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    West Asia संकट पर Rajnath Singh की हाई-लेवल मीटिंग, तीनों सेना प्रमुखों संग बनी युद्ध की रणनीति

    3 hours from now

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    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पश्चिम एशिया में चल रही स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सभी सेना प्रमुखों ने भाग लिया। रक्षा मंत्री द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, डीआरडीओ प्रमुख, रक्षा सचिव और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच हुई है, जहां सरकार क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रख रही है। युद्ध फिलहाल चौथे सप्ताह में है। इसे भी पढ़ें: 'धुरंधर धामी' ने चलाया Bulldozer! Rajnath Singh बोले- Uttarakhand में अवैध प्रवासियों की No Entryइसी बीच, अमेरिकी युद्ध उप सचिव एलब्रिज कोल्बी वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करने के लिए भारत में हैं। वहीं, इससे पहले सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और आम लोगों की खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा समेत महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बैठक की अध्यक्षता की। सीसीएस की बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों से निपटने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण के साथ समर्पित रूप से काम करने के लिए मंत्रियों और सचिवों का एक समूह गठित करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष एक बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में, इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किये जाने चाहिए।  इसे भी पढ़ें: West Asia और Middle-East में बिगड़ते हालात के बीच Rajnath Singh बोले, 'ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भरता जरूरी'मोदी ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंगों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। सीसीएस की बैठक में आवश्यक वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मध्यम और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। सीसीएस की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अल्प, मध्यम और दीर्घकालिक रूप से महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा और भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया तथा तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के उपायों पर चर्चा की गई। देश की सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था, सीसीएस ने खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा समेत आम आदमी की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया।
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