Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    रिसर्च में बढ़ी धमक:नेचर इंडेक्स रैंकिंग में चमकी कानपुर यूनिवर्सिटी, केमिस्ट्री में देश भर में 144वें और फिजिक्स में 134वें पायदान पर

    2 hours ago

    1

    0

    छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने ग्लोबल लेवल पर अपनी शैक्षणिक साख मजबूत की है। 'नेचर इंडेक्स रैंकिंग 2026' के ताजा आंकड़ों में विश्वविद्यालय ने रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। जारी की गई सूची के अनुसार, सीएसजेएमयू ने भारत के साथ-साथ दुनिया भर के बेहतरीन संस्थानों के बीच अपनी जगह बनाई है। यह रैंकिंग किसी भी संस्थान में होने वाले उच्च स्तरीय शोध और वैज्ञानिक प्रकाशनों के आधार पर तय की जाती है। दुनिया में 7527वीं और भारत में 316वीं रैंक समग्र रैंकिंग की बात करें तो सीएसजेएमयू ने वैश्विक स्तर पर 7527वां स्थान हासिल किया है। वहीं, भारत के तमाम प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच विश्वविद्यालय 316वें पायदान पर रहा है। अगर केवल शैक्षणिक अनुसंधान पर नजर डालें, तो विश्वविद्यालय की स्थिति और भी बेहतर है। दुनिया भर के शैक्षणिक संस्थानों में इसे 3457वीं रैंक मिली है, जबकि भारत में यह 233वें स्थान पर काबिज हुआ है। केमिस्ट्री और फिजिक्स में शानदार प्रदर्शन विश्वविद्यालय ने विषयवार प्रदर्शन में भी अपनी पकड़ साबित की है। विज्ञान के दो प्रमुख विषयों में सीएसजेएमयू का प्रदर्शन देश के कई पुराने संस्थानों को टक्कर दे रहा है। रसायन विज्ञान में विश्वविद्यालय को भारत में 144वां स्थान मिला है, जबकि भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में इसे 134वीं रैंक हासिल हुई है। यह आंकड़े बताते हैं कि कैंपस में बेसिक साइंसेज पर रिसर्च का काम तेजी से बढ़ रहा है। अत्याधुनिक लैब और बेहतर पॉलिसी का मिला फायदा विश्वविद्यालय प्रशासन इस सफलता के पीछे पिछले कुछ वर्षों में लागू की गई पारदर्शी रिसर्च पॉलिसी और नवाचार को मुख्य वजह मान रहा है। कैंपस में अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना और शोधार्थियों को मिलने वाले वैश्विक अवसरों ने इस रैंकिंग को सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई है। शिक्षकों और रिसर्च स्कॉलर्स के कठिन परिश्रम का ही नतीजा है कि आज विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख 'रिसर्च हब' के रूप में उभर रहा है। आने वाले समय में टॉप संस्थानों में शामिल होने का लक्ष्य कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह रैंकिंग विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे मजबूत रिसर्च इकोसिस्टम का प्रमाण है। पिछले कुछ समय से शोध की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान दिया गया है। विश्वविद्यालय का अगला लक्ष्य आने वाले सालों में देश के शीर्ष 100 संस्थानों में अपनी जगह पक्की करना है। इस सफलता से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सफर में एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    किशोरी के अपहरण, धर्म परिवर्तन की कोशिश का आरोप:पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, नाबालिग के साथ की वारदात
    Next Article
    राहुल यादव के शतक से साउथ जिमखाना विजयी:केडीएमए लीग में स्टार और राइडर्स क्लब भी जीते

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment