Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सहारनपुर में फर्जी डॉक्यूमेंट से जमीन हड़पी:सौतेली मां, रिश्तेदारों पर साजिश का आरोप, फर्जी आधार-वोटर आईडी से कराए गए बैनामे, कोर्ट के आदेश पर FIR

    1 hour ago

    2

    0

    सहारनपुर में पुश्तैनी संपत्ति को करोड़ों की जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बेटी बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। सौतेली मां, रिश्तेदारों ने गिरोह बनाकर साजिश की और फर्जी आधार, वोटर आईडी से जमीन का बैनामा करा दिया। आरोप है कि विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने सीजेएम कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना बेहट क्षेत्र की रहने वाले परवीन ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपनी सौतेली मां, उसके साथी और कई रिश्तेदारों पर करोड़ों की जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, मामला उसके दादा वजीर अहमद की पुश्तैनी जमीन से जुड़ा है, जो कई खसरा नंबरों में फैली हुई थी। 2016 में दादा की मृत्यु के बाद यह संपत्ति उनके बेटे इब्राहिम के नाम आई। इब्राहिम के निधन के बाद यह संपत्ति उनके बच्चों परवीन, बुशरा, नशरा और अम्मार के बीच बंटनी थी। लेकिन आरोप है कि यहीं से साजिश की शुरुआत हुई और संपत्ति को हड़पने के लिए तरीके से फर्जीवाड़ा किया गया। परवीन का आरोप है कि उसकी सौतेली मां गुलशाना और उसके कथित प्रेमी शहजाद सलमानी ने मिलकर एक साजिश रची। इसमें परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि यासीन की बेटी शाइस्ता को कागजों में इब्राहिम की बेटी दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए। इसके लिए आधार कार्ड, वोटर लिस्ट और बैंक पासबुक जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेरफेर किया गया, ताकि शाइस्ता को भी संपत्ति का वैध वारिस दिखाया जा सके। पीड़िता का दावा है कि इस फर्जीवाड़े में असलम नामक व्यक्ति की अहम भूमिका रही, जिसे नकली दस्तावेज तैयार करने में माहिर बताया गया है। प्रार्थना पत्र में ये भी आरोप लगाया गया है कि फर्जी पहचान के आधार पर आरोपियों ने करोड़ों की जमीन के कई बैनामे कराए। बताया गया है कि अक्टूबर 2020 और अक्टूबर 2021 में तीन-तीन रजिस्ट्रियां कराई गईं। इसके बाद दिसंबर 2022 और जनवरी 2023 में भी बड़े पैमाने पर जमीन का हस्तांतरण किया गया। परवीन का आरोप है कि ये सभी बैनामे बिना किसी वैध भुगतान के, केवल धोखाधड़ी के उद्देश्य से किए गए। पीड़िता ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर पहले ही शाइस्ता को इब्राहिम की बेटी मानने के दावे को खारिज किया जा चुका है। 25 अगस्त 2023 को जारी आदेश में इस दावे को फर्जी बताते हुए निरस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि आरोपी उसी आधार पर लगातार संपत्ति पर दावा कर रहे हैं। परवीन ने आरोप लगाया कि 25 मार्च 2025 को कोर्ट परिसर में ही आरोपियों ने उसे धमकी दी। प्रार्थीया के अनुसार, आरोपियों ने कहा कि उन्होंने चालाकी से बैनामे कराए हैं और आगे भी इसी तरह कब्जा करते रहेंगे। साथ ही यह भी धमकी दी गई कि जो उनके खिलाफ जाएगा, उसे जान से मार दिया जाएगा। परवीन का कहना है कि उसने थाना सदर बाजार और एसएसपी को शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देकर मामले को टाल दिया, जबकि फर्जी दस्तावेजों का उपयोग इसी क्षेत्र में किया गया था। पीड़िता ने कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    भदोही में कांग्रेसियों ने असम CM का पुतला फूंका:खड़गे-खेड़ा पर टिप्पणी के विरोध में किया प्रदर्शन
    Next Article
    संभल जामा मस्जिद के कब्रिस्तान से हटेंगे 18 अवैध मकान-दुकानें:1990 से 8 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा, कोर्ट ने प्रशासनिक कार्रवाई के स्टे को किया खारिज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment