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    मां का सपना पूरा करने के लिए बना फर्जी ब्रिगेडियर:NEET में दो बार फेल हुआ युवक, वर्दी पहनकर घूमता रहा; शाहजहांपुर में FIR

    3 hours ago

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    शाहजहांपुर में 22 वर्षीय आर्यन अपनी मां का ब्रिगेडियर बनाने का सपना पूरा करने के लिए खुद को सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर घूम रहा था। दिल्ली में रहकर NEET की तैयारी करने वाला आर्यन दो बार परीक्षा में असफल रहा, लेकिन सेना में ऊंचे पद पर पहुंचने की चाहत खत्म नहीं हुई। उसने ब्रिगेडियर की वर्दी, नकली पहचान पत्र, सेना का झंडा लगी कार और फर्जी सुरक्षा तंत्र तैयार कर लिया। पिछले कई महीनों से वह सैन्य अधिकारी बनकर घूम रहा था। सेना और पूर्व सैनिकों ने जाल बिछाकर उसे कैंट क्षेत्र के शहीद संग्रहालय से दबोच लिया। उसके पास से नकली पिस्तौल, फर्जी दस्तावेज और सैन्य प्रतीक चिह्न बरामद हुए हैं। शुक्रवार देर रात सेना की शिकायत पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस को सौंप दिया गया। पूछताछ में बताया कि सेना में उच्च पद पर पहुंचने का सपना पूरा न होने के बावजूद उसका जुनून कम नहीं हुआ। ब्रिगेडियर बनने का सपना उसका और उसकी मां दोनों का था। इसी कारण उसने जनवरी में वर्दी खरीदकर खुद को सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर घूमने लगा। पढ़िए पूरा मामला… शुक्रवार दोपहर युवक जिस इलाके में युवक घूम रहा था, वह सेना का संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यहां सेना की एक पूरी ब्रिगेड तैनात है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारियों के आवास भी इसी कैंट एरिया में हैं। पूर्व सैनिकों को आर्यन की गतिविधियों की पहले से जानकारी थी। उन्होंने कई बार उसे ब्रिगेडियर की वर्दी में घूमते देखा था। सेना के अधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने एक युवक को फर्जी ब्रिगेडियर बनकर घूमते हुए पकड़ा। आरोपी की पहचान रोजा थाना क्षेत्र के दुर्गा एन्क्लेव निवासी 22 वर्षीय आर्यन वर्मा के रूप में हुई है। देर रात नायब सूबेदार अमित कुमार की तहरीर पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस को सौंप दिया। पिछले करीब दो महीनों से एक युवक सेना के वरिष्ठ अधिकारी की वर्दी पहनकर इलाके में घूम रहा था। इसकी सूचना मिलने के बाद स्टेशन मुख्यालय शाहजहांपुर के प्रशासनिक अधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने उसे पकड़ने की योजना बनाई। इसी रणनीति के तहत उसे शहीद संग्रहालय में आयोजित एक कार्यक्रम में बुलाया गया, जहां पूछताछ के दौरान वह अपने दावों के समर्थन में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। नकली आईडी, पिस्तौल और बैटन बरामद मिलिट्री पुलिस ने आर्यन के कब्जे से नकली सेना का पहचान पत्र, नकली पिस्तौल और ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला बैटन (डंडा) बरामद किया है। उसने अपने घर पर भी ब्रिगेडियर नाम की नेम प्लेट लगवा रखी थी। उसने अपना एक कार ड्राइवर रखा था, जिसके पास से फर्जी सरकारी पहचान पत्र मिला है। इसके अलावा दो सुरक्षाकर्मियों भी एनएसजी कमांडो की वर्दी में थे। आर्यन के पिता अनिल वर्मा पुवायां क्षेत्र में उद्यान विभाग में निरीक्षक हैं, जबकि उसकी मां मनोज देवी सदर तहसील क्षेत्र के जलालपुर में सरकारी टीचर हैं। परिवार में उसका एक छोटा भाई भी है, जो कक्षा चार में पढ़ता है। सेना की इंटेलिजेंस कर रही पूछताछ एडमिन कमांडेंट कर्नल जेएस जगरान ने बताया कि कैंट क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। उसके पास से कुछ आपत्तिजनक और संदिग्ध सामग्री मिली है। मामले की जांच सैन्य नियमों के तहत की जा रही है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। परिवार को बताया- उसका सेना में चयन हो गया जांच में उसके पास से एक टाटा हैरियर कार बरामद हुई, जिस पर वन-स्टार प्लेट और एएचक्यू (आर्मी हेडक्वार्टर) का झंडा लगा था। इसके अलावा एक नकली पिस्तौल, सैन्य अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली छड़ी और कई फर्जी दस्तावेज भी मिले। उसके पास मौजूद पहचान पत्र भी जांच में नकली पाए गए। पुलिस के अनुसार, आर्यन ने अपने परिवार को बताया था कि उसका सेना में चयन हो चुका है और उसे वर्दी भी आवंटित कर दी गई है। इसके बाद वह लगातार सैन्य अधिकारी की वर्दी पहनकर घूमता रहा। उसने अपने घर के बाहर भी 'सेना ब्रिगेडियर' की नेम प्लेट लगवा रखी थी। उसकी कार पर 'आर्मी' और 'डॉक्टर' भी लिखा हुआ मिला। मां-पिता सरकारी नौकरी में आर्यन के पिता अनिल वर्मा उद्यान विभाग में इंस्पेक्टर हैं, जबकि उसकी मां मनोज देवी सरकारी स्कूल में टीचर हैं। आर्यन इंटरमीडिएट पास है और नीट परीक्षा में दो बार असफल हो चुका है। वह दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और 26 मई को घर लौटा था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि सेना में उच्च पद पर पहुंचने का सपना पूरा न होने के बावजूद उसका जुनून कम नहीं हुआ। उसने पुलिस को बताया कि ब्रिगेडियर बनने का सपना उसका और उसकी मां दोनों का था। इसी कारण उसने जनवरी में यह वर्दी खरीदी थी और खुद को सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर घूमने लगा। सीओ सिटी पंकज पंत ने बताया- सेना ने फर्जी ब्रिगेडियर को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपी से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
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