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    बरेली में DIOS ने भूमाफिया पर कराई FIR:मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज की जमीन पर कब्जा किया था, 2 साल तक हुई जांच

    3 hours ago

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    बरेली के सिविल लाइंस स्थित अंग्रेजों के जमाने के मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के खेल के मैदान को खुर्द-बुर्द करने वाले भूमाफियाओं पर आखिरकार कानून का शिकंजा कस गया है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की 2 साल तक चली लंबी जांच के बाद, कमिश्नर के कड़े आदेश पर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) डॉ. अजीत कुमार ने कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले में डॉ. न्यूटन एम. परमार, सुनील मसीह और इमेज इलेक्ट्रॉनिक के साझेदार हरीश अरोड़ा समेत अन्य को नामजद किया गया है। भाजपा नेता महेश पांडेय की शिकायत पर शुरू हुई जांच इस पूरे घोटाले को बेनकाब करने में भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश पांडे की मुख्य भूमिका रही। उन्होंने 17 फरवरी 2024 को पहली बार इस मामले की गंभीर शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर 15 दिसंबर 2024 को दोबारा लिखित शिकायत दी गई, जिसके बाद शासन और प्रशासन हरकत में आया। महेश पांडे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि भूमाफियाओं ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलीभगत कर झूठे दस्तावेज तैयार किए और करोड़ों की जमीन हड़प ली। उच्चस्तरीय जांच कमेटी ने पकड़ी बड़ी हेरफेर तत्कालीन मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक त्रि-सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की थी। इस कमेटी में अपर आयुक्त (प्रशासन) प्रीती जायसवाल, एसपी सिटी मानुष पारीक और एडीएम सिटी सौरभ दुबे शामिल थे। कमेटी की जांच रिपोर्ट में साफ हुआ कि कॉलेज के पास करीब 20 हजार वर्गमीटर का खेल मैदान था, जिसे कागजों में हेरफेर कर 'अनयूज्ड' (अनुपयोगी) दिखाया गया। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, कब्जा की गई जमीन रजिस्टर्ड लीज डीड से 2200 वर्गमीटर अधिक पाई गई। डॉ. न्यूटन परमार और सुनील मसीह का फर्जीवाड़ा जांच में सामने आया कि 4 मार्च 2022 को संस्था के अधिकृत सचिव डॉ. न्यूटन एम. परमार ने खेल के मैदान के 610 वर्गमीटर हिस्से को क्षितिज इंटरप्राइजेज नाम की फर्म को लीज पर दे दिया। इस फर्म के साझेदार हरीश अरोड़ा ने तुरंत वहां बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी। इस खेल का मास्टरमाइंड सुनील मसीह को बताया जा रहा है, जो मैथोडिस्ट चर्च का क्षेत्रीय कार्यकारी सचिव है और जिसके खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। छात्राओं की सुरक्षा दांव पर, नियमों की उड़ी धज्जियां डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार ने तहरीर में स्पष्ट किया कि स्कूल की जमीन को बिना सरकारी अनुमति के लीज पर देना यूपी एजुकेशन एक्ट का सीधा उल्लंघन है। जांच रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि इस जमीन पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनने से छात्राओं की सुरक्षा और कॉलेज के माहौल पर बुरा असर पड़ेगा। फिलहाल पुलिस ने धारा 420, 467, 468 और 471 जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मैथोडिस्ट कॉलेज का गौरवशाली इतिहास: नवाब रामपुर ने दान दी थी जमीन मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज का इतिहास बेहद गौरवशाली और जनसेवा से जुड़ा है। इस संस्थान की नींव 1871 में पड़ी थी, जब रामपुर के नवाब ने डॉ. क्लैरा स्वैन को यह विशाल जमीन दान में दी थी। डॉ. स्वैन एशिया की पहली महिला मिशनरी डॉक्टर थीं, जिन्होंने यहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की अलख जगाई। उस समय यह जमीन 'अमेरिकन न्यू वेस्ट मिशन' (जो बाद में मैथोडिस्ट चर्च इन इंडिया बना) के नाम पर दर्ज की गई थी। डेढ़ सदी से भी अधिक पुराने इस संस्थान ने बरेली और आसपास के क्षेत्रों में महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। आज उसी दान में मिली और जनसेवा के लिए समर्पित जमीन पर भूमाफियाओं की नजरें गड़ गई हैं, जिससे इस ऐतिहासिक धरोहर के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
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