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    नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश, मेरठ-एटा से दो गिरफ्तार:4.88 लाख रुपए के नकली नोट और उपकरण बरामद

    2 hours ago

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    रामपुर पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मेरठ और एटा से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 4 लाख 88 हजार 200 रुपए के नकली नोट और इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने रिजर्व पुलिस लाइन में पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजवर्धन सिंह चौहान उर्फ आशु पुत्र सत्येंद्र सिंह चौहान निवासी द्वारकापुरी, थाना कोतवाली एटा (मेरठ से गिरफ्तार) और चिराग सक्सेना पुत्र अजय कुमार सक्सेना निवासी मंदाकिनी पुरम कॉलोनी, थाना कोतवाली देहात एटा (रामपुर से गिरफ्तार) के रूप में हुई है। पूछताछ में नए नाम सामने आए थे एसपी मीना ने बताया कि इस गिरोह का खुलासा 11 अप्रैल 2026 को कोतवाली गंज पुलिस द्वारा की गई एक पिछली कार्रवाई के दौरान हुआ। उस समय रामपुर के सिनवान और मिनहाज नामक दो युवकों को 500 रुपये के 21 नकली नोटों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसी मुकदमे की जांच के दौरान इन दो नए नामों का पता चला। पुलिस के अनुसार, राजवर्धन सिंह चौहान मेरठ में किराए पर रहकर नकली नोट छापने का काम करता था। आरोपियों के कब्जे से कुल 4 लाख 88 हजार 200 रुपए की नकली करेंसी जब्त की गई है, जिसमें 500 और 200 रुपए के नोट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बाजार में खपाने के लिए तैयार बड़ी मात्रा में अधबने नोट भी बरामद हुए हैं। नकली नोट बनाने के उपकरण बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने डेल कंपनी का एक लैपटॉप, डेस्कटॉप सेट, एचपी के दो प्रिंटर, एक लेमिनेशन मशीन, पेपर रीम, केमिकल और अन्य प्रिंटिंग उपकरण भी बरामद किए हैं। इन उपकरणों का उपयोग नकली नोटों को असली जैसा बनाने के लिए किया जा रहा था। इस कार्रवाई में सीओ सिटी जितेंद्र कुमार, थाना प्रभारी पवन शर्मा, इंस्पेक्टर राम सिंह और एसओजी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है।
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