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    रास्ते इतने संकरे कि सामान ढुलाई को खच्चर पालने पड़े:प्रयागराज के वार्ड-91 की मुख्य सड़क 20 साल से जर्जर, घुटनों तक भरता है पानी

    21 hours ago

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    प्रयागराज नगर निगम के वार्ड-91 अकबरपुर में कुछ परिवारों ने खच्चर पाल रखे हैं। बताया कि वार्ड के अधिकांश रास्ते इतने संकरे हैं कि कार छोड़िए तीन पहिया वाहन तक नहीं जा पाते। ऐसे में ढुलाई कार्य के लिए खच्चर पाले हैं, जिन्हें किराए पर देते हैं। समस्या सिर्फ रास्तों की ही नहीं, वार्ड में न तो सीवर व्यवस्था अच्छी है और न ही साफ-सफाई। लकड़ी का कारोबार यहां की पहचान है। लेकिन इसकी वजह से अतिक्रमण का दंश भी लोगों को झेलना पड़ रहा है। मुख्य सड़क दो दशक से नहीं बनी, बारिश में कीचड़ और जलभराव से हालात और खराब हो जाते हैं। दैनिक भास्कर के वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने खुलकर समस्याएं बताईं। विकास के दावों पर सवाल भी खड़े किए। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है, इसी कड़ी में वार्ड-91 अकबरपुर का जायजा लिया गया… लकड़ी के कारोबार के कारण सड़कों और गलियों में अतिक्रमण नजर आता है। नालियों में गंदगी जमा है, जो सफाई व्यवस्था की पोल खोल रही है। स्थानीय लोगों ने टीम को बताया कि वार्ड की मुख्य सड़क सालों से टूटी पड़ी है। जगह-जगह गड्ढे हैं। इस पर आवागमन में लोगों को परेशानी होती है। पहले ये नजारा देखिए... आवारा कुत्तों का आतंक, नींद भी उड़ाई वार्ड के कई मोहल्लों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय निवासी सावित्री के अनुसार इलाके में 20-25 कुत्ते घूमते हैं, जो रातभर भौंकते रहते हैं। इससे बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई लोगों ने बताया कि सुबह और रात के समय बाहर निकलने में डर लगता है। लोगों ने नगर निगम से कुत्तों की नसबंदी और पकड़ने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वार्ड की बड़ी समस्याएं टूटी सड़कें और जलभराव : वार्ड की मुख्य सड़क वर्षों से जर्जर है। जगह-जगह गड्ढे होने से लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश में सड़कें कीचड़ से भर जाती हैं। सफाई व्यवस्था बदहाल : कई मोहल्लों में नियमित सफाई नहीं होती। नालियां गंदगी से भरी रहती हैं, जिससे बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। आवारा कुत्तों का आतंक : इलाके में 20-25 से अधिक आवारा कुत्ते घूमते हैं। रातभर भौंकने से लोगों की नींद खराब होती है और बच्चों व बुजुर्गों में डर बना रहता है। बिजली कटौती : बार-बार बिजली कटने की शिकायत आम है। कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जाम और अतिक्रमण : लकड़ी कारोबार और संकरी गलियों के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। एक वाहन रुकने पर लंबी कतार लग जाती है। 20 साल से नहीं बनी मुख्य सड़क अकबरपुर वार्ड के लोगों का कहना है कि इलाके की मुख्य सड़क करीब 20 वर्षों से नहीं बनी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं और हल्की बारिश में भी कीचड़ भर जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय निवासी सुनील कुमार कुशवाहा और मोहम्मद मुमताज ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद सड़क निर्माण नहीं कराया गया। लोगों का आरोप है कि हर बार आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं होता। सफाई व्यवस्था बदहाल, मच्छरों का प्रकोप बढ़ा अकबरपुर वार्ड में सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। कई गलियों की नालियां टूटी हुई हैं और उनमें महीनों से गंदगी जमा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ गई है। मच्छर मारने वाली फॉगिंग गाड़ी भी इस इलाके में कम आती है। लोगों को डर है कि बरसात के बाद डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। अतिक्रमण से लगता जाम अकबरपुर वार्ड पुराने शहर का प्रमुख लकड़ी कारोबार क्षेत्र है। बड़ी संख्या में लकड़ी की दुकानें और गोदाम होने के कारण सड़कों पर अतिक्रमण आम बात है। कई जगह लकड़ी और अन्य सामान सड़क तक फैला रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार गलियां पहले से ही संकरी हैं, ऐसे में एक वाहन रुकने पर लंबा जाम लग जाता है। व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने के बावजूद सड़क और यातायात व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। बिजली कटौती और खुले ट्रांसफार्मर बने खतरा, गर्मी में बढ़ी मुश्किलें वार्ड के लोगों ने बिजली समस्या को भी प्रमुख मुद्दा बताया। मोनिस अहमद के अनुसार आए दिन बिजली कटौती होती रहती है और कई बार घंटों सप्लाई बाधित रहती है। गर्मी के मौसम में इससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं, जिससे जानवरों और राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है। लोगों ने बिजली व्यवस्था मजबूत करने और ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित करने की मांग उठाई है। ----------------- ये खबर भी पढ़िए… मेरठ की पॉश कालोनी में नालियां चोक, सड़कों पर गड्‌ढे: वार्ड-50 के लोग बोले- सीवर का पानी घरों में घुसता है, कोई सुन नहीं रहा मेरठ का वार्ड-50 शहर के पॉश इलाकों गंगानगर और साकेत के बीच स्थित है। बाहर से तस्वीर भी बेहतर दिखती है। लेकिन जैसे-जैसे वार्ड के अंदर की कालोनियों में पहुंचेंगे तो विकास के दावे डूबते नजर आएंगे। सीवर का पानी रास्तों पर भरा मिलेगा। सड़क पर गड्ढे मिलेंगे। बारिश में हालात और बदतर हो जाते हैं। लोग बताते हैं कि जरा सी बारिश में गंदा पानी घरों में पहुंच जाता है। पूरी खबर पढ़ें… ----------------- ये खबर भी पढ़िए… कागजों में गांव हुआ शहर, जमीन पर बदला कुछ नहीं:प्रयागराज के वार्ड-17 में नल सूखे, सड़क पानी में डूब रहीं; टैंकर का इंतजार करते लोग प्रयागराज का वार्ड-17 चाका करीब तीन साल पहले नगर निगम में शामिल हुआ था। लोगों को उम्मीद थी कि अब गांव नहीं, शहर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन हकीकत इसके उलट है। घर-घर नल कनेक्शन पहुंच गए, मगर पानी नहीं पहुंचा। लोग टैंकरों और निजी समरसेबल के भरोसे हैं। नालियां या तो बनी नहीं हैं या जाम पड़ी हैं। सड़कों पर गंदा पानी जमा है। कूड़ा खाली प्लॉटों में फेंका जा रहा है। कई बस्तियों में बिजली के खंभे तक नहीं लगे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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