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    इधर से नहीं आने का...पहले पता होता तो 10 गिरते:अपना दल (S) की रैली पर हमला करने वाला हिस्ट्रीशीटर बोला- फिर 10 लाख इनाम होता

    6 hours ago

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    कानपुर में अपना दल (S) की रैली पर हमला करने वाले हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में उसने रैली में हुए पथराव को लेकर कई खुलासे किए हैं। अजय ठाकुर ने कहा- फिल्म ‘रईस’ में एक डायलॉग है-इधर से नहीं आने का। वह मेरा विरोधी था। उसने मुझे दिखाने के लिए मेरे घर के सामने से रैली निकाली। बस बात मेरे मान-सम्मान पर आ गई, इसलिए हमला कर दिया। अगर हमें पहले से जानकारी होती, तो कई लोग गिरते, तब उसके ऊपर एक लाख नहीं, बल्कि 10 लाख रुपए का इनाम घोषित होता। दरअसल, 28 जनवरी को अपना दल (एस) की रैली में हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर और उसके साथियों ने पथराव कर लाठी-डंडों से हमला किया था। इस घटना में कई लोग घायल हुए थे। मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, वह इस समय जमानत पर बाहर है। अब पढ़िए वीडियो में हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर ने क्या कहा? मान-सम्मान की बात आ गई, तो हमला कर दिया हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर ने एक पॉडकास्ट में कहा- फिल्म ‘रईस’ देखी है, उसमें शाहरुख खान कहते हैं। इधर से नहीं आने का। वह मेरा विरोधी था। रैली कहीं और से निकलनी थी, लेकिन मुझे दिखाने के लिए उसने मेरे घर के सामने से रैली निकाली। बस मान-सम्मान की बात आ गई। मैंने कहा कि घर के नीचे से मत निकलो। हिस्ट्रीशीटर ने आगे कहा- अगर मुझे पहले से पता होता तो और ज्यादा तैयारी रहती, कई लोग गिरे पड़े होते। इसके बाद 1 लाख का इनाम नहीं, 10 लाख का घोषित होता। मेरे ऊपर एक लाख रुपए का इनाम घोषित हो गया तो लगा कि अब सरेंडर करना पड़ेगा। फिर एक बड़े भाई के आशीर्वाद से मैंने सरेंडर किया। गर्लफ्रेंड के बर्थडे पर निकाला था काफिला वहीं, गर्लफ्रेंड को गाड़ियों से घुमाने के सवाल पर उसने कहा- उसका बर्थडे था, इसलिए इतनी गाड़ियों के साथ निकला था। वरना शासन-प्रशासन गाड़ियां गिन भी नहीं पाता। बता दें कि गर्लफ्रेंड के बर्थडे के दिन अजय ठाकुर काले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो समेत करीब 12 गाड़ियों के काफिले के साथ निकला था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की थी। 32 गंभीर मामलों में केस दर्ज अजय ठाकुर बर्रा थाना क्षेत्र के जरौली के फेस-2 का रहने वाला है। उस पर कानपुर के अलग-अलग थानों में करीब 32 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 22 जनवरी को बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) ने सामाजिक न्याय यात्रा निकाल रही थी। सामाजिक न्याय यात्रा पिछड़ा वर्ग के आरक्षण समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित की गई थी। इसके माध्यम से नीट में ओबीसी के लिए आरक्षण और केंद्रीय तथा नवोदय विद्यालयों में 27 फीसदी आरक्षण की मांग उठाई गई। इस रैली में शामिल होने के लिए जरौली फेस वन निवासी अपना दल (एस) के नगर महासचिव आलोक कुमार अपने साथियों के साथ जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक रैली अजय के घर के सामने पहुंची, अजय ने अपने साथियों के साथ पथराव कर दिया। इसके बाद लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस हमले में कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद आरोपी अजय मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। करीब 10 दिन बाद आरोपी अजय ने खुद ही थाने में सरेंडर कर दिया था। हालांकि, वह इस समय जमानत पर बाहर है। 2 साल बाद भी पुलिस न लगा पाई चार्जशीट अपना दल (एस) की रैली में पथराव और जानलेवा हमले के बाद हरकत में आई पुलिस ने अपना दल (एस) के महासचिव आलोक कुमार वर्मा की तहरीर पर अजय ठाकुर समेत 8 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि, 2 साल से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया- उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। चार्जशीट दाखिल क्यों नहीं हुई, इस पर बारें में अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। -------- ये भी पढ़ें- किडनी कांड का मास्टरमाइंड 30 लाख में ठेका लेता था: ‘कमांडो सर्जरी’ कोडवर्ड से चलता नेटवर्क, कानपुर में होता था ट्रांसप्लांट कानपुर किडनी कांड के मास्टरमाइंड रोहित तिवारी ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रोहित ने बताया- वह 25 से 30 लाख रुपए में किडनी ट्रांसप्लांट का ठेका लेता था। डोनर और रिसिपिएंट की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी एजेंटों की होती थी। बातचीत के दौरान कोई उनकी बात समझ न सके, इसके लिए किडनी ट्रांसप्लांट का कोडवर्ड “कमांडो सर्जरी” रखा गया था। रोहित ने दिल्ली, मुंबई, कानपुर, प्रयागराज और मेरठ समेत देश के कई शहरों और राज्यों में अपने एजेंट फैला रखे थे। ये एजेंट अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के केस उसके पास लाते थे। पढ़िए पूरी खबर…
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