Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    न्यूजीलैंड बोला- आ रहे हैं भारत, करेंगे धाकड़ डील

    3 hours from now

    1

    0

    भारत और न्यूजीलैंड के व्यापारिक रिश्तों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लग्जन ने ऐलान किया है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने जा रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 27 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर साइन की जाएगी। यह घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए दी है। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को एक नए स्तर पर ले जाने वाला माना जा रहा है। यह सिर्फ एक ट्रेड डील नहीं बल्कि एक व्यापक साझेदारी की शुरुआत है। जिसमें सर्विस, निवेश, मोबिलिटी और टेक्नोलॉजी जैसे कई अहम सेक्टर्स शामिल हैं। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025 में भारत ने न्यूजीलैंड को करीब 711.1 बिलियन का निर्यात किया था। जिसमें एविएशन, फ्यूल, टेक्सटाइल और फार्मा उत्पाद शामिल थे। वहीं न्यूजीलैंड से भारत ने करीब 587.1 मिलियन डॉलर का आयात किया था। जिसमें कच्चा माल, स्क्रैप मेटल और कोयला जैसे प्रमुख उत्पाद रहे। यानी दोनों देशों के बीच पहले से ही बेहद मजबूत व्यापारिक संबंध है। जिन्हें अब इस एफटीए के बाद और भी ज्यादा मजबूती मिलेगी। इसे भी पढ़ें: PM Modi का 'SIR' दांव West Bengal में हुआ फेल? रिकॉर्ड वोटिंग पर Arvind Kejriwal ने कसा तीखा तंजदोनों देशों के बीच हो रहे इस समझौते की सबसे खास बात यह है कि यह करीब 20 अलग-अलग सेक्टरों को कवर करेगी। इसमें बौद्धिक संपदा अधिकार यानी कि इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स, निवेश, स्थिरता, छोटे और मध्यम उद्योग और पारंपरिक ज्ञान जैसे अहम मुद्दे भी शामिल हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हो रही सेफ्टी डील की एक और खासियत यह भी है कि इस डील को करने के लिए ना सिर्फ न्यूजीलैंड की सरकार अग्रसर है बल्कि वहां की विपक्षी पार्टी भी इस डील का पूरी तरीके से समर्थन कर रही है। वहां के विपक्षी नेताओं को भी साफ तौर पर देखा गया कि वह भारत के साथ इस सेफ्टी डील को लेकर बेहद उत्सुक हैं और पॉजिटिवली इसको देख रहे हैं। टेरिफ यानी आयात निर्यात शुल्क की बात करें तो न्यूजीलैंड 100% टेरिफ लाइनों पर शुल्क खत्म करेगा। जबकि भारत ने अपने संवेदनशील कृषि सेक्टर जैसे डेयरी को बचाने के लिए सावधानी बरतते हुए करीब 70% टेरिफ लाइनों को ही खोला है। इसे भी पढ़ें: कौन हैं वो सात सांसद जो राघव चड्ढा के साथ BJP में होंगे शामिल, सामने आए सभी नामभारत के उत्पादों पर 0% टेरिफ लगेगा। लेकिन न्यूजीलैंड के ऊपर कम है पर कुछ टेरिफ जरूर लगेगा। इस डील की शुरुआत 16 मार्च 2025 को हुई थी जब भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टैडी मैक के बीच बातचीत शुरू हुई थी। इसके बाद दोनों देशों ने तेजी से बातचीत को आगे बढ़ाया और अब यह समझौता साइन होने की कगार पर है। अगर बात करें बाकी एफटीए की तो भारत पहले ही श्रीलंका, भूटान, सिंगापुर, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूएई जैसे देशों के साथ एफटीए कर चुका है। इसके अलावा एसियान और एएफटीए जैसे समूह के साथ भी भारत के समझौते हैं और ईयू के साथ भारत ने मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील की ही है। जो कि दिखाता है कि भारत लगातार अपने व्यापारिक संबंधों को बेहद बेहतर करता जा रहा है बाकी देशों के साथ और अब इस नए समझौते के बाद भारत की वैश्विक व्यापार नीति और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगी। साथ ही में न्यूजीलैंड के लिए भी एक एशियाई बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने का बेहतर मौका है। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    US-Iran की मध्यस्थता पाकिस्तान को पड़ी भारी, Islamabad में Lockdown जैसे हालात, अवाम में गुस्सा
    Next Article
    Hormuz के बाद मलक्का में लगेगा टोल? इंडोनेशिया ने दे दिया बड़ा जवाब!

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment