Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    तेजस-HTT अंकुर-HTT...HAL का ट्रिपल धमाका, रक्षा मंत्री ने कर दिया बड़ा ऐलान

    21 hours ago

    2

    0

    एचएएल ने एक साथ तीन बड़ी उपलब्धियां देश के सामने रखी हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू की मौजूदगी में एचएल ने भारतीय वायुसेना को दो सीट वाले एलसीए तेजस एफओसी ट्रेनर के अंतिम बैच के विमान सौंपे। इसके साथ ही स्वदेशी एचटीटी 40 बेसिक ट्रेनर विमान की सीरीज प्रोडक्शन का पहला विमान भी वायुसेना को सौंपा गया। वहीं पवन हंस लिमिटेड को चार ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन हेलीकॉप्टर दिए गए। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि देश तीन महत्वपूर्ण उपलब्धियों का गवाह बना है। इसमें स्वदेशी ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन सिविल हेलीकॉप्टर को डीजीसीए का टाइप सर्टिफिकेशन मिलना, एलसीएफओसी ट्रेनर के अंतिम बैच की वायुसेना को डिलीवरी और एचटीटी 40 बेसिक ट्रेनर सीरीज प्रोडक्शन के पहले विमान की डिलीवरी शामिल है। एक साथ तीन इंपॉर्टेंट अचीवमेंट्स के साक्षी बने हैं। पहला इंडजसली डिज़ एंड डेवलप्ड ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन सिविल हेलीकॉप्टर को डीजीसीए द्वारा टाइप सर्टिफिकेशन प्रदान कर हैंड ओवर किया गया है। दूसरा एलसीए फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस यानी एफओसी ट्रेनर के अंतिम बैच को इंडियन एयरफोर्स को हैंड ओवर किया गया है। एचटीटी 40 बेसिक ट्रेनर सीरीज प्रोडक्शन का पहला एयरक्राफ्ट इंडियन एयरफोर्स को हैंड ओवर किया गया है। इन डिलीवरी के साथ एचएल ने सैन्य और सिविल दोनों तरह के एयररोस्पेस सेक्टर में स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन किया। इसे भी पढ़ें: AI की एक मिस्टेक और छिड़ जाता अमेरिका-चीन में विनाशक युद्ध, गलत रिपोर्ट पर US आर्मी ने कर ली थी हमले की पूरी तैयारीखासतौर पर ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन हेलीकॉप्टर को एचएएल ने देश में ही डिजाइन और विकसित किया है। करीब 5.5 टन वजन वाला यह हल्का दो इंजन वाला मल्टी रोल हेलीकॉप्टर है। कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने खुद ध्रुव हेलीकॉप्टर के अंदर जाकर उसका निरीक्षण भी किया। वहीं HTT4 को भारतीय वायुसेना के पायलट्स की शुरुआती ट्रेनिंग के लिए तैयार किया गया। यह पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और विकास पर आधारित बेसिक ट्रेनर विमान है। इसकी डिलीवरी के साथ 70 एचटीटी 40 विमानों के अनुबंध के तहत सप्लाई की शुरुआत हो गई है। वायुसेना में शामिल किए गए इस विमान को अंकुर नाम दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ एलसीए एफओसी ट्रेनर तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट परिवार की ट्रेनिंग क्षमता को मजबूत करेगा। दो सीट वाला यह विमान नए पायलट्स को आधुनिक फाइटर एयरक्राफ्ट ऑपरेशंस के लिए तैयार करने में मदद करेगा। इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के बदलते युद्ध के माहौल में सिर्फ आधुनिक हथियार होना काफी नहीं है। प्रशिक्षित जवान एडवांस टेक्नोलॉजी, इंटीग्रेटेड सिस्टम और तेजी से फैसला लेने की क्षमता इन सभी का तालमेल जरूरी है।इसे भी पढ़ें: आतंकी संगठनों में नहीं भर्ती हो रहे स्थानीय युवा, पत्थरबाजी और अलगाववाद बंद, घुसपैठ के सभी प्रयास विफल, Modi राज की सफलता को दर्शा रहे हैं J&K संबंधी ताजा आंकड़े रक्षा मंत्री ने इस मौके पर सिविल एिएशन और डिफेंस एयररोस्पेस के बीच बढ़ती साझेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का एरोस्पेस सेक्टर सिर्फ रक्षा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए और देश का ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना होगा जो सिविल और मिलिट्री दोनों एिएशन सेक्टर की जरूरतें पूरी कर सके। साथियों आज के आयोजन का एक और महत्वपूर्ण एस्पेक्ट है और वह है सिविल एिएशन और डिफेंस एयररोस्पेस कैपेबिलिटीज के बीच बढ़ती सिनर्जी का। एक मजबूत एयररोस्पेस इंडस्ट्री का विकास केवल डिफेंस रिक्वायरमेंट्स को फुलफिल करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। हमें ऐसा इकोसिस्टम विकसित करना है जो सिविल और मिलिट्री एिएशन दोनों सेक्टर्स की रिक्वायरमेंट्स को इफेक्टिवली एड्रेस कर सके। इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton: भारतीय टीम के सामने Japan की कड़ी चुनौतीएनवायरमेंट में कंबैट इफेक्टिवनेस को वेल ट्रेंड पर्सनल एडवांस टेक्नोलॉजी इंटीग्रेटेड सिस्टम्स और रैपिड डिसीजन मेकिंग इत्याद का कॉम्बिनेशन ही इंश्योर कर पाएगा। एलएसी एफओसी ट्रेनर हमारे पायलट्स को इसी डिमांडिंग ऑपरेशनल एनवायरमेंट के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण कंट्रीब्यूशन करेगा। ऐसा मेरा विश्वास है। राजनाथ सिंह ने कहा कि एयरक्राफ्ट डिजाइन एयनिक्स प्रोपशन कंपोजिट मटेरियल फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग और सर्टिफिकेशन जैसी क्षमताएं देश में विकसित होने से पूरे एरोस्पेस सेक्टर को फायदा होगा।  
    Click here to Read more
    Prev Article
    कहां पर रखा है मिसाइलों का जखीरा ये इजरायल को बताया, मोसाद के जासूस को ईरान ने फांसी पर लटकाया
    Next Article
    Ai+ Nova 2 5G आज भारत में होगा लॉन्च, 7000mAh Battery और 48MP कैमरा से है लैस

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment