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    नोएडा की घटना मजदूर विरोधी नीतियों का सबूत:अजय राय बोले, वेतन वृद्धि के नाम पर 250-300 रुपए बढ़ाकर गरीबों को ठगा गया

    2 hours ago

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    नोएडा के मदरसन इंडस्ट्री में वेतन वृद्धि को लेकर तीन दिन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मजदूरों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले दागे गए। मजदूरों के घायल होने की खबर है। यह घटना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की मजदूर और युवा विरोधी नीतियों को बेनकाब कर रही है। पूंजीपतियों की तुष्टि के लिए मजदूरों का खून चूसने वाली नीति अब खुलकर सामने आ गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,-“मुख्यमंत्री, भारी भरकम विज्ञापनों से पेट नहीं भरता। पुलिस के आंसू गैस के गोले भूखे पेट का जवाब नहीं हो सकते।” अजय राय ने आगे कहा कि वर्षों से मेहनत-मशक्कत करने वाले गरीब मजदूरों की सैलरी मात्र 250-300 रुपए बढ़ाकर सरकार और कंपनियां उनका खुला मजाक उड़ा रही हैं। तीन दिन से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जायज मांग रख रहे मजदूरों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और दमनकारी कार्रवाई योगी-मोदी की डबल इंजन सरकार की असली तस्वीर दिखा रही है। मजदूरों की जायज मांगें नहीं सुनी गईं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मजदूरों की मांगों का जिक्र करते हुए बताया कि वे अपनी न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग कर रहे थे। मजदूरों की मांग थी कि समय पर वेतन वृद्धि हो। साथ ही वे बेहतर काम करने की स्थिति और सुरक्षा की मांग कर रहे थे। लेकिन बदले में उन्हें पुलिस की लाठी मिली। अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सिर्फ पूंजीपतियों की तुष्टि करती है और गरीब मजदूरों को कुचलने का काम कर रही है। “आज नोएडा में जो हिंसा हुई, उसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार प्रदेश सरकार है, जिसने मजदूरों की पीड़ा को अनसुना कर दिया।” कांग्रेस मजदूरों के साथ अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने सरकार से मजदूरों की सभी जायज मांगों को तुरंत स्वीकार करने की मांग की। साथ ही पुलिस लाठीचार्ज में घायल मजदूरों का मुफ्त इलाज कराने और दोषी अधिकारियों व पकंपनी प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही यूपी में मजदूरों के लिए न्यूनतम 25 हजार रुपए प्रतिमाह मजदूरी तय की जाए। यह घटना पूरे प्रदेश के मजदूर वर्ग में आक्रोश पैदा कर रही है। नोएडा की इस इंडस्ट्री में काम करने वाले सैकड़ों परिवार अब सड़क पर हैं।
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