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    TGT-PGT अभ्यर्थियों का आमरण अनशन 13वें दिन भी जारी:छात्र बोले- पीजीटी भर्ती के नए विज्ञापन तुगलकी फरमान, नई नियमावली सही नहीं

    16 hours ago

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    टीजीटी-पीजीटी भर्ती की नई नियमावली के खिलाफ प्रयागराज में बैठे अभ्यर्थियों का आमरण अनशन 13वें दिन भी जारी है। आयोग की ओर से 15 सितंबर को जारी नए विज्ञापन को अभ्यर्थियों ने तुगलकी फरमान बताया है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि चार महीने पहले कराई गई परीक्षा में जो छात्र पात्र थे, उन्हें अब अचानक नई शर्तों (बी.एड., टीईटी, जीके-जीएस, नेगेटिव मार्किंग) के जरिए अयोग्य घोषित किया जा रहा है। 2 तस्वीरें देखिए… अभ्यर्थी आरती सिंह ने कहा कि नई नियमावली एक प्रतिशत भी सही नहीं है और मांग की कि पुरानी नियमावली से ही टीजीटी-पीजीटी दोनों विज्ञापन वापस कराए जाएं। 5 सितंबर से छात्र आमरण अनशन पर हैं, लेकिन कोई अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया है। बिना पूर्व सूचना के अचानक टीईटी, नेगेटिव मार्किंग और बी.एड. अनिवार्य करना गलत है, क्योंकि कुछ ही महीनों में बी.एड. डिग्री हासिल करना असंभव है। अनशन पर बैठे रोशन सरोज का कहना है कि सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है, क्योंकि विरोध के बावजूद नई नियमावली से पीजीटी का विज्ञापन जारी कर दिया गया। ​उनका कहना है कि नए नियमों से सात-आठ लाख अभ्यर्थी प्रभावित होंगे। छात्रों की मांग है कि पुरानी नियमावली बहाल की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक पुरानी व्यवस्था से टीजीटी का विज्ञापन नहीं आता, उनका आमरण अनशन अनवरत जारी रहेगा। पिंटू यादव ने कहा कि प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ एक तानाशाही और 'तुगलकी फरमान' जारी किया है। जिसका मकसद आगामी भर्ती विज्ञापनों से छात्रों की छंटनी करना है। सरकार ऐसा इसलिए कर रही है ताकि वह झूठे आंकड़े पेश कर सके कि राज्य में बेरोजगार युवा नहीं हैं। यह नीति पूरी तरह से अतार्किक और अन्यायपूर्ण है। जो छात्र महज चार महीने पहले आयोजित की गई परीक्षा में पूरी तरह से योग्य माने गए थे, उन्हें अब अचानक अयोग्य घोषित किया जा रहा है। यह सीधा-सीधा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अपनी कमियों और बेरोजगारी को छिपाने के लिए छात्रों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर करना उनके अधिकारों का हनन और एक सरासर अन्याय है। बुधवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पीजीटी के 2,607 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया है। जिसका विरोध छात्र कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक टीजीटी का विज्ञापन भी पुरानी नियमावली से जारी नहीं होता, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। वे बिहार जैसा बड़ा प्रदर्शन करने की बात भी कर रहे हैं।
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