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    अपनी कॉलोनी के भवनों को नोटिस क्यों दे रहा GDA:25 साल में पहली बार शुरू हुई कार्रवाई; देवरिया बाईपास पर हुआ था आवंटन

    9 hours ago

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    गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) लाइब्रेरी, कोचिंग संस्थान और हॉस्टल की जांच के बाद अब अपनी कालोनी में बने भवनों की जांच करने भी पहुंच चुका है। लगभग 29 साल पहले देवरिया बाईपास रोड पर प्राधिकरण ने भूखंड आवंटित किया था। 25 साल पहले से यहां निर्माण भी शुरू हो गया। सभी का आवासीय नक्शा पास हुआ लेकिन ऐसा पहली बार है जब GDA इन भवन स्वामियों को नोटिस दे रहा है। यहां अधिकतर आवासीय भवनों में कामर्शियल गतिविधियां संचालित हैं। इसीलिए प्राधिकरण ने नोटिस देकर सभी से शमन मानचित्र पास कराकर कामर्शियल में परिवर्तित कराने को कहा है। अब सवाल यह उठता है कि जब प्राधिकरण पहले से यह जान रहा था कि उसकी लेआउट कालोनी में देवरिया बाईपास के दोनों ओर के सैकड़ों मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं तो पहले किसी को नोटिस क्यों नहीं दिया गया। इसका जवाब बिल्डिंग बायलाज में छिपा है। पहले प्राधिकरण की किसी कालोनी के लेआउट में परिवर्तन संभव नहीं था। प्राधिकरण चाहकर भी भू उपयोग परिवर्तित नहीं कर सकता था। इसलिए नोटिस देने के बाद कोई समाधान नहीं था, जिसे भवन स्वामियों को बताया जा सकता। लेकिन बिल्डिंग बायलाज के प्रावधान बदले तो लेआउट वाली कालोनी में भी भू उपयोग परिवर्तन की सुविधा मिल गई। प्राधिकरण के एक अभियंता ने बताया कि जिस सड़क के दोनों किनारे ये भवन बनाए गए हैं, उसे बाजार स्ट्रीट में भी शामिल किया गया है। यानी सड़क के दोनों ओर 100 मीटर की गहराई तक या पहले प्लॉट की गहराई में से जो भी कम होगा, वहां तक बाजार स्ट्रीट की सुविधा मिलेगी। सड़क के किनारे स्थित सभी भवनों पर यह नियम लागू होता है। 3 दिनों तक प्राधिकरण की टीम ने जांच की 3 दिनों तक प्राधिकरण की टीम ने इस स्थान पर जांच की। हर भवन की जांच की गई। वहां कामर्शियल गतिविधियां संचालित पायी गईं। जहां मकान नहीं बने हैं, वहां भी कोई न कोई कामर्शियल गतिविधि संचालित हो रही है। सभी को नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस जारी कर सभी को शमन मानित्र दाखिल करने को कहा गया है। सबसे पहले नोटिस का जवाब देना होगा। खुद से कोई शमन मानचित्र के लिए नहीं आया प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि खुद से कोई भवन स्वामी शमन मानचित्र दाखिल करने नहीं आया। जब तक यह सुविधा नहीं थी, तब तक अधिकतर लोग इसका हवाला देते थे कि व्यवस्था बन जाए तो शमन करा लिया जाएगा। लेकिन जैसे ही प्रावधान आया, सभी ने चुप्पी साध ली। जिसके बाद GDA ने नोटिस जारी किया है। GDA की बढ़ेगी आय शमन मानचित्र आएंगे तो GDA को अच्छी-खासी आय अर्जित होगी। इसके साथ ही सभी भवन कामर्शियल में परिवर्तित हो जाएंगे। उसी के अनुसार यहां सुरक्षा के उपाय भी देने होंगे। जिन भवनों की ओर से शमन नहीं कराया जाएगा, उनके विरुद्ध कार्रवाई की भी तैयारी है। शमन कराने के लिए दिया गया नोटिस GDA के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि आवासीय भवनों मं कामर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उनका शमन कराने के लिए नोटिस दिया गया है। सभी भवन स्वामियों से नोटिस का जवाब देकर शमन मानचित्र दाखिल करने को कहा गया है।
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