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    सहारनपुर में फर्जी वसीयत से हड़प लिया मकान:कोर्ट के आदेश पर विधवा महिला ने चार लोगों पर कराई FIR

    3 hours ago

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    सहारनपुर के सदर बाजार थाना क्षेत्र में एक विधवा महिला ने अपने ससुर की संपत्ति हड़पने के लिए फर्जी वसीयत तैयार करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में चार लोगों को नामजद करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। जिसके बाद चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। थाना सदर बाजार के प्रधुमन नगर निवासी शिवानी शुक्ला ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके ससुर विष्णुकांत शुक्ला हिंदी के प्रोफेसर थे और 2001 में रिटायर हुए थे। उनकी 16 अक्टूबर 2025 को मृत्यु हो गई। इससे पहले ही वर्ष 2017 में उनके पति आशुतोष शुक्ला का भी निधन हो चुका है। शिवानी अपनी दो अविवाहित बेटियों के साथ ससुर के साथ ही रहती थीं। महिला का आरोप है कि ससुर ने जीवनकाल में ही तय कर लिया था कि प्रधुमन नगर स्थित करीब 400 गज का दो मंजिला मकान उनके बेटे (प्रार्थिया के पति) के परिवार को मिलेगा और बेटी माधवी शर्मा को पहले ही पैसा दिया जा चुका है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 2025 में ससुर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पहले देहरादून और फिर मेरठ में इलाज चला, जहां उन्हें ब्रेन से जुड़ी गंभीर बीमारी बताई गई। बाद में दिल्ली के अस्पताल में सर्जरी हुई, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती चली गई और वे बोलने-समझने की स्थिति में नहीं रहे। वसीयत पूरी तरह फर्जी आरोप है कि इसी दौरान आरोपी उन्हें अपने साथ दिल्ली ले गए और उनके मोबाइल व बैंक से जुड़ी जानकारी अपने कब्जे में ले ली। महिला का कहना है कि जब वह कुछ समय के लिए सहारनपुर आई, उसी दौरान साजिश रचकर फर्जी वसीयत तैयार कर ली गई। शिवानी शुक्ला का कहना है कि 12 सितंबर 2025 की जो वसीयत दिखाई गई है, वह पूरी तरह फर्जी है। उस समय उनके ससुर न तो चल सकते थे, न बोल सकते थे और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने की स्थिति में थे। उन्होंने वसीयत में कई खामियां भी गिनाईं। जिसमें हस्ताक्षर नहीं, केवल संदिग्ध अंगूठा निशान भी संदिग्ध बताया है। महिला का आरोप है कि फर्जी वसीयत के आधार पर मकान के एक हिस्से का बिजली कनेक्शन भी विपक्षी के नाम ट्रांसफर करा लिया गया। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ है। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने 6 मार्च 2026 को एसएसपी और थाना सदर बाजार में शिकायत भेजी, लेकिन तीन सप्ताह बाद भी न तो FIR दर्ज की गई और न ही जांच शुरू हुई। महिला ने कोर्ट में गुहार लगाई। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर चार आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी है।
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