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    Tamil Nadu Politics: क्या राख हो चुके रिश्तों पर बनेगा AIADMK और Actor Vijay का नया गठबंधन?

    3 hours from now

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    विजय की टीवीके को 102 से अधिक सीटें मिलने के शुरुआती रुझानों ने चेन्नई के सत्ता गलियारों में गठबंधन की चर्चा को फिर से हवा दे दी है, लेकिन महीनों से जारी सार्वजनिक खंडन, तीखे हमलों और विफल वार्ताओं का मतलब है कि एआईएडीएमके-विजय गठबंधन को आशावाद के बजाय राजनीतिक राख पर ही खड़ा करना होगा। दोनों पक्षों के औपचारिक खंडन ने 2026 के तमिलनाडु चुनाव में एआईएडीएमके-विजय गठबंधन की संभावनाओं को पूरी तरह से खत्म कर दिया है, जबकि टीवीके की पहली बड़ी राजनीतिक शुरुआत ने चुनाव के बाद के समीकरणों को लेकर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इसे भी पढ़ें: Trisha Krishnan ने तिरुपति में टेका मत्था: जन्मदिन पर भक्ति या Vijay Thalapathy की जीत के लिए दुआ? सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चापर्दे के पीछे अनौपचारिक संपर्क सक्रिय थे। उस समय की बातचीत पर नज़र रखने वाले राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, 2025 के अंत में एआईएडीएमके ने विजय की तमिलगा वेट्री कज़गम से 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए संभावित गठबंधन के बारे में बातचीत शुरू की थी। ये बातचीत तब विफल हो गई जब टीवीके ने कथित तौर पर कुछ सख्त शर्तें रखीं: गठबंधन का नेतृत्व, विजय को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करना और विधानसभा की 234 सीटों में से लगभग आधी सीटें। राज्य में कई बार सत्ता में रह चुकी एआईएडीएमके जैसी पार्टी पहली बार चुनाव लड़ रही पार्टी को इतनी प्राथमिकता देने को तैयार नहीं थी।गठबंधन टूटने के बाद, एआईएडीएमके भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ढांचे की ओर झुक गई, जबकि टीवीके ने सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के अपने फैसले पर और भी दृढ़ रुख अपनाया। इसके बाद से दोनों पक्षों का रुख और भी कड़ा हो गया। टीवीके ने एआईएडीएमके के साथ गठबंधन की अटकलों को बार-बार "पूरी तरह से झूठा" बताते हुए खारिज किया और जोर देकर कहा कि वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी। जैसे-जैसे चुनाव प्रचार आगे बढ़ा, विजय का संदेश गठबंधन की राजनीति को स्पष्ट रूप से खारिज करने वाला बन गया, जिसमें डीएमके सरकार और भाजपा दोनों पर सीधे हमले किए गए और एआईएडीएमके-भाजपा के आपसी संबंधों से दूरी बढ़ती गई। इसे भी पढ़ें: Election Results 2026 Live Updates: बंगाल में सांप-सीढ़ी का खेल, असम में BJP आगे, जानें तमिलनाडु और केरलम का हालएएडीएमके नेताओं ने भी यही राह अपनाई। मार्च 2026 में, पार्टी प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के साथ किसी भी गठबंधन से सार्वजनिक रूप से इनकार कर दिया और समझौते की चर्चा को मीडिया की अफवाह बताया। इसके बाद के हफ्तों में एआईएडीएमके और टीवीके के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी हुई, जिसे विश्लेषकों ने चुनाव पूर्व प्रचार के अंतिम चरण के रूप में देखा।
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