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    अस्पताल गेट पर डिलीवरी, CMO को बंधक बनाया:शामली में भाकियू कार्यकर्ताओं ने किया घेराव, स्टाफ नर्स को हटाया गया

    2 hours ago

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    शामली में जिला अस्पताल के गेट पर एक गर्भवती महिला की डिलीवरी होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय का घेराव कर सीएमओ को उन्ही के ऑफिस में घंटों तक बंधक बनाए रखा। जानकारी के अनुसार, देर रात प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला जिला अस्पताल पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स मोनिका यादव और अन्य कर्मचारियों ने महिला का इलाज करने से इनकार कर दिया। उनसे इलाज के लिए 50 हजार रुपये की मांग की गई। परिजनों ने जब रकम देने से इनकार किया, तो गर्भवती महिला और उसके परिवार को अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया। अस्पताल परिसर से बाहर निकलते ही गेट पर ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। इस पूरी घटना का वीडियो परिजनों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला गरमा गया। घटना से आक्रोशित भाकियू के जिलाध्यक्ष और खाप चौधरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सीएमओ को उनके कार्यालय में ही घंटों तक बंधक बनाए रखा। हंगामे के बाद आरोपी स्टाफ नर्स मोनिका यादव को हटा दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी व खाप चोधरी सैकड़ों कार्यकर्ता को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने सीएमओ अनिल कुमार का उन्ही के ऑफिस में घेराव करते हुए बंधक बनाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में लंबे समय से भ्रष्टाचार और लापरवाही का खेल चल रहा है, जिससे आम जनता परेशान है। किसान यूनियन के नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक स्टाफ नर्स मोनिका यादव सहित सभी दोषी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय से पीछे नहीं हटेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। सीएमओ कार्यालय की ओर से जांच के आदेश दिए जाने की बात सामने आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी, जबकि अभी तत्काल उक्त स्वास्थ्य कर्मी महिला मोनिका यादव को उस जगह से हटा दिया गया है।
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