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    उन्नाव रेप पीड़िता बोली...CBI की लेटलतीफी की सजा मुझे क्यों?:VIDEO जारी कर कहा- चुप्पी बता रही...कुलदीप सेंगर से बड़ी डील हुई, आरोपियों को HC से राहत

    5 hours ago

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    उन्नाव के बहुचर्चित रेप कांड की पीड़िता ने एक और वीडियो जारी किया है। वीडियो में उसने अपने पिता की हत्या के दोषियों को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिलने पर विरोध जताया है। पीड़िता ने कोर्ट से अपील करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने वीडियो में कहा- आरोपियों के खिलाफ सजा बढ़ाने की मेरी अपील को सिर्फ इसीलिए रद्द कर दिया गया है कि मेरी अपील 1945 दिन की देरी से हुई। लेकिन मैं कहना चाहती हूं, मेरा केस तो सीबीआई बनाम कुलदीप सिंह सेंगर था। केस सीबीआई लड़ रही थी, तो देरी सीबीआई ने की, फिर अन्याय मेरे साथ क्यों? सीबीआई की चुप्पी बता रही है कि कुलदीप सिंह सेंगर से कोई बड़ी डील हो चुकी है। बता दें कि उन्नाव माखी कांड मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट ने 21 अप्रैल को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने पीड़िता की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें सेंगर की सजा को बढ़ाकर फांसी देने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सजा बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं पाए गए। यह मामला पप्पू सिंह प्रकरण से संबंधित है, जिसमें सेंगर को 10 साल की कारावास की सजा सुनाई गई थी और वह वर्तमान में यह सजा काट रहे हैं। पहले 5 पॉइंट में जानिए उन्नाव गैंगरेप केस... अब पढ़िए 5 मिनट के वीडियो में पीड़िता ने क्या-क्या कहा… मेरा सभी मीडिया कर्मियों, भाइयों और बहनों से हाथ जोड़कर निवेदन है कि मेरी आवाज देश तक पहुंचाई जाए। मैं उन्नाव के माखी रेप कांड की पीड़िता हूं और एक बार फिर माननीय दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले से मुझे गहरा झटका लगा है। मेरे रेप और मेरे पिता की हत्या के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ी राहत मिली है। पुलिस कस्टडी में मेरे पिता की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या के मामले में सजा बढ़ाने की मेरी अपील सिर्फ इसलिए खारिज कर दी गई कि इसमें 1945 दिन की देरी बताई गई। मैं कहना चाहती हूं कि मेरा केस तो ‘’सीबीआई बनाम कुलदीप सिंह सेंगर'' था। जब केस सीबीआई लड़ रही थी, तो अपील में देरी सीबीआई की थी, फिर इसका अन्याय मेरे साथ क्यों हुआ? जुलाई 2019 में मेरा एक्सीडेंट कराया गया, जिसमें मेरे वकील, मेरी मौसी और मेरी चाची की मौत हो गई। मैं खुद छह महीने तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से लड़ती रही। मेरे पैरोकार चाचा पहले ही जेल भेज दिए गए थे। ऐसे में मैं वेंटिलेटर पर थी, तो पैरवी कौन करता? जब मैं ठीक हुई, तब तक मैं मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी। इसके बाद भी मैंने हिम्मत नहीं हारी और केस लड़ती रही। मैंने कई बार सीबीआई के अफसरों और वकीलों से सजा बढ़ाने की अपील करने को कहा, लेकिन मुझे टाल दिया गया। इस दौरान मेरी शादी हुई, मेरे दो बच्चे हुए। क्या इन हालात में हर तारीख पर पहुंचना इतना आसान था? मेरे लिए सबसे बड़ा सवाल सीबीआई से है कि समय रहते अपील क्यों नहीं की गई? क्या सेंगर को कानूनी लाभ पहुंचाने की कोई योजना थी? मैं यह सवाल यूं ही नहीं उठा रही हूं। मेरे पिता की हत्या के अहम गवाह पत्रकार वीरेंद्र यादव ने बिना डरे अदालत में सच बोला। लेकिन सेंगर और उनके समर्थकों ने प्रशासन के सहयोग से उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें जेल तक भिजवा दिया। मैं पूछना चाहती हूं कि क्या सीबीआई के गवाह पत्रकार को इसलिए गुंडा बना दिया गया क्योंकि उसने सच बोला? उन्होंने सीबीआई से मदद मांगी, लेकिन अपने ही गवाह की मदद करने के लिए एजेंसी आगे क्यों नहीं आई? सीबीआई की यह चुप्पी मुझे शक करने पर मजबूर करती है। मैं माननीय सुप्रीम कोर्ट से अपील करती हूं कि मुझे न्याय दिया जाए और सीबीआई से पूछा जाए कि अपील में देरी क्यों हुई। अगर गलती सीबीआई की थी, तो अपने पिता को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रही मुझे सजा क्यों मिल रही है? मैं उनकी बेटी हूं, मुझे सजा क्यों? मैं आप सभी से हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि मेरी आवाज बनें और मेरी बात न्यायाधीशों तक पहुंचाएं। मुझे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों से उम्मीद है कि वे मुझे न्याय देंगे और इस बेटी की उम्मीद को जिंदा रखेंगे। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़िए… यूपी के मिर्जापुर में सड़क हादसा, 11 की मौत:इनमें से 9 जिंदा जले, बोलेरो और कार ट्रक-ट्राले से टकराईं, बोलेरो में आग लगी यूपी के मिर्जापुर में बुधवार रात सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें बोलेरो सवार 9 लोग जिंदा जल गए। हादसा रात 9.30 बजे मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर हुआ। पुलिस के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रक का अचानक ब्रेक फेल हो गया। वो बेकाबू हो गया। ट्रक ने आगे चल रही बोलेरो और स्विफ्ट कार को टक्कर मार दी। दोनों गाड़ियां आगे चल रहे एक ट्राले से जा टकरा गईं। पूरी खबर पढ़िए…
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