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    गर्लफ्रेंड को दफनाने गया प्रेमी, तभी कब्रिस्तान पहुंचा पति:बोला- पत्नी की हत्या हुई है, झांसी के स्पा सेंटर में जॉब करती थी

    5 hours ago

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    झांसी के स्पा सेंटर में काम करने वाली एक युवती की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बॉयफ्रेंड उसकी लाश लेकर दफनाने कब्रिस्तान पहुंचा। तभी युवती का पति वहां आ गया। उसने हंगामा करते हुए पत्नी की हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद फोन करके पुलिस बुला ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। जांच में सामने आया कि युवती मणिपुर की रहने वाली थी। बॉयफ्रेंड की बहन उसकी दोस्त थी। उसी ने युवती के पति को उसकी मौत की खबर भी दी थी। घटना गुरुवार की नवाबाद के जीवनशाह कब्रिस्तान की है। 10 साल पहले हो चुकी थी युवती की शादी मृतका का नाम सिम्मी उर्फ टेरेसा (30) था। वह मणिपुर की रहने वाली थी। 10 साल पहले उसकी शादी जॉन से हुई थी। दोनों दिल्ली में रहते थे। जॉन ने पुलिस को बताया- नवंबर, 2025 में पत्नी टेरेसा झांसी आ गई थी। उसके बाद मेरी बात नहीं हुई। वो यहां सीपरी बाजार नंदनपुरा के पास पर्ल मसाज पार्लर में काम करती थी। पार्लर में काम के दौरान ही जोया नाम की एक महिला से उसकी दोस्ती हो गई। टेरेसा अपनी सहेली जोया के घर पर ही रहने लगी। इसी बीच जोया के भाई से उसकी दोस्ती हो गई। फिर दोनों लिव इन रिलेशनशिप में गोविंद चौराहे के पास रहने लगे। 10 दिन से बीमार थी सिम्मी जोया ने बताया- टेरेसा की 10 दिन से तबीयत खराब थी। हम लोगों ने उसके घरवालों को कॉल करके जानकारी दी थी। तब उसका पति कहने लगा कि मैं नहीं आ सकता। मेरे पास इतने पैसे नहीं है। हम लोगों ने उसे अस्पताल में भी दिखाया। बुधवार को भी दवा लेकर आए थे, लेकिन शाम करीब 6 बजे टेरेसा की मौत हो गई। इसकी भी सूचना पति को फोन करके दी थी। आज हम लोग टेरेसा का शव लेकर कब्रिस्तान आए। यहां घरवाले भी आ गए। यह सोचा था कि घरवाले ले जाना चाहते होंगे तो ले जाएंगे। नहीं तो कब्र खुदवाकर दफना देंगे। पति का दोस्त बोला- केस गड़बड़ है मृतका के पति के दोस्त अमन सिंह ने बताया- दिल्ली में जॉन हमारे पड़ोस में रहते हैं। उनकी पत्नी झांसी में मसाज सेंटर में काम करती थी। यहां उसकी एक युवक से दोस्ती हो गई। फिर दोनों रिलेशनशिप में रहने लगे। बुधवार को जॉन बोले कि झांसी में पत्नी की मौत हो गई। हेल्प मांगने पर हम उनको लेकर झांसी आए। रास्ते में 5 से 6 कॉल आए कि शव को दफना रहे हैं। हम लोग मना करते रहे। आज सुबह झांसी पहुंचे तो शव कब्रिस्तान पहुंच चुका था। उसे दफनाने की तैयारी चल रही थी। मेरा दोस्त जॉन क्रिस्चियन है, इसलिए शव को चर्च ले जाना चाहिए था। मगर उसे कब्रिस्तान में गलत तरीके से दफनाया जा रहा था। साथ में बॉयफ्रेंड और उसकी बहन थी। अगर लेट हो जाते तो ये लोग शव दफना देते हैं। हम चाहते हैं कि शव का पाेस्टमार्टम हो और सच्चाई पता चले। ऊपरी साया बताया जा रहा। लेकिन कुछ न कुछ गड़बड़ है। पहले दूसरे कब्रिस्तान में ले गए थे पति जॉन ने बताया कि पत्नी का शव कब्रिस्तान के बाहर रखा था। मुझे उसकी मौत पर शक था। सच्चाई सामने आए, इसलिए पुलिस को बुला लिया। अब पोस्टमॉर्टम करा रहे हैं। जीवनशाह कब्रिस्तान के सदस्य मोहम्मद इमरान खान ने बताया- चौकीदार का फोन आया कि एक महिला का शव आया है। घरवाले न आधार कार्ड दे पा रहे हैं और न ही कुछ बता पा रहे। तब मैं मौके पर पहुंचा। बिना आईडी प्रूफ के शव दफनाने से मना कर दिया। बाद में पता चला कि जिस महिला का शव है, वो मुस्लिम समाज से भी नहीं है। पहले ये लोग उसे कानपुर चुंगी के पास कब्रिस्तान पर गए, वहां भी दफना नहीं पाए। तब यहां लेकर आए। बाद में पुलिस आकर शव को ले गई। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ अग्निकांड- 2 मासूम जिंदा जले, 250 परिवार बेघर:राख में सामान तलाश रहे लोग; महिलाएं बोलीं- कोठीवालों ने झोपड़ियां फूंकीं लखनऊ में बुधवार को लगी आग में 2 मासूम जिंदा जल गए। झोपड़ियों में रहने वाले करीब 250 परिवार बेघर हो गए। DCP दीक्षा शर्मा ने कहा- मासूमों के परिजनों की पहचान कराई जा रही है। घटनास्थल पर आज यानी गुरुवार सुबह सिर्फ राख और जल चुके गृहस्थी के सामान नजर आ रहे हैं। कई परिवार राख के बीच सामान तलाश रहे हैं। हालांकि, पुलिस वहां से लोगों को हटा रही है। डीएम ने कई प्रभावित परिवारों को रैन बसेरों में भिजवाया था तो कुछ परिवारों ने पास के खाली प्लॉट में रात बिताई। महिलाओं ने रोते हुए आरोप लगाया कि कोठीवालों ने उनके घरों में आग लगाई। उन्हें धमकाया गया था कि झोपड़ियां हटा लो, नहीं तो गोली मार दी जाएगी। जब वे नहीं हटे, तो उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी गई। अब वे कहां जाएं? पढ़ें पूरी खबर
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