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    गाजीपुर पथराव- सपा के दो विधायक समेत 46 पर FIR:200 अज्ञात पर भी केस, अखिलेश ने जिसे बताया सपा कार्यकर्ता, निकला ग्रामीण, ट्वीट डिलीट

    5 hours ago

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    गाजीपुर में सपा नेताओं और ग्रामीणों के बीच पथराव के मामले में पुलिस ने 46 नामजद सपा नेताओं और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमादर्ज किया है। नामजद आरोपियों में सपा के दो विधायक और सपा के जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं। पुलिस घटना के वीडियो से अज्ञात आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। मामला 15 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की का शव गंगा नदी पुल के पास मिला था। 19 अप्रैल को हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने एक आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग का मामला बताया जा रहा था। लड़की विश्वकर्मा समाज से थी, जबकि आरोपी ब्राह्मण समुदाय से है। इस मामले को लेकर सपा के जंगीपुर विधायक विरेंद्र यादव, सदर विधायक जयकिशन साहू और जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने डीएम-एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी पर गैंगरेप करके हत्या करने का आरोप लगाया था। जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप की कोई बात सामने नहीं आई थी। डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था। बुधवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर 15 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल गांव में पीड़िता के परिवार से मिलने पहुंचा था, तभी पथराव शुरू हो गया। पथराव में सपा के पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा समेत थानाध्यक्ष संतोष पाठक, कई पुलिस कर्मी, कई ग्रामीण और सपाई घायल हो गए थे। एसपी डॉ. ईरज राजा का कहना है- ग्रामीणों विरोध पर सपाइयों की ओर से ही पथराव की शुरुआत की गई थी। मामला जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव का है। 22 अप्रैल को पथराव-बवाल की तस्वीरें देखिए… अखिलेश ने जिसे कार्यकर्ता बताकर किया ट्वीट, उसी ने लगाए आरोप… इस पूरी घटना पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया X पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें एक पुलिसकर्मी के सिर पर पत्थर लगते दिख रहा है। इसके बाद साथी पुलिसकर्मी उसे उठाकर मौके से ले जाते हैं। अखिलेश ने लिखा- भाजपा के अराजक तत्व अब पुलिस पर भी सीधे हमला कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है कि अहंकारी भाजपा सरकार ही उनकी संरक्षक है। अब क्या पुलिस भी पीड़ित कहलाएगी? अगर ऐसा है तो हम कहेंगे PDA में P से एक और वर्ग जुड़ गया है और वो है ‘पीड़ित पुलिस’। हालांकि अखिलेश के पोस्ट के बाद पता चला कि जिस युवक को वे सपा कार्यकर्ता बता रहे थे, वह एक ग्रामीण था। किसी भी राजनैतिक पार्टी से नहीं जुड़ा था। इसकी जानकारी होने के बाद ‘X’ से अखिलेश का ट्वीट डिलीट हो गया। बाद में उसी युवक ने सपाइयों पर पथराव करने का आरोप लगाया। घायल युवक सुरेश सिंह ने कहा- मैं कोई सपा कार्यकर्ता नहीं हूं। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट करके मुझे सपा कार्यकर्ता बताया है। ये बिल्कुल झूठ है। मैं कटरिया पंचायत का रहने वाला हूं। किसी राजनैतिक पार्टी से नहीं हूं। हम पर सपाइयों ने ही पथराव किया था। जिससे मेरा सिर फूट गया है। करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में बुधवार दोपहर सपाइयों और ग्रामीणों के बीच पथराव और बवाल हो गया था। मामले में देर रात करंडा थानाध्यक्ष संतोष पाठक की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मुकदमे में जंगीपुर विधायक विरेन्द्र यादव, सदर विधायक जैकिशन साहू और जिलाध्यक्ष गोपाल यादव समेत 46 सपाई नामजद आरोपी हैं। इसके अलावा तीन जिला पंचायत सदस्य, महिला सभा जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष और एक पत्रकार भी नामजद हैं। वहीं 200 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। ये भी हैं नामजद आरोपी: सुनील यादव, मनीष यादव, अनिल यादव, पांचू यादव (जिला पंचायत सदस्य), सत्या यादव (जिला पंचायत सदस्य), पंकज यादव (जिला पंचायत सदस्य), विक्की यादव, उपकार यादव उर्फ सिंटू यादव, प्रहलाद बौद्ध, अभिषेक कुमार, आशीष यादव, बबूल गौड़, शुभम गौड़, शेरु गौड़, मोहन कुमार, उपेंद्र यादव, विगनाथ यादव, लाल बाबू यादव, सुभाष यादव, जीवन यादव, सत्येंद्र यादव, मोहम्मद इरफान, शाह मोहम्मद, सितांशु कुमार गौड़, अमितेश राम, सूर्यकांत यादव, मिथुन यादव, अनिल यादव (दूसरा), संतोष यादव, हरिकेश यादव, आशीष उर्फ मुगनू, शिशु यादव (ब्लॉक अध्यक्ष), आमिर अली (पूर्व छात्रसंघ महामंत्री), तौकीर खान, बिंदु बाला बिंद, रीना यादव, निशा पाल (महिला सभा जिलाध्यक्ष), श्यामबिहारी, महेश यादव, अनीश यादव, गौतम यादव, उपेंद्र यादव (दूसरा) और विवेक यादव (पत्रकार) को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का दावा- सुनियोजित था बवाल पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बाधित करने के लिए घटना सुनियोजित तरीके से की गई। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने के आरोप की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अब जानिए क्यों और कैसे शुरू हुआ था बवाल... मामले की शुरुआत 15 अप्रैल 2026 को हुई, जब कटारिया गांव की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी निशा विश्वकर्मा का शव गंगा नदी पुल के पास मिला था। 19 अप्रैल को हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी किशोरी से फोन पर बातचीत करता था और मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई, जबकि मौत की वजह डूबना बताई गई। जांच में एक वीडियो भी मिला, जिसमें किशोरी को पुल की ओर अकेले जाते देखा गया। सपा के गैंगरेप के झूठे आरोप से ग्रामीणों में आक्रोश किशोरी की मौत को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था। दो दिन पहले जंगीपुर विधायक विरेन्द्र यादव, सदर विधायक जैकिशन साहू और जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने डीएम-एसपी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी युवक के खिलाफ गैगरूप कर हत्या करने का आरोप लगाया था। जिससे ग्रामीण और भी आक्रोशित हो गए थे। प्रतिनिधिमंडल के दौरे से बिगड़ा माहौल इस मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर बुधवार दोपहर 12 बजे 15 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल गांव में पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए पहुंचा था। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया- पुलिस ने बिना अनुमति पहुंचने पर सपाइयों को रोकने का प्रयास किया। तभी सपाइयों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बीच हालात बिगड़ गए और दोपहर करीब 1:30 से 2 बजे के बीच पथराव शुरू हो गया। हालांकि पथराव की शुरुआत सपाइयों ने की, जिसके बाद ग्रामीणों ने भी पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पूर्व मंत्री, थाना प्रभारी समेत कई चोटिल पथराव में सपा के पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा समेत कई सपाई, करंडा थानाध्यक्ष समेत समेत कई पुलिसकर्मी और दर्जनों ग्रामीण घायल हो गए। एक स्थानीय युवक और एक महिला को भी गंभीर चोटें आईं। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि आसपास के बाजार बंद हो गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालात संभालने के लिए कई थानों की फोर्स बुलानी पड़ी। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति पर काबू पाया गया। फिलहाल गांव में पुलिस तैनात है और माहौल नियंत्रण में बताया जा रहा है। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़िए… यूपी के मिर्जापुर में सड़क हादसा, 11 की मौत:इनमें से 9 जिंदा जले, बोलेरो और कार ट्रक-ट्राले से टकराईं, बोलेरो में आग लगी यूपी के मिर्जापुर में बुधवार रात सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें बोलेरो सवार 9 लोग जिंदा जल गए। हादसा रात 9.30 बजे मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर हुआ। पुलिस के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रक का अचानक ब्रेक फेल हो गया। वो बेकाबू हो गया। ट्रक ने आगे चल रही बोलेरो और स्विफ्ट कार को टक्कर मार दी। दोनों गाड़ियां आगे चल रहे एक ट्राले से जा टकरा गईं। पूरी खबर पढ़िए…
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