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    यूपी की जेलों से परीक्ष्रा देकर बंदिया ने किया कमाल:हाईस्कूल में 98.53 और इंटर में 84.44 प्रतिशत रहा परिणाम

    3 hours ago

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    उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के वर्ष 2026 के परीक्षा परिणाम में एक बार फिर जेल में निरुद्ध बंदियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन कर मिसाल पेश की है। जनपदवार जारी आंकड़ों के अनुसार, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं में कैदियों का रिजल्ट उत्साहजनक रहा है, जो सुधार और शिक्षा के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को दर्शाता है। हाईस्कूल परीक्षा में कुल 68 बंदी परीक्षार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 67 सफल घोषित हुए। इस तरह कुल परिणाम 98.53 प्रतिशत रहा, जो बेहद सराहनीय है। कई जनपदों जैसे आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ समेत अधिकांश जिलों में 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। केवल वाराणसी में एक परीक्षार्थी असफल रहा, जिससे वहां का परिणाम 83.33 प्रतिशत रहा। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा की बात करें तो कुल 135 बंदियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 114 उत्तीर्ण हुए। इस प्रकार कुल परिणाम 84.44 प्रतिशत दर्ज किया गया। कई जिलों में यहां भी 100 प्रतिशत सफलता देखने को मिली, जबकि कुछ स्थानों पर परिणाम अपेक्षाकृत कम रहा। उदाहरण के तौर पर हरदोई में एक भी परीक्षार्थी पास नहीं हो सका, जबकि प्रयागराज में 33.33 प्रतिशत और लखीमपुर खीरी व रायबरेली में 50-50 प्रतिशत परिणाम दर्ज हुआ। गौरतलब है कि गाजियाबाद और गोरखपुर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में बंदियों ने परीक्षा दी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 90 प्रतिशत से अधिक परिणाम हासिल किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही शैक्षिक सुविधाएं और प्रेरणा बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। जेल में बंद इन कैदियों का यह प्रदर्शन न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देता है कि शिक्षा के माध्यम से किसी भी परिस्थिति में सुधार संभव है। यह परिणाम पुनर्वास की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
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