Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    उदय भानु बिस्वास के खिलाफ दर्ज किया जाएगा मुकदमा:काउंसलिंग पर टिकी पुलिस की नजर, पांच दिन और बढ़ाए गए; व्यवहार में बदलाव नहीं

    3 hours ago

    2

    0

    पुलिस प्रियंका बिस्वास केस में पिता उदय भानु बिस्वास पर मुकदमे की तैयारी कर रही है। वह फिलहाल चिकित्सकों की देखरेख में हैं और उनकी काउंसलिंग की जा रही है। पहले काउंसलिंग का समय 10 दिन निर्धारित किया गया था लेकिन अब उसे बढ़ाकर 15 दिन कर दिया गया है। काउंसलिंग पूर्ण होते ही पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी और उदय भानु बिस्वास को कोर्ट के समक्ष पेश करेगी। कोर्ट का जो भी निर्णय होगा,उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। पहले एक नजर पूरे मामले पर सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ले में 76 वर्षीय उदय भानु बिस्वास अपनी 36 वर्षीय बेटी प्रियंका बिस्वास के साथ रह रहे थे। उदय भानु बिस्वास शिक्षा विभाग से रिटायर्ड थे तो बेटी प्रियंका बिस्वास MCA की पढ़ाई कर चुकी थी। 11 अप्रैल की शाम प्रियंका का शव उसके बंद मकान से बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिता उदय भानु बिस्वास चार महीने पहले काला पीलिया से प्रियंका की मौत हो जाने के बाद उसे घर के भीतर ही छोड़कर चले गए। अंदर ही अंदर शव कंकाल बन गया। शक के दायरे में पिता की भूमिका पहले ही दिन से इस मामले में पिता उदय भानु बिस्वास शक के दायरे में रहे। लेकिन फिर पुलिस को एहसास हुआ कि उदय भानु बिस्वास की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पुलिस पूछताछ में पिता ने बताया कि प्रियंका का इलाज वह झाड़ फूंक वाले से करा रहा था लेकिन राहत नहीं मिली और उसकी मौत हो गई। वह डर गया और बेटी को छोड़कर हरिद्वार व देहरादून जाकर रहने लगा। पुलिस ने की काउंसलिंग की पैरवी प्रियंका का शव मिलने के बाद पुलिस ने उदय भानु बिस्वास को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन पुलिस को अपने सवालों के जवाब नहीं मिले। उदय भानु बिस्वास की गतिविधियां मानसिक रोगियों के जैसी थीं। तय हुआ कि उदय भानु बिस्वास को मनोचिकित्सकों की देखरेख में रखा जाए ताकि वह उनकी काउंसलिंग कर सकें। 17 अप्रैल को भेजा काउंसलिंग सेंटर सीएमओ अशोक कटारियां ने पुलिस की पैरवी के अनुसार उदय भानु बिस्वास की काउंसलिंग की प्रक्रिया को शुरु करा दिया। 17 अप्रैल को उसे लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के वार्ड में भर्ती करा दिया गया। यहां मनो चिकित्सकों ने उदय भानु बिस्वास की काउंसलिंग शुरु कर दी। मेडिकल सूत्रों की मानें तो उदय भानु बिस्वास के व्यवहार में कोई ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं आया है। इसको देखते हुए पांच दिन काउंसलिंग और बढ़ा दी गई है। काउंसलिंग से लौटते ही कोर्ट में करेंगे पेश एसएचओ सदर बाजार इंदर पाल सिंह ने बताया कि काउंसलिंग अवधि बढ़ाई गई है। काउंसलिंग खत्म होते ही पुलिस उदय भानु बिस्वास पर मुकदमा दर्ज करेगी और उन्हें कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद की कार्रवाई पुलिस कोर्ट के निर्णय पर करेगी। इन दो धाराओं की संभावना हुई प्रबल विधि विशेषज्ञों की मानें तो उदय भानु बिस्वास पर सीधे कोई आरोप सिद्ध नहीं हो रहा। ऐसे में पुलिस धाराएं तलाश रही है। पुलिस सीधे तौर पर बेटी प्रियंका के शव की दुर्गति करना को मुकदमें का मुख्य आधार बना सकती है। इसके लिए मुख्य रूप से भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 301 (पूर्व में IPC 297) लगती है। इसके अलावा धारा 270 का भी प्रयोग पुलिस कर सकती है। क्योंकि अप्रत्यक्ष रूप से उदय भानु बिस्वास ने संक्रमण फैलने की स्थिति पैदा कर दी थी, जिससे आस पड़ौस के जीवन को नुकसान पहुंच सकता था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अलीगढ़ में मिलावटी पनीर नष्ट कराया:श्री गोपाल जी डेयरी में पामोलिन ऑयल, मिल्क पाउडर से हो रहा था तैयार
    Next Article
    मेरठ के सीसीएसयू में छात्रों को मिला रोजगार:140 स्टूडेंट्स ने लिया पर्सनल इंटरव्यू में भाग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment