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    यूपी प्रेस क्लब में तीन कृतियों का विमोचन:साहित्यिक संस्था ‘अमृतायन’ ने किया साहित्य समागम

    2 hours ago

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    साहित्य, संवेदना और सृजन की त्रिवेणी गुरुवार को यू.पी. प्रेस क्लब के सभागार में देखने को मिली, जहां साहित्यिक संस्था ‘अमृतायन’ के सहयोग से आयोजित साहित्य समागम में तीन चर्चित कृतियों का विमोचन किया गया । कार्यक्रम में शहर के साहित्यप्रेमियों की अच्छी खासी मौजूदगी रही और माहौल पूरी तरह साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. गंगा प्रसाद शर्मा, विशिष्ट अतिथि डॉ. राम सागर यादव, राम बहादुर मिश्र, डॉ. शिव भजन कमलेश और पं. आदित्य द्विवेदी ने संयुक्त रूप से तीन कृतियों का लोकार्पण किया। इनमें नवगीतकार डॉ. अशोक अज्ञानी का गीत-नवगीत संग्रह ‘लौट आओ फिर परिन्दों’, वरिष्ठ साहित्यकार रामशंकर वर्मा का दोहा संग्रह ‘कटे अँधेरी रात’ और गीतकार पुष्पेन्द्र 'प्रेमी' का गीत संग्रह ‘तुम भी पत्थर हो जाओगे’ शामिल रहे। साहित्यिक विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की कार्यक्रम में वक्ताओं ने तीनों कृतियों की साहित्यिक विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. गंगा प्रसाद शर्मा ने ‘कटे अँधेरी रात’ पर बोलते हुए कहा कि वर्तमान समय में साहित्य के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हैं, जिनका सामना रचनाकारों को गंभीरता से करना होगा। वहीं रामशंकर वर्मा ने ‘तुम भी पत्थर हो जाओगे’ को आधार बनाते हुए कहा कि हिंदी गीत विधा आज अपने उत्कर्ष पर है, जिसका सशक्त उदाहरण यह कृति है। डॉ. शिव भजन कमलेश ने ‘लौट आओ फिर परिन्दों’ पर अपने विचार रखते हुए कहा कि अज्ञानी के नवगीत राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। डॉ. राम सागर यादव ने ‘अमृतायन’ संस्था के साहित्यिक योगदान को सराहा, जबकि अध्यक्षीय संबोधन में राम बहादुर मिश्र ने वर्तमान साहित्यिक परिदृश्य को सकारात्मक बताया। तीनों पुस्तकों की चयनित रचनाओं का सस्वर पाठ किया कार्यक्रम का सांस्कृतिक पक्ष भी आकर्षण का केंद्र रहा। लोक गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि ने अपनी खनकती आवाज में तीनों पुस्तकों की चयनित रचनाओं का सस्वर पाठ किया।इस मौके पर केवल प्रसाद सत्यम, कुमार तरल, डॉ. अरविन्द झा, दिनेश तिवारी, अचलेश सिंह, संदीप यादव सहित कई साहित्यकार और साहित्यप्रेमी मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन सूर्यप्रकाश सूरज ने दिया, जबकि संचालन राजेन्द्र विश्वकर्मा ने किया।
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