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    मुंबई-मुहर्रम जुलूस में दर्द की दवा बताकर जहरीले कैप्सूल बांटे:पुलिस ने 14,900 कैप्सूल के साथ व्यक्ति को पकड़ा; चूहे मारने वाला जहर भरा था

    18 hours ago

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    मुंबई में मोहर्रम जुलूस के दौरान लोगों को जिंक फॉस्फाइड के जहरीले कैप्सूल बांटने का मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, आरोपी फैयाज प्रेमजी ‘दर्द से राहत’ के नाम पर लोगों को ये कैप्सूल देने की कोशिश कर रहा था। मामला मुंबई के जेजे और भायखला इलाके का है। जूलूस के दौरान आरोपी ने कई लोगों को ये कैप्सूल दिए थे। इनमें से एक शख्स का पेट दर्द और उल्टी होने लगी। इसके बाद लोगों को कुछ शक हुआ तो पुलिस से शिकायत की गई। पुलिस ने आरोपी को 14,900 कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया। उसने हर कैप्सूल में करीब एक ग्राम जहर भरा था। इसके लिए 50 किलो जिंक फॉस्फाइड मंगाया था। आरोपी करीब 30 हजार जहरीले कैप्सूल बनाने की तैयारी में था। जिंक फॉस्फाइड का इस्तेमाल चूहे मारने वाली दवा बनाने के लिए किया जाता है। इस घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें फैयाज पुणे का रहने वाला था, ईरान, इराक गया था फैयाज पुणे का रहने वाला है और पेंट का कारोबार करता है। डीसीपी जयंत मीणा ने बताया, 'पूछताछ में पता चला कि आरोपी मुहर्रम जुलूस को निशाना बनाना था। साल 2025 में ईरान और इराक गया था। इन यात्राओं का उद्देश्य क्या था और क्या इनका इस मामले से कोई संबंध है, इसकी भी जांच की जा रही है।' जिंक फॉस्फाइड कितना खतरनाक, कैसे करता है असर जिंक फॉस्फाइड का इस्तेमाल मुख्य रूप से चूहों को मारने के लिए किया जाता है। यह गहरे भूरे या काले रंग का केमिकल होता है, जिसे दुनिया के सबसे खतरनाक रोडेंटिसाइड में गिना जाता है। जिंक फॉस्फाइड पेट में पहुंचने के बाद वहां मौजूद एसिड और नमी के संपर्क में आकर फॉस्फीन गैस बनाता है। यह गैस शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन का उपयोग करने से रोक देती है, जिससे कई अंग तेजी से फेल होने लगते हैं। जैसे- कम मात्रा भी हो सकती है जानलेवा मेडिकल रिसर्च के मुताबिक जिंक फॉस्फाइड की बहुत कम मात्रा भी शरीर में जहर बना सकती है। इसकी घातकता व्यक्ति की उम्र, वजन और शरीर में पहुंची मात्रा पर निर्भर करती है। जिंक फॉस्फाइड का कोई विशेष एंटीडोट (प्रतिरोधी दवा) नहीं है। मरीज को केवल सपोर्टिव ट्रीटमेंट देकर बचाने की कोशिश की जाती है। जिंक फॉस्फाइड को भारत में कीटनाशक की श्रेणी में रखा गया है। इसकी बिक्री और उपयोग पर कीटनाशक अधिनियम, 1968 (Insecticides Act, 1968) और उससे जुड़े नियम लागू होते हैं। यदि जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल किसी व्यक्ति या भीड़ को नुकसान पहुंचाने की साजिश में किया गया हो, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने जैसी गंभीर धाराएं लग सकती हैं। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मुहर्रम जुलूस में मारपीट, लोगों को लाठी-डंडे और प्लास्टिक पाइप मारते दिखे युवक, भगदड़ की स्थिति बनी उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान हवा में कार ब्लास्ट के मामले के बाद अब लाठी-डंडों से हमला करने का वीडियो सामने आया है, जो 25 जून, यानी शुक्रवार को नई सड़क इलाके का बताया जा रहा है। इसमें कुछ युवक डंडे लेकर खड़े नजर आते हैं। जैसे ही जुलूस आगे बढ़ता है, वे अचानक लोगों पर हमला शुरू कर देते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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