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    दसलक्षण महापर्व के पांचवें दिन उत्तम शौंच धर्म की पूजा:कुरावली के श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा और संगीतमय पूजन

    1 hour ago

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    मैनपुरी के कुरावली नगर में दसलक्षण महापर्व के पांचवें दिन रविवार को श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह से ही मंदिर परिसर भगवान जिनेंद्र की भक्ति से गूंजता रहा। जैन श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और संगीतमय पूजन कर उत्तम शौंच धर्म की पूजा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत जिनेंद्र अभिषेक और शांतिधारा के साथ हुई। मूलनायक भगवान के प्रथम अभिषेक और शांतिधारा के बाद दूसरे और तीसरे अभिषेक के लिए बोली लगाई गई। इसके बाद स्वाध्याय भवन में ब्राह्मी विद्या आश्रम, जबलपुर से आईं समाधिस्थ आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की शिष्याएं चंद्रप्रभा दीदी और संध्या दीदी की मौजूदगी में दसलक्षण धर्म की पूजा की गई। मुरैना, मध्य प्रदेश से आए निलेश जैन एंड म्यूजिकल ग्रुप ने संगीतमय पूजन और भक्ति कराई। भजनों की धुन पर श्रद्धालु भगवान की भक्ति में झूमते नजर आए। मंदिर परिसर में पूजा और भक्ति के माहौल से पूरा आयोजन आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा। लोभ और परिग्रह से मुक्त होने का संदेश प्रवचन में चंद्रप्रभा दीदी और संध्या दीदी ने उत्तम शौंच धर्म का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि शौंच का अर्थ केवल बाहरी सफाई नहीं, बल्कि आत्मा को लोभ, लालच, संग्रह और परिग्रह की भावना से मुक्त करना है। बाहरी वस्तुओं का कितना भी संग्रह कर लिया जाए, मन की पवित्रता तभी आती है जब किसी वस्तु को पाने या अपने अधिकार में रखने की इच्छा कम होने लगे। उन्होंने बताया कि जैन दर्शन में दसलक्षण धर्म आत्मा के भीतर छिपे गुणों को जागृत करने का माध्यम है। उत्तम शौंच यह सिखाता है कि धन, वस्तुओं और भौतिक सुखों का संग्रह जीवन का अंतिम उद्देश्य नहीं है। आत्मा का स्वभाव शुद्ध है, लेकिन लोभ और मोह के कारण उसकी शुद्धता ढक जाती है। साधना का उद्देश्य इन्हीं विकारों को दूर कर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पाना है। दीदियों ने श्रद्धालुओं से मन में संतोष, व्यवहार में सरलता और जीवन में संयम अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दसलक्षण महापर्व केवल मंदिर में पूजा करने का अवसर नहीं, बल्कि दस दिनों तक अपने भीतर झांकने और आत्मिक सुधार करने का अवसर है। आयोजन में जैन समाज के संरक्षक गिरीश जैन, अध्यक्ष मुकेश जैन, महामंत्री अभिषेक जैन, कोषाध्यक्ष अखिल जैन, कुलदीप जैन, शुभम जैन, डॉ. सुशील जैन, प्रदीप जैन, सुशील प्रचण्डिया, नवीन जैन, आरोही जैन, सुमन जैन, सेजल जैन, भूमि जैन, मान्य जैन, महक जैन समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि शाम को आरती एवं भक्ति कार्यक्रम के बाद मांगलिक प्रवचन होंगे। इसके बाद पाठशाला के बच्चों और महिलाओं की ओर से सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
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