरनाक होती है। UV-A त्वचा में गहराई तक जाकर समय से पहले बुढ़ापा (झुर्रियां, ढीली त्वचा, सनबर्न) की वजह बन सकती है। वहीं, UV-B रेडिएशन का सिर्फ 5% हिस्सा ही धरती पर आता है, जबकि 95% को ओजोन परत रोक लेती है। इससे स्किन कैंसर और मोतियाबिंद जैसी बीमारियां हो सकती हैं। ओजोन जानलेवा UV-C रेडिएशन को 100% सोखकर एक भी किरण धरती तक नहीं पहुंचने देती। इसके संपर्क में आने से शरीर की जीवित कोशिकाएं तुरंत नष्ट हो सकती हैं। इस तरह ओजोन पर सूरज से आने वाले करीब 90% रेडिएशन को रोक लेता है। सिर्फ 10% रेडिएशन ही धरती की सतह तक पहुंच पाता है। सवाल- UV रेडिएशन से कैसे बच सकते हैं? जवाब- स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. जांगिड़ बताते हैं- सुबह 10 से शाम 4 बजे तक UV रेडिएशन सबसे ज्यादा रहता है। इस समय सीधी धूप से बचना चाहिए। बाहर निकलते समय सन प्रोटेक्शन फैक्टर (SPF) 30 या उससे ज्यादा का सनस्क्रीन लगाएं। SPF नंबर बताता है कि सनस्क्रीन कितनी देर तक आपको धूप में बचाएगा? उदाहरण के लिए अगर आप SPF 30 वाला सनस्क्रीन लोशन लगाते हैं, तो 30X10 यानी 300 मिनट तक सेफ रखेगा। इसके अलावा फुल स्लीव कपड़े, टोपी और सनग्लासेस का भी इस्तेमाल करें। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी देश में सबसे गर्म, बांदा 47.4°C, मौसम विभाग बोला- दोपहर में बाहर न निकलें; कल से बदलेगा मौसम यूपी भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। सीजन में पहली बार तापमान 47°C के पार पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में बांदा देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां गर्मी ने पिछले 4 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां दिन का तापमान 47.4°C रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 2022 में 30 अप्रैल को यहां पारा 47°C के पार गया था। पूरी खबर पढ़ें…
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