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    मजदूरों के समर्थन में उतरे बृजभूषण शरण सिंह:गोंडा में बोले- 12 हजार मजदूरी सम्मानजनक नहीं, खर्च के बाद कुछ नहीं बचता

    3 hours ago

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    गोंडा में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह मजदूरों के मुद्दे पर खुलकर सामने आए। उन्होंने नोएडा में मजदूरी बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का समर्थन करते हुए कहा, कि मौजूदा मजदूरी बेहद कम है। उन्होंने कहा कि गांव छोड़कर शहरों में काम करने वाले मजदूरों को अगर 11-12 हजार रुपये मिलते हैं, तो उसमें से 3-4 हजार किराए में और 3-4 हजार खाने में खर्च हो जाते हैं। “आखिर में 100-200 रुपये ही बचते हैं। अगर कोई बीमार हो जाए तो पूरा सिस्टम ही बिगड़ जाता है। यह साफ तौर पर मजदूरों की मजबूरी का फायदा उठाना है,” उन्होंने कहा। नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रहे 14 दिवसीय थारू जनजाति व्यक्तित्व विकास और शारीरिक प्रशिक्षण कैंप का समापन भी उनके हाथों हुआ। इस दौरान अयोध्या के साधु-संत भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बच्चों ने अलग-अलग तरह के शारीरिक प्रशिक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। मंच पर मौजूद अतिथियों ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की। राजनीति पर भी बोले- बेटी के चुनाव की खबरें गलत बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी बेटी शालिनी सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है। वहीं गृहमंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि “अमित शाह हमेशा जिम्मेदारी से बोलते हैं, अगर उन्होंने कहा है तो जरूर होगा।” कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि किसी के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। नदियों की गंदगी पर चिंता, बच्चों को दिया बैलेंस का मंत्र कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नदियों की बिगड़ती हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले लोग नदियों में तैरना सीखते थे, लेकिन अब नदियां इतनी गंदी हो गई हैं कि वहां नहाना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तैरना सीखना जरूरी है, लेकिन जीवन में संतुलन (बैलेंस) बनाना उससे भी ज्यादा जरूरी है। जो इंसान जीवन में बैलेंस बनाना सीख गया, वह कभी हार नहीं सकता। यही जीवन का सबसे बड़ा रहस्य है,” उन्होंने कहा।
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