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    यूपी में लड़की की मौत पर सियासत:राहुल-प्रियंका ने पीएम से पूछा-बेटियां असुरक्षित क्यों? अखिलेश ने पिता का वीडियो दिखाया

    7 hours ago

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    गाजीपुर में 16 साल की लड़की की मौत पर सियासत शुरू हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी सांसद बहन प्रियंका गांधी ने शनिवार को केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरा है। लड़की के साथ रेप और उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 29 अप्रैल को गाजीपुर जाने का ऐलान किया है। अखिलेश ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय पर मीडिया से कहा, अगर परिवार मना कर देगा तो हम मिलने नहीं जाएंगे, लेकिन परिवार मना नहीं कर रहा है। अखिलेश ने एक वीडियो भी दिखाया। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि पीड़ित पिता पर पुलिस और भाजपा समझौते का दबाव बना रही है। गाजीपुर पुलिस ने राहुल और प्रियंका को जवाब दिया है। कहा, मृतका के पिता ने डायल 112 पर कॉल करके बताया था कि लड़की ने पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली है। मामले में पिता की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में भी रेप का कोई उल्लेख नहीं है। पोस्टमॉर्टम में भी कोई बलात्कार संबंधी तथ्य नहीं आया है। कृपया कोई ऐसी असत्यापित, तथ्यहीन और अफवाह ना फैलाएं जिससे समाज में शांति भंग हो। पुलिस ने मामले में हत्या के एक आरोपी और पथराव करने वाले 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। और भी गिरफ्तारियां जारी हैं। नेताओं ने क्या-क्या कहा, राहुल ने पीएम मोदी और सीएम योगी से जवाब मांगा राहुल गांधी ने X पर लिखा, गाजीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक बेटी के साथ बलात्कार और निर्मम हत्या- और फिर परिवार को FIR दर्ज कराने से रोकने के लिए धमकियां, हिंसा। हाथरस, कठुआ, उन्नाव और आज गाजीपुर - यह एक पैटर्न है। मणिपुर की बेटी ने न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ दिया। हर बार वही चेहरा - पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी, गरीब। हर बार वही सच्चाई - अपराधी को संरक्षण, पीड़ित को प्रताड़ना। हर बार वही चुप्पी - सत्ता की, जिन्हें बोलना चाहिए था। जिस देश और प्रदेश में मां-बाप को अपनी बेटी की FIR लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस देश की सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। दोषी पुलिस अफसरों पर कार्रवाई हो। परिवार को सुरक्षा मिले। उच्च स्तरीय जांच हो और तुरंत न्याय मिले। मोदी जी, मुख्यमंत्री जी जवाब दीजिए। आपके राज में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं? ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं, छीना जाता है। और हम छीनकर लाएंगे। प्रियंका गांधी बोलीं- प्रधानमंत्री की बड़-बड़ी बातें दिखावा कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में हमेशा पीड़िता को ही प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने कहा कि FIR दर्ज करने में टालमटोल, परिवार को धमकाना और प्रभावशाली लोगों द्वारा माहौल बिगाड़ना, प्रदेश में महिलाओं की स्थिति को और खराब दर्शाता है। भाजपा राज में अब यही अघोषित कानून बन गया है कि जब भी किसी महिला पर अत्याचार होता है तो पीड़ित को ही और प्रताड़ित किया जाता है। महिलाओं को लेकर प्रधानमंत्री जी की बड़ी-बड़ी बातें सिर्फ दिखावा हैं। उन्नाव हो, हाथरस हो, प्रयागराज हो या गाजीपुर, जहां भी महिलाओं के साथ अन्याय हुआ, भाजपा अपनी पूरी सत्ता के साथ पीड़िता के खिलाफ, अत्याचारी के साथ खड़ी हो गई। अखिलेश ने कहा- भाजपा की नजर गिद्ध की है गाजीपुर घटना पर अखिलेश ने कहा- परिवार मना कर देगा तो हम मिलने नहीं जाएंगे, लेकिन परिवार मना नहीं कर रहा है। आपने वीडियो नहीं देखा। पिता उसमें क्या कह रहा है? साथ में पुलिस भी बैठी हुई है। अखिलेश ने एक वीडियो चलवाया। इसमें एक बुजुर्ग (लड़की का पिता) कह रहा है कि मेरी बेटी की मौत हुई है। उसका फैसला होगा न? हमें पैसा क्यों दे रहे थे। सीओ साहब, हम पैसा के आदमी नहीं हैं। अभी हम दुख में हैं। नहीं तो पंडित को घर से खींचकर लाते। हम लोहार हैं। पैसा आप क्यों दे रहे थे? इसी बीच, एक व्यक्ति कहता है कि आप इस तरह से बोलेंगे तो हम हल कैसे निकालेंगे। आप शांति से बैठिए। जितना आपको दुख है, उससे ज्यादा हमें दुख है। अभी 6 घंटे बाद सीधा मुख्यमंत्री के यहां बात जाएगी। इसलिए थोड़ा समय दीजिए। इस पर बुजुर्ग व्यक्ति कहता है कि 4 दिन में आरोपी को जेल में रखे थे। उसे कितने जूते मारे। पूछा क्यों नहीं कि बेटी को कहां रखा है। इस पर सीओ कहता है कि आपके सामने पूछे नहीं थे। इस पर बुजुर्ग व्यक्ति कहता है कि सिर्फ एक थप्पड़ आपने मारा था। अब झूठ बोल रहे हैं कि चार जूते मारे हैं। अखिलेश ने कहा, सवाल जातियों का नहीं है। सवाल यह है कि आप न्याय नहीं दिला पा रहे हैं। अगर वह शिकायत कर रहा तो देखिए पुलिस का व्यवहार कैसा था। जातिय एंगल कौन दे रहा? वो है भाजपा। हम गरीब के साथ हैं। उस गांव में विश्वकर्मा समाज के तीन घर हैं। जब शंकराचार्य जी के साथ पुलिस ने व्यवहार किया था। जो उनके साथ सपा खड़ी थी। हमारी नहीं, भाजपा की गिद्ध नजर है। जब लोगों की जान जाती है, तो भाजपा वालों को खुशी मिलती है। जांच कराना, झूठा फंसाना इनकी फितरत है। भाजपा वाले उसके बाप को भी फंसा सकते हैं। अब जानिए क्या है पूरा मामला… 15 अप्रैल की सुबह लड़की का शव नदी से मिला था गाजीपुर जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर करंडा थाना क्षेत्र में कटरिया गांव है। 15 अप्रैल की सुबह निशा का शव नदी से बरामद हुआ था। एसपी इरज राजा ने बताया कि 14/15 अप्रैल की रात लड़की अपने घर से निकली थी। 15 अप्रैल की सुबह 5:30 बजे लड़की ने अपने पिता को फोन कर खुदकुशी करने की बात कही थी। जब पिता ने वापस फोन किया, तो उसने कॉल रिसीव नहीं किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुबह 5:40 बजे किशोरी ने पुल से नदी में छलांग लगा दी। घटना के तुरंत बाद पिता ने पुलिस को जानकारी दी, जिसका विवरण पुलिस डायरी में दर्ज है। मौके से पुलिस को लड़की का मोबाइल फोन, चप्पल और दुपट्टा बरामद हुआ था। पिता ने 2 लोगों पर हत्या का केस दर्ज कराया निशा के पिता सियाराम विश्वकर्मा की शिकायत पर पुलिस ने 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने एक आरोपी हरिओम पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इसी बीच, घटना को लेकर कुछ लोग सोशल मीडिया पर जातीय एंगल तलाशने लगे। कुछ असामाजिक तत्वों ने ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे तनाव खड़ा हो गया। पिता ने कहा- आरोपी ने मेरी पत्नी को धमकाया था दैनिक भास्कर ने लड़की के पिता से बात की। उन्होंने कहा, 14 अप्रैल की रात 10 बजे मैं गेहूं काटने गया। 12 बजे आया तो मेरी बेटी घर पर नहीं थी। हरिओम पांडेय ने मेरी लड़की को मोबाइल दिया था। वह उससे बात करता था। मेरी पत्नी ने मना किया तो उसने धमकी दी थी। कहा था- ज्यादा बोलोगी तो एक-एक करके सभी को भून डालूंगा। और उसने ऐसा ही किया। उसने एक लड़की की हत्या कर दी। अब हरिओमकह रहा है कि मैंने तुम्हारी लड़की को घर पर पहुंचा दिया था, लेकिन मेरी बेटी की लाश नदी में मिली। घटना की जानकारी कैसे मिली? इसके जवाब में पिता ने कहा, उसकी सहेली ने फोन किया था। उसे किसी आदमी ने जानकारी दी थी कि निशा का फोन और चप्पल पुलिया पर पड़ा है। मैं वहां पहुंचा तो काफी भीड़ थी। पुलिस आई तो लड़की की लाश नदी में दिखाई दी। सपा नेताओं पर पत्थरबाजी पर पिता ने कहा- हमारा कहना था कि आप लोग आइए तो भीड़ लेकर ना आइए। शांति से आइए और मिलकर जाइए। किसी को लाठी लेकर थोडे़ ही भगा सकते हैं। घटना के बाद कहा जा रहा था कि बेटी के साथ गैंगरेप हुआ है? पिता ने कहा कि एक बार बता दिया, दो बार बता दिया। हम थक गए हैं। मेरी लड़की आई नहीं और ना आएगी। हमने उसे जला दिया। अब 27 तारीख को उसका क्रियाकर्म (तेरहवीं) कर देंगे। अखिलेश यादव के आने पर पिता ने कहा कि उन्हें आने दिजिए। जो आएगा उसे लाठी लेकर तो भगाएंगे नहीं। आने दिजिए। 20 अप्रैल को सपाइयों ने प्रदर्शन किया निशा विश्वकर्मा की हत्या के विरोध में 20 अप्रैल को सपा ने प्रदर्शन किया था। इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हत्यारों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करने, विसरा जांच कराने, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता देने की मांग की थी। साथ ही करंडा थानाध्यक्ष को बर्खास्त करने की भी मांग की थी। 22 अप्रैल सपा प्रतिनिधिमंडल पर हुआ था पथराव 22 अप्रैल को सुबह 11 बजे सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। ग्रामीणों ने उन्हें गांव के बाहर ही रोक लिया। गुस्से में सपा प्रतिनिधिमंडल वहीं धरने पर बैठ गया। सपा नेताओं ने पुलिसकर्मियों से परिवार से मिलने की इजाजत मांगी थी। इसके बाद परिवार की एक महिला को बातचीत के लिए बुलाया गया। इसी दौरान अचानक गांववालों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी होने लगी थी। इस घटना में सपा के पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, जंगीपुर के सपा विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव, दो महिला कार्यकर्ता रीना यादव और बिंदु घायल हो गईं थीं। एसपी बोले थे- सपा प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने पहले पत्थर चलाए गाजीपुर के एसपी डॉ. ईरज राजा कहा- समाजवादी पार्टी का एक डेलिगेशन 22 अप्रैल को गांव पहुंचा। डेलिगेशन ने प्रशासन को दिए गए पत्र में भी रेप की बात लिखी थी। इस पर सपा जिला अध्यक्ष गोपाल यादव और अन्य जनप्रतिनिधियों को बताया गया था कि यह जानकारी गलत है। एसपी ने बताया कि ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश था कि पीड़ित परिवार की मान-मर्यादा को ठेस पहुंचाई जा रही है। डेलिगेशन को पहले ही निर्देश दिया गया था कि 15 लोग ही गांव जाएं। इसके बावजूद करीब 250 लोग वहां पहुंच गए। इनमें कुछ शरारती तत्व भी शामिल थे। उन्होंने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, पथराव और मारपीट की। जिसमें पुलिसकर्मी और ग्रामीण दोनों घायल हुए। चार टीमों ने 10 से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए 24 अप्रैल को एसओजी और पुलिस की चार टीमों ने करीब दस गांवों में दबिश दी थी। इसके बाद अब तक दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीओ सिटी शेखर सेंगर ने बताया कि कटरिया गांव में शांति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और पुलिस लगातार 24 घंटे निगरानी कर रही है। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- जिस सलीम का गला रेता गया, वो हत्यारा निकला:उम्रकैद हुई थी, 26 साल से फरार था; इस पर हमला करने वाले एनकाउंटर में मारे गए उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के जिस एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक का गला रेता गया था, उसके बारे में चौंकाने वाली बात सामने आई है। वह दिल्ली के कारोबारी के 13 साल के बेटे का हत्यारा निकला। दिल्ली पुलिस ने उसे शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। वह 26 साल से फरार था। पढ़ें पूरी खबर…
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