Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    आईफोन लेने के आरोप में फंसे डीएम हटाए गए:दिव्या मित्तल भी साइडलाइन, संभल डीएम का कद बढ़ा; यूपी में 38 IAS के ट्रांसफर

    12 hours ago

    2

    0

    योगी सरकार ने रविवार रात 38 IAS अफसरों के तबादले कर दिए। 8 जिलों के डीएम बदले गए। इसके अलावा, कंडीशनल इस्तीफा वापस लेने वाले रिंकू सिंह राही को 9 महीने बाद पोस्टिंग मिल गई है। उन्हें जालौन का संयुक्त मजिस्ट्रेट बनाया गया है। संभल में तीर्थों की खोज कराने वाले डीएम राजेंद्र पेसिंया को मुरादाबाद जैसे बड़े जिले की कमान दी गई है। वहीं, देवरिया डीएम दिव्या मित्तल और फिरोजाबाद डीएम रमेश रंजन को हटाकर राजस्व विभाग भेजा गया है। दोनों को अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त बनाया गया है। इसे ब्यूरोक्रेसी में सबसे खराब पोस्टिंग माना जाता है। देवरिया डीएम का स्थानीय जनप्रतिनिधि विरोध कर रहे थे, जबकि फिरोजाबाद डीएम पर टूंडला की तत्कालीन तहसीलदार राखी शर्मा से आईफोनलेने का आरोप लगा था। सूत्रों के मुताबिक, सीएम योगी भी फिरोजाबाद डीएम रमेश रंजन के कामकाज से नाराज थे। प्रतापगढ़ डीएम शिव सहाय अवस्थी को भी साइडलाइन कर दिया गया है। उन्हें ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। बताया जा रहा है कि इनके कामकाज से भी योगी नाराज थे। जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र को भी हटा दिया गया है। उन्हें विशेष सचिव, समाज कल्याण विभाग में भेजा गया है। चलिए पढ़ते हैं कि अफसरों के तबादले क्यों हुए… किसे कहां भेजा गया, जानिए… 1- रिंकू सिंह राही को 9 महीने बाद मिली पोस्टिंग उठक-बैठक कर चर्चा में आए 44 साल के रिंकू सिंह राही ने 26 मार्च को राष्ट्रपति को कंडीशनल इस्तीफा भेजा था। उन्होंने कहा था कि उन्हें वेतन तो मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का अवसर नहीं मिल रहा। साथ ही उन्होंने अपनी पुरानी सेवा यानी पीसीएस में वापस भेजे जाने की भी अपील की थी। हालांकि, एक हफ्ते पहले उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। उन्होंने कहा था कि शासन के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आगे ऐसा नहीं होगा और उन्हें जल्द ही सम्मानजनक पोस्टिंग दी जाएगी। रिंकू को 9 महीने पहले वकीलों के सामने उठक-बैठक कराने के मामले में शाहजहांपुर की पुवायां तहसील से हटाया गया था। वहां वह एसडीएम थे। शाहजहांपुर से हटाकर उन्हें राजस्व परिषद भेज दिया गया था। तब से उन्हें कोई फील्ड पोस्टिंग नहीं दी गई थी। रिंकू 2021 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनकी सेवा के अभी 16 साल बाकी हैं। 2- रमेश रंजन: तहसीलदार राखी शर्मा ने आईफोन लेने का आरोप लगाया था, अब हटाए गए फिरोजाबाद डीएम रमेश रंजन (29) पर टूंडला की तत्कालीन तहसीलदार राखी शर्मा ने रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। राखी ने कहा था-DM को रिश्वत के तौर पर 1.75 लाख का आईफोन और आईवॉच दी है। इसके बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है। 15 दिन पहले राखी शर्मा को हटा दिया गया था। उन्हें राजस्व परिषद मुख्यालय लखनऊ से अटैच कर दिया गया है। ट्रांसफर आदेश जारी होने के बाद महिला अफसर ने सीएम योगी के नाम एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने डीएम रमेश रंजन पर गंभीर आरोप लगाए और न्याय की गुहार लगाई। इसमें कहा- डीएम रमेश रंजन सर और उनके कुछ बाबू मुझे परेशान कर रहे हैं। 3- दिव्या मित्तल: देवरिया में जनप्रतिनिधियों का विरोध कर रहे थे देवरिया डीएम दिव्या मित्तल को राजस्व विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। उनके खिलाफ स्थानीय जनप्रतिनिधि विरोध कर रहे थे। दिव्या मित्तल यूपी कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह देवरिया से पहले मिर्जापुर और संत कबीर नगर की डीएम रह चुकी हैं। 4- राजेंद्र पेंसिया: संभल में तीर्थों की खोज, अब बड़े जिले की कमान संभल डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया को मुरादाबाद जैसे बड़े जिले का डीएम बनाया गया है। उन्हें 25 जून 2024 को संभल में तैनाती मिली थी। संभल में उन्होंने तीर्थों की खोज करवाई और सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटवाए। राजेंद्र पेंसिया 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 5- डॉ. दिनेश चन्द्र: सड़क हादसे में कार्रवाई न आधा वेतन कटा था, अब हटाए गए जौनपुर के डीएम डॉ. दिनेश चन्द्र को विशेष सचिव समाज कल्याण विभाग में भेजा गया है। अप्रैल में सड़क हादसे के मामले में समय पर कार्रवाई न करने पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के जज मनोज कुमार अग्रवाल ने डीएम का आधा वेतन रोकने का आदेश दिया था। अधिकरण ने डीएम के इस कृत्य को आपत्तिजनक माना था। 6- अंकित खंडेलवाल: 16 करोड़ के भुगतान पर रोक, अब संभल की जिम्मेदारी आगरा नगर आयुक्त रहे अंकित खंडेलवाल को संभल का डीएम बनाया गया है। उनकी पहचान एक सख्त अधिकारी के रूप में है। 3 मई को उन्होंने जलकल विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 16 करोड़ रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी थी। उन्होंने निर्देश दिए थे कि संबंधित कार्यों की पहले जांच होगी, उसके बाद ही भुगतान किया जाएगा। साथ ही स्पष्ट किया था कि जांच से पहले भुगतान होने पर वित्त विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उनके कार्यकाल की यह कार्रवाई जलकल विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सख्ती के रूप में देखी गई। -------------- ये खबर भी पढ़ें- 16 लाख कर्मचारियों की ट्रांसफर पॉलिसी पर लगेगी मुहर यूपी के 16 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग में सोमवार को अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए साल 2026-27 की ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    तुला राशि
    Next Article
    प्रयागराज में नॉर्थ टेक सिम्पोजियम आज से शुरू:रक्षा मंत्री करेंगे उद्घाटन, 284 कंपनियां दिखाएंगी स्वदेशी रक्षा तकनीक

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment