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    लखनऊ समिट में फॉरेंसिक साइंस पर चर्चा:विशेषज्ञों ने डीएनए प्रोफाइलिंग, डिजिटल फॉरेंसिक तकनीकें समझाईं

    3 hours ago

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    लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को आयोजित एडइनबॉक्स रीजनल हायर एजुकेशन समिट 2026 ने शिक्षा जगत को एक मजबूत मंच दिया। सुबह से शाम तक चले इस आयोजन में देशभर के शिक्षाविद, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि, स्कूल लीडर्स, नीति निर्माता और बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। समिट में उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री–एकेडेमिया तालमेल जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री के निदेशक प्रो. आदर्श कुमार ने किया। इस दौरान डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, डॉ. टी.पी. सिंह, प्रो. उज्जवल के. चौधरी और प्रो. दीप्ति शुक्ला समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे। उद्घाटन सत्र में प्रो. आदर्श कुमार ने कहा कि अब शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने छात्रों के लिए प्रैक्टिकल स्किल, रिसर्च सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को जरूरी बताते हुए फॉरेंसिक साइंस को तेजी से उभरता करियर बताया। तकनीकों को आसान भाषा में समझाया इस बार समिट का सबसे बड़ा आकर्षण फॉरेंसिक साइंस रहा। विशेषज्ञों ने डीएनए प्रोफाइलिंग, डिजिटल फॉरेंसिक, टॉक्सिकोलॉजी और फिंगरप्रिंट एनालिसिस जैसी तकनीकों को आसान भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे वैज्ञानिक साक्ष्य भी बड़े अपराधों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाते हैं और न्यायिक प्रक्रिया में इनकी कितनी अहमियत होती है। स्किल-बेस्ड एजुकेशन पर भी विस्तार से चर्चा हुई समिट के अलग-अलग सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई शिक्षा नीति, क्रिएटिव करियर और स्किल-बेस्ड एजुकेशन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रीजनल प्रिंसिपल्स मीट, एकेडमिक लीडरशिप डायलॉग और स्कूल–यूनिवर्सिटी कनेक्ट जैसे कार्यक्रमों ने शिक्षा जगत के विभिन्न पक्षों को एक साथ जोड़ा। वहीं छात्रों को करियर काउंसलिंग और इंटरैक्टिव सेशंस के जरिए सीधे विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिला। शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया कार्यक्रम का संचालन RJ पुनीत और मनीषा ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को ऊर्जावान बनाए रखा। समिट के दौरान ‘प्रिंसिपल अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ के तहत कई शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने भरोसा जताया कि ऐसे मंच भविष्य में भी छात्रों को सही दिशा देने और शिक्षा व्यवस्था को समय के अनुसार ढालने में अहम भूमिका निभाते रहेंगे।
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