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    बैंककर्मियों के लैपटॉप से ट्रांजेक्शन करता था साइबर ठग, VIDEO:इनामी साइबर ठग संग मैनेजर शराब पार्टी करते थे, 2.11 करोड़ फ्रीज

    8 hours ago

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    बर्रा से फरार साइबर ठग राजबीर सिंह यादव बड़ा जालसाज निकला। वह बैंककर्मियों के लैपटॉप से खुद ही खाते खोलता था। साइबर ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन करता था। इसका खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। पुलिस के हाथ अब दो वीडियो लगे हैं। वीडियो एक फ्लैट का बताया जा रहा है। इसमें यूनिटी स्मॉल बैंक फाइनेंस स्वरूप नगर के रिलेशनशिप मैनेजर कल्याणपुर निवासी आशीष कुमार शराब पीते दिख रहा है। उसके पास बैठा बर्रा का राजबीर सिंह यादव उसके लैपटॉप से ट्रांजेक्शन कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो एक्सिस बैंक कन्नौज के ऑपरेशनल हेड बहराइच जरबल रोड निवासी धर्मेंद्र सिंह बना रहा है। बर्रा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रवीन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि एक दूसरा वीडियो डांस बार का है, जिसमें बैंककर्मी और ठग डांस करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो कहां के हैं, इनकी जांच की जा रही है। फरार चल रहे राजबीर पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। ठग के साथ बैंक मैनेजर की 2 तस्वीर… पहले जानिए पूरा मामला… कानपुर में साइबर ठगी करने वाले 8 लोग अरेस्ट किए गए हैं। इसमें अलग-अलग बैंकों के पांच अधिकारी शामिल हैं। यह साइबर ठगों को म्यूल खाते उपलब्ध कराते थे। यह गिरोह साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी फर्म बनाकर ठगी की रकम ट्रांसफर कराता था। इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने किया। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक पिछले साल अक्टूबर 2025 में नवीं मुंबई में डिजिटल अरेस्ट कर 58 करोड़ की ठगी के बाद एक कानपुर के शुभम गौड़ के बैंक खाते में 2.5 करोड़ रुपए भेजे थे। इसी तरह देश में 17 अन्य हुए साइबर क्राइम में भी कानपुर के एक खाते का इस्तेमाल हुआ था। बर्रा पुलिस के पास NCRP पोर्टल से अलर्ट आया था। राजबीर के 5 खातों में मिले 2.11 करोड़ राजबीर का अपना गैंग है। जांच में इनसे जुड़े 25 मोबाइल नंबर सामने आए हैं जिनका प्रयोग साइबर ठगी में हुआ है। इन नंबरों को ब्लॉक करा दिया गया है ताकि दूसरा नंबर जारी न कराया जा सके। 100 सिम अभी जांच के दायरे में हैं। उन्हें भी ब्लाक कराया जाएगा। पुलिस ने स्वरूप नगर स्थित सीएसबी बैंक की जांच की तो राजबीर के पांच खातों में 2,11,97,306 रुपया मिला है। राजबीर के परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर पुलिस को कुल 13 खाते सीएसबी बैंक में मिले हैं। सभी खातों को फ्रीज करा दिया गया है। इन लोगों को पुलिस ने भेजा था जेल बर्रा पुलिस ने सीएसबी बैंक स्वरूप नगर के ब्रांच मैनेजर गुजैनी निवासी अमित कुमार, यूनिटी स्मॉल बैंक फाइनेंस स्वरूप नगर के रिलेशनशिप मैनेजर कल्याणपुर निवासी आशीष कुमार, एक्सिस बैंक कन्नौज के ऑपरेशनल हेड बहराइच जरबल रोड निवासी धर्मेंद्र सिंह, एक्सिस बैंक कन्नौज के डिप्टी मैनेजर रसूलाबाद निवासी अमित सिंह, ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में डिलीवरी ब्वाय गुजैनी निवासी सोनू शर्मा व ड्राईवर सतीश पांडेय और गोविंद नगर के टैटू मास्टर साहिल विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेजा था। जांच हुई तो बैंक कर्मियों की मिलीभगत मिली मामले में जांच करने पुलिस सीएसबी बैंक पहुंची, यहां जांच पड़ताल की गई तो पुलिस राजबीर के खाते मिल गए। बर्रा थाना प्रभारी रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि राजबीर शुरुआत में फिनो बैंक में काम करता था। इसके चलते वह बैंक के कामकाज से पूरी तरह वाकिफ था। इसी के चलते वह बैंक कर्मियों के लैपटॉप से खुद ही खाते खोल लेता था और रुपयों का भी ट्रांजेक्शन करता था। जेल भेजे गए बैंककर्मी आशीष कुमार के मोबाइल से इसके वीडियो पुलिस को मिले हैं। इसके बाद पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी। बर्रा थाना प्रभारी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने सीएसबी बैंक स्परूप नगर में मैनेजर, डिप्टी मैनेजर, पीओ व अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की गई। जांच में पता चला कि राजबीर फर्जी दस्तावेजों से परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर खाते खोले। बैंक कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी केवाईसी भी कराई। इसके बाद फर्मों के नाम पर खोले गए खातों का संचालन साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए किया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि सभी 13 बैंक खातों की जांच की गई तो 40 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। पांच खातों में 2.11 करोड़ रुपये फ्रीज कराया गया है। डाटा का परीक्षण किया जा रहा इंस्पेक्टर ने बताया कि खातों से लिंक 25 मोबाइल नंबर, विभिन्न डिजिटल डिवाइस, आईपी लॉगिन, केवाईसी डेटा, सीडीआर व टॉवर लोकेशन, बैंकिंग ट्रेल एवं ट्रांजेक्शन मेटा डाटा का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मनी ट्रेल, बेनिफिशियरी मैपिंग एवं डिजिटल सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों, लाभार्थियों और उनके आर्थिक नेटवर्क की पहचान की जा रही है। इन बैंको के नाम सामने आए साइबर ठगी में यूपी ग्रामीण बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, सीएसबी बैंक, यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक, एक्सिस बैंक, महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक, यूको बैंक और सिटी यूनियन बैंक में खातों की जानकारी हुई। पकड़े गए आरोपियों के पास 24 फर्जी जीएसटी फर्म, 16 म्यूल अकाउंट, 22 फर्जी सिम कार्ड और 9 मोबाइल मिले हैं। अब जानिए बैंक कर्मी किस तरह करते थे ठगों की मदद साइबर ठगों को मदद करने में बैंककर्मियों की भी बड़ी भूमिका सामने आई है। पुलिस ने जांच के बाद उन सभी को गिरफ्तार किया है।
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