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    नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन चेयरमैन को तलब किया:स्मार्ट प्रीपेड मीटर जबरन थोपे जाने पर 10 दिन में मांगा जवाब

    3 hours ago

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    बिजली कंपनियों की मनमानी को लेकर नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन के एमडी को तलब किया है। आयोग ने जबरन स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने पर 10 दिन में जवाब मांगा है। उपभोक्ता परिषद की अर्जेंसी याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग ने ये आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह के निर्देश पर सचिव ने तत्काल पत्र जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है। परिषद ने आयोग को बताया कि प्रदेश की सभी बिजली कंपनियां विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5), भारत सरकार और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के साफ निर्देशों को ठुकराते हुए उपभोक्ताओं को गुमराह कर रही हैं। कॉस्ट डाटा बुक के अध्याय-4 ‘सिक्योरिटी’ की टिप्पणी-5 का गलत अर्थ निकालकर नये कनेक्शन सिर्फ प्रीपेड मोड में दे रहे हैं और पुराने पोस्टपेड कनेक्शनों को बिना उपभोक्ता की सहमति के प्रीपेड में बदला जा रहा है। उपभोक्ता परिषद का आरोप है कि कंपनियां जानबूझकर नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। जबकि कॉस्ट डाटा बुक की व्यवस्था को विद्युत अधिनियम और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के मुताबिक ही लागू करना होता है। आयोग का सख्त आदेश आयोग ने परिषद द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीर माना है। आयोग का मानना है कि बिजली कंपनियों की इस मनमानी से लाखों उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। इसलिए तुरंत हस्तक्षेप करते हुए पावर कॉरपोरेशन से जवाब तलब किया गया है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा,“अब बिजली कंपनियों की मनमानी पर रोक लग जाएगी। यदि कंपनियां गलत जानकारी देंगी या केंद्र सरकार के आदेशों का उल्लंघन जारी रखेंगी तो आयोग उन पर कड़ी कार्रवाई करेगा। हमने पहले ही धारा 47(5) के उल्लंघन पर अवमानना याचिका दायर कर रखी है। उपभोक्ताओं में खुशी, अब राहत की उम्मीद प्रदेशभर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लोग परेशान हैं। ऐसे में आयोग का यह फैसला उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरा है। हजारों उपभोक्ता जबरन प्रीपेड कन्वर्जन और नये कनेक्शन में सिर्फ प्रीपेड विकल्प दिए जाने से परेशान थे। अब उम्मीद है कि आयोग की सख्ती के बाद इस मनमानी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
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