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    गोंडा में 21 हजार परिषदीय बच्चों की जान खतरे में:ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार, कई स्कूलों में रखे हैं ट्रांसफार्मर

    3 hours ago

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    गोंडा के 200 परिषदीय विद्यालयों के भवनों के ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइनें गुजर रही हैं कई विद्यालय में विद्युत ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं और इन विद्यालयों में तारों का मकड़जाल भी फैला हुआ है तारों को सुरक्षित भी नहीं किया गया है। जिससे इन विद्यालयों में पढ़ रहे 21 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं की जान को हर समय खतरा बना रहता है। कुछ ऐसी ही तस्वीर भास्कर की पड़ताल में निकाल कर सामने आई है। जहां प्राथमिक विद्यालय बखरवा में 11 केवीए की विद्युत लाइन गुजर रही है, जिससे बच्चों को लगातार खतरा बना रहता है। विद्यालय परिसर के अंदर ट्रांसफार्मर और खुले तार भी मौजूद हैं। सहायक अध्यापक सुधीर कुमार मिश्रा ने इस संबंध में कई बार विभाग को पत्र लिखा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह उच्च प्राथमिक विद्यालय मेहनौंन परिसर से 33 केवीए की विद्युत लाइन गुजर रही है यहां पर चार खंभों पर बड़ा विद्युत ट्रांसफार्मर भी रखा हुआ है। प्राथमिक विद्यालय अयाह द्वितीय इटियाथोक में भी विद्यालय परिसर से भी हाई टेंशन लाइन के तार गए हुए हैं। जिससे बच्चों को गेट पर करने में काफी डर लगता है कि कहीं तार टूट करके गिर ना जाए। प्राथमिक विद्यालय सरकण्डा प्रसाद से भी हो करके 11 केवीए विद्युत लाइन गई हुई है इसे भी हटाने के लिए विभाग द्वारा भी कोई ठोस कदर नहीं उठाया जा रहा है। यहां पर ठीक विद्यालय के पास विद्युत ट्रांसफार्मर भी लगा दिया गया है और काफी तार भी फैले हुए हैं। प्राथमिक विद्यालय छतौनी के पास एकदम विद्युत ट्रांसफार्मर लगा हुआ है इसके परिसर से भी हाई टेंशन लाइन के तार गए हुए है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, वर्ष 2022 में तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें इन तारों को हटवाने की मांग की गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर, शासन ने वर्ष 2025 में लाइन शिफ्टिंग के लिए 1.55 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था और संबंधित विभागों को निर्देश दिए थे। हालांकि, बजट जारी होने और निर्देश मिलने के बावजूद, अभी तक इन 200 परिषदीय विद्यालयों के भवनों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को हटाया नहीं गया है। बिजली विभाग द्वारा इस बजट को लेकर कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है। 4 सालों से विभाग द्वारा लगातार बिजली विभाग को पत्र लिखा जा रहा है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है एक साल पहले बजट भी मिल गया है। लेकिन बजट मिलने के बावजूद भी बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लिखे जा रहे पत्र पर बिजली विभाग कोई अमल करने को तैयार नहीं है। 16 मार्च को बेसिक शिक्षा निदेशक ने भी सभी जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भी पत्र जारी करके तत्काल प्रभाव से लाने हटाने को लेकर निर्देश दिया था लेकिन उसे पत्र पर भी अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। डर के साए में इन 200 परिषदीय विद्यालयों के कमरों में बैठकर के बच्चे किसी तरीके से पढ़ाई करते हैं बाहर जब पानी लेने जाते हैं तो उनको डर लगता है। एक बार फिर से 10 अप्रैल को बीएसए अमित कुमार सिंह ने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचना मांगी है। गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालय के ऊपर से जा रही हाई टेंशन लाइन को हटाने के लिए विभाग द्वारा कई बार पत्र भी भेजा गया है लाइन शिफ्टिंग को लेकर के कई बार मेरे द्वारा कहा भी गया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मेरे द्वारा अभी जल्द में ही बिजली विभाग को पत्र भेजा गया है कि हमारे जितने भी परिषदीय विद्यालय के ऊपर से हाई टेंशन लाइन के तार गए हैं उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। बिजली विभाग ने आश्वासन दिया है कि हटाया जाएगा हम लोग भी चाहते हैं कि हमारे बच्चे सुरक्षित पढ़ें और बच्चों को कोई दिक्कत ना हो। दरअसल पथवलिया स्थित कंपोजिट विद्यालय भी इसी सूची में शामिल था। बताया जा रहा है कि 10 अप्रैल को हादसे वाले दिन जिस दिन रंजीत तिवारी की मौत हुई है उस दिन भी विद्यालय के ऊपर से गुजर रही लाइन में स्पार्किंग हो रही थी। यह देखकर रंजीत तिवारी वहां खेल रहे बच्चों को हटाने पहुंचे थे उनकी चेतावनी पर बच्चे तो सुरक्षित स्थान पर चले गए। लेकिन इसी दौरान तार टूटकर रंजीत पर गिर पड़ा और वह उसकी चपेट में आ गए जिससे उनकी मौत हो गई थी।
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