Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    240 भारतीयों को हवा में कहां ले गया इजरायल, चौंक जाएगी दुनिया

    3 hours from now

    1

    0

     इजराइली लोगों ने 240 भारतीयों के लिए गाना गाया। इजरायली झंडों को लहराया क्योंकि इन 240 भारतीय लोगों का इजराइल के साथ एक बेहद ही खास और रहस्यमई रिश्ता है। जब यह लोग विमान में बैठकर भारत से इजराइल पहुंचे तो उस वक्त भी विमान के अंदर इजराइल के अधिकारियों ने इन भारतीय लोगों के लिए गाने गाए, झंडे लहराए और जश्न मनाया।दरअसल भारत में रहने वाले यह लोग यहूदियों के एक खास और रहस्यमई समुदाय से जुड़े हैं। इस समुदाय का नाम बनेई मिनाशे है। बनेई मिनाशे समुदाय के यहूदी सदियों पहले भारत आकर बस गए थे। बिनेई मिनाशे यहूदियों के वंशजों का जिक्र बाइबल में मिलता है। आपको बता दें कि यहूदियों के इस खास समुदाय के लोग भारत के नॉर्थ ईस्ट में आकर रहने लगे। इसे भी पढ़ें: Iran-US में बढ़ा तनाव, तीसरा अमेरिकी Warship पहुंचा, Trump बोले- हम पूरी तरह तैयारवहां भी खासतौर पर मणिपुर में कुछ महीनों पहले इजराइल ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में रहने वाले इन बनेई मेनाशे समुदाय के बचे हुए 5800 यहूदियों को अपने देश वापस लाकर बसाने का फैसला किया था। इजराइल ने खास मकसद से भारत की मदद से इन यहूदियों की घर वापसी की है। इजराइल ने कहा है कि वह अगले 5 सालों में इन 5800 यहूदियों को इजराइल लेकर जाएगा। अब इन्हीं में से पहले 240 बिनेई मिनाशे समुदाय के यहूदी इजराइल पहुंच चुके हैं। यहां आपको सबसे दिलचस्प बात बता दें कि दुनिया में कहीं भी रहने वाला एक यहूदी इजराइल का नागरिक बन सकता है। इजराइल का लॉ ऑफ रिटर्न हर यहूदी को इजराइल आने और इजराइली नागरिक बनने का अधिकार देता है। आपको बता दें कि 2005 में इजराइल के धार्मिक गुरु ने बिनेई मिनाशे समुदाय को इजराइली मूल के लोगों की मान्यता दे दी थी। इसी के बाद इजराइल ने फैसला किया कि वह इन यहूदियों को अपने देश लेकर आएगा। लेकिन इजराइल ऐसा कर क्यों रहा है? उसकी दो होश उड़ा देने वाली वजह हैं। सबसे पहले तो इजराइल भारत में रहने वाले इन यहूदियों को फिलिस्तीनियों की जगह नौकरी देना चाहता है। यह लोग अपनी-अपनी योग्यता के मुताबिक अलग-अलग कामों में लगाए जाएंगे। इजराइल को अपने देश की सुरक्षा के लिए फिलिस्तीनियों की जगह यहूदियों पर विश्वास है। इन लोगों को इजराइल वापस लाने की दूसरी सबसे बड़ी वजह इजराइल की सुरक्षा ही है। इसे भी पढ़ें: Hormuz के बाद मलक्का में लगेगा टोल? इंडोनेशिया ने दे दिया बड़ा जवाब! दरअसल इजराइल इन बिनई मिनाशे लोगों को अपने खास इलाके में बसाना चाहता है। इस इलाके का नाम अपरगिली है। अपरगिली इलाका इजराइल के नॉर्थ में है जो लेबनान से बॉर्डर शेयर करता है। इस इलाके में 53% आबादी फिलिस्तीनी नागरिकों और अरबों की है। यहां मूल इजराइलियों की पॉपुलेशन माइनॉरिटी में आ गई है। ऐसे में इजराइल को डर है कि लेबनान से लगते हुए अपर गिली इलाके में अगर यहूदी कम हो गए तो इजराइल के इस इलाके में लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्ला की पकड़ मजबूत हो जाएगी क्योंकि यहां रहने वाले फिलिस्तीनी हिजबुल्लाह का साथ देंगे। इस इलाके में यहूदियों की घटती आबादी के चलते यहां घर, स्कूल, दुकानें सब खाली पड़ी हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    जंग के बीच PM Benjamin Netanyahu ने Cancer को दी मात, खुद किया अपनी बीमारी का बड़ा खुलासा
    Next Article
    NASA वैज्ञानिक की रहस्मयी मौत, अमेरिका से चीन तक में मचा हड़कंप

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment