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    गंगाघाट में गंगा जलस्तर बढ़ा, फसलें बर्बाद:उन्नाव के किसानों को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग की

    11 hours ago

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    उन्नाव में गंगाघाट क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से रेती में खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान हुआ है। अचानक बढ़े पानी और कटान के कारण खीरा, ककड़ी सहित अन्य फसलें बर्बाद हो गई हैं। प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। गंगाघाट की रेती में खेती करने वाले किसान कल्लू ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे उनकी फसलें प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा, "पूरा खेत पीला पड़ गया है। खीरा और ककड़ी की फसल खराब हो गई है। लगभग 10 से 30 हजार रुपये तक का नुकसान हुआ है।" किसानों के अनुसार, पानी भरने के बाद फसलें सड़ने लगती हैं और बाजार में बेचने लायक नहीं रहतीं। क्षेत्र की महिला किसान समीमा ने भी कटान और जलभराव की समस्या को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी बढ़ने से रेती कट रही है, जिससे खेती योग्य जमीन कम होती जा रही है। समीमा ने कहा, "बहुत नुकसान हो गया है, पूरी रेती ही कट गई है।" उन्होंने सरकार से नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा देने की मांग की। एक अन्य किसान शत्रुघ्न ने जानकारी दी कि इस बार गंगा का पानी पिछले वर्षों की तुलना में काफी जल्दी आ गया, जिससे फसलें संभल नहीं पाईं। उन्होंने बताया कि उन्हें करीब दो लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। शत्रुघ्न ने कहा कि सरकार किसानों से कई तरह के कर और जिम्मेदारियां लेती है, लेकिन नुकसान होने पर पर्याप्त मदद नहीं मिलती। स्थानीय किसानों का कहना है कि रेती की खेती पूरी तरह मौसम और नदी के जलस्तर पर निर्भर करती है। ऐसे में अचानक जलस्तर बढ़ने से उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और शीघ्र मुआवजा दिया जाए। फिलहाल, बढ़ते जलस्तर और कटान के चलते गंगाघाट क्षेत्र के किसानों में चिंता का माहौल है। सभी की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई और राहत उपायों पर टिकी है।
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