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    योगी बोले-शिक्षामित्रों को इसी महीने से 18 हजार मिलेंगे:अनुदेशकों का भी बढ़ा मानदेय मिलेगा; काशी में स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की

    11 hours ago

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    सीएम योगी ने वाराणसी में शनिवार को 1.70 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया। कहा-इसी महीने से शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मानदेय मिलेगा। अभी तक शिक्षामित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए ही मिल रहे थे। सीएम ने सुबह 10 बजे शिवपुर के परिषदीय स्कूल में ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ किया। उन्होंने बच्चों को खुद कंधे पर स्कूल बैग पहनाया। गिफ्ट और किताबें दीं। हालचाल पूछा। बाद में बच्चों को खुद खाना परोसा। सीएम ने सपा सरकार पर हमला किया। कहा- 2017 से पहले सरकार के एजेंडे में शिक्षा नहीं थी। उनके लोग नकल कराते थे, ताकि उनके स्कूलों में पढ़ाई न हो। इस तरह की कामचलाऊ व्यवस्था से समाज आगे नहीं बढ़ता। इससे पहले सीएम ने काल भैरव के दर्शन किए। चौखट को हाथ से छूकर प्रणाम किया। फिर मंदिर के अंदर प्रवेश करते समय श्रद्धालुओं और पुजारियों को हाथ जोड़कर अभिवादन किया। इसके बाद बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और बाबा का विधिवत षोडशोपचार विधि से पूजन किया। आरती भी उतारी। तस्वीरें देखिए- सीएम की बड़ी बातें पढ़िए- 1- ‘पहले बच्चे भैंस, कीचड़ में खेलते मिलते थे’ सीएम ने कहा- पहले तीसरी, चौथी, पांचवीं और छठी के बाद बच्चे स्कूल छोड़ देते थे। किसी भी सड़क से जाओ तो बच्चे दिनभर घूमते मिलते थे। कोई तालाब में, कोई कीचड़ में, तो कोई भैंसों के साथ खेलता मिलता था। हम बच्चों से पूछते थे कि स्कूल क्यों नहीं जा रहे। पता चलता था कि स्कूल दूर हैं। 2- ‘स्कूली शिक्षा पर 80 हजार करोड़ से अधिक खर्च’ योगी ने कहा- स्कूली शिक्षा पर हम यूपी में 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च करते हैं। इसका रिजल्ट आना चाहिए। जहां कस्तूरबा गांधी स्कूल नहीं थे, वहां इस बजट में हमने पैसा दिया। कस्तूरबा गांधी स्कूलों में 8वीं तक की पढ़ाई थी, जिसके बाद बच्चियां स्कूल जाना बंद कर देती थीं। हमने कहा कि इसे 12वीं तक करेंगे। 3-‘2017 से पहले हमने जर्जर स्कूल भी देखे’ मुझे याद है, जब 2017 में हमारी सरकार बनी थी। हम लोगों ने 1 जुलाई को स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया था। उससे पहले मुझे अलग-अलग जिलों में जाने का अवसर मिला था। मैंने बेसिक शिक्षा विभाग के भवनों की जर्जर स्थिति देखी। बंदी की कगार पर पहुंच रहे स्कूलों के बारे में जानकारी ली। मैं एक स्कूल में गया था, जहां प्रिंसिपल ने बताया कि उनके स्कूल में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है। 10 से कम बच्चे रह गए हैं। नए सत्र में शायद ये बच्चे भी न आएं। मैंने प्रिंसिपल से पूछा कि आखिर ये बच्चे कहां जा रहे हैं। जवाब मिला-बच्चों में पढ़ने की रुचि नहीं है। तब मैंने प्रिंसिपल से कहा था- बच्चों में पढ़ने की रुचि नहीं है या आप में पढ़ाने की रुचि नहीं है। बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाना ही हमारा काम है। 4- ‘सामाजिक-आर्थिक समानता लानी है तो सबको शिक्षित करना होगा’ योगी ने कहा- याद रखना, सामाजिक और आर्थिक समानता लानी है तो सबको शिक्षित करना होगा। पहले स्थितियां कैसी थीं? स्कूलों में बच्चों का ड्रॉपआउट रेट 19% से ज्यादा हो गया था। लेकिन अब ड्रॉपआउट रेट 19% से घटकर 3% पर पहुंच गया है। हमें इसे 0% पर लाना है। शिक्षा का मतलब सिर्फ सर्टिफिकेट या डिग्री लेना नहीं होता। शिक्षा इंसान को अच्छे संस्कार देने और सही रास्ता दिखाने का जरिया है। यह जिम्मेदारी ईश्वर ने हमारे गुरुजनों को सौंपी है। अगर शिक्षा इस भूमिका को सही तरीके से निभाए, तो समाज और देश दोनों को अच्छे नतीजे मिलेंगे। 5- ‘1.36 लाख स्कूल सुविधाओं से लैस हुए’ योगी ने कहा-ऑपरेशन कायाकल्प को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया गया। आज ऑपरेशन कायाकल्प की बात होती है तो भारत सरकार के नीति आयोग ने देश में शिक्षा की सक्सेस स्टोरी के रूप में ऑपरेशन कायाकल्प को जगह दी है। इस ऑपरेशन में 1 लाख 36 हजार से ज्यादा स्कूल सभी सुविधाओं से लैस हुए हैं। ऑपरेशन निपुण से सामान्य शिक्षा के मामले में बच्चों में जिज्ञासा बढ़ी है। हमारे शिक्षकों ने मेहनत की। उसी जर्जर स्कूल में मैं 3 साल बाद गया तो वही प्रिंसिपल थे और 250 से ज्यादा बच्चे थे। प्रिंसिपल का चयन राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए हुआ था। 6- ‘2017 के पहले 60% से ज्यादा बालिकाएं नंगे पैर चलती थीं’ योगी ने कहा- मुझे याद है, 2017 के पहले 60% से ज्यादा बालिकाएं नंगे पैर चलती थीं। सर्दी हो या गर्मी, बदन पर सिर्फ एक फटी कुर्ती होती थी। कमोबेश बालकों की स्थिति भी ऐसी ही थी। आज मैं कह सकता हूं कि बेसिक शिक्षा में पढ़ने वाले सभी बच्चों को डबल इंजन की सरकार ने साल में 2 ड्रेस, बैग, किताबें, जूते और मोजे सब मुफ्त में दिलाए हैं। जैसे ही एडमिशन प्रक्रिया शुरू होगी, 15 अप्रैल और 15 जुलाई के बाद दो चरणों में पैसे अभिभावकों के खाते में दिए जाएंगे। 7- ‘मैं आज भी अपने शिक्षकों का पैर छूता हूं’ योगी ने टीचरों से कहा-देश के भविष्य को गढ़ने और उसे तराशने की जिम्मेदारी ईश्वर ने आपको दी है। अगर आप इस दायित्व का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करेंगे, तो आपका जीवन भी यशस्वी होगा और ये बच्चे जब आगे बढ़ेंगे, तो आपको याद करते हुए हमेशा सम्मान देंगे। हम लोगों को जिन शिक्षकों ने बचपन में पढ़ाया था, उनसे कभी मिलते हैं तो मैं आज भी उनके पैर छूता हूं। मैं यह नहीं कहता कि मैं संन्यासी हूं, इसलिए पैर नहीं छूऊंगा। वे मेरे गुरुजन थे, मैं आज भी उनका सम्मान करता हूं। मैं यह नहीं मानता कि उन्होंने मुझे केवल बेसिक शिक्षा में पढ़ाया था, उन्होंने मुझे अक्षर ज्ञान कराया और इसलिए मैं आज भी उन्हें सम्मान देता हूं। मैं जब भी जाता हूं, उन्हें बुलवाकर सम्मान करता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं और अगर कभी मुलाकात होती है तो पूरा आदर करता हूं। मुझे लगता है कि ऐसे संस्कार आपको अपने बच्चों के अंदर भरने पड़ेंगे। अब हर जनपद में पहले चरण में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालय बनाए गए हैं। इस बार के बजट में भी दो-दो और विद्यालयों के लिए प्रावधान किया गया है, ताकि प्री-प्राइमरी से लेकर 10वीं-12वीं तक एक ही कैंपस में बच्चे अत्याधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकें। ---------------------- आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ये खबर भी पढ़ें… काशी में योगी ने फिल्म धुरंधर की तारीफ की; कहा- अब फिल्मों में 'डकैत' दिखाए जा रहे, MP के सीएम ने गिफ्ट की वैदिक घड़ी सीएम योगी ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ की। मौका था, काशी में शुक्रवार को चल रहे विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का। योगी ने कहा- आज की फिल्मों में ‘डकैतों’ को दिखाया जा रहा है। आज की फिल्में बदली हैं। पहले तो सही को गलत और गलत को सही दिखाया जा रहा था। अब सही को सही दिखाया जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर
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