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    UAE पर ईरान का मिसाइल हमला, तेल रिफाइनरी में लगी भीषण आग, स्कूल-कॉलेज हुए ऑनलाइन

    3 hours from now

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    खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर ईरान की ओर से बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया गया। यह हमला 8 अप्रैल को हुए नाजुक युद्धविराम के बाद पहली बार हुआ है, जिसने क्षेत्र में 'अघोषित युद्ध' की आहट दे दी है। सुरक्षा और एहतियात के मद्देनजर UAE सरकार ने स्कूलों और विश्वविद्यालयों को अस्थायी रूप से ऑनलाइन मोड पर स्थानांतरित कर दिया है।  ताजा अपडेट- UAE ने कहा कि उस पर ईरान की तरफ से मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार की गईUAE के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "ये हमले एक खतरनाक बढ़ोतरी और एक अस्वीकार्य उल्लंघन हैं, जो देश की सुरक्षा, स्थिरता और उसके इलाकों की हिफाज़त के लिए सीधा खतरा पैदा करते हैं।" ईरान की तरफ से किए गए एक ड्रोन हमले के बाद UAE के एक बड़े तेल उद्योग क्षेत्र में आग लग गई, जिससे तीन भारतीय घायल हो गए।रक्षा प्रणाली ने रोके 12 बैलिस्टिक मिसाइलUAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनकी उन्नत हवाई रक्षा प्रणालियों ने ईरान की ओर से दागी गई 12 बैलिस्टिक मिसाइलों, तीन क्रूज मिसाइलों और चार ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, इस हमले के मलबे और कुछ हमलों के कारण फुजैराह स्थित 'फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज ज़ोन' में भीषण आग लग गई। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में तीन भारतीय नागरिक मामूली रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसे भी पढ़ें: 'गंगोत्री से गंगासागर तक खिला कमल', बंगाल की जीत पर पीएम मोदी का 'बदले के बजाय बदलाव' का संदेश | PM Narendra Modi Full Speechमुख्य घटनाक्रम: क्या हुआ सोमवार को?तनाव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने का प्रयास किया। यह जलमार्ग 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण बंद पड़ा है।समुद्री संघर्ष: अमेरिकी सेना ने ईरानी सेना की छह छोटी नावों को डुबो दिया, जो कथित तौर पर नागरिक जहाजों को निशाना बना रही थीं।टैंकर पर हमला: UAE की कंपनी ADNOC के 'बराका' तेल टैंकर पर दो ड्रोन से हमला किया गया। UAE ने इसे "समुद्री डकैती" करार दिया है।ईरान की चेतावनी: ईरान की सैन्य कमान ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करती है, तो उन पर हमला किया जाएगा।कूटनीतिक तकरार और आरोप-प्रत्यारोपUAE के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे "आतंकवादी और बिना उकसावे का हमला" बताया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए "वैध रूप से जवाब देने का अधिकार" सुरक्षित रखता है। दूसरी ओर, ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार: "ईरान का तेल सुविधाओं पर हमला करने का कोई इरादा नहीं था। यह घटना अमेरिकी सेना की मनमानी और अवैध आवाजाही का परिणाम है।" अर्ध-सरकारी एजेंसी तस्नीम ने यहाँ तक चेतावनी दी कि यदि UAE ने कोई जवाबी कार्रवाई की, तो उसके सभी आर्थिक और रणनीतिक हित ईरान के निशाने पर होंगे। इसे भी पढ़ें: भीषण विस्फोट, चीन में 21 की मौत! तपती गर्मी में कौन बना China का नया दुश्मन?आम जनजीवन पर असरमिसाइल हमलों की खबरों के बाद पूरे UAE में मोबाइल फोन पर आपातकालीन अलर्ट बजने लगे। दुबई में रह रही पत्रकार नताशा तुराक के अनुसार, "लोग इस घटना से निराश और क्रोधित हैं। युद्धविराम के बाद शांति की उम्मीद थी, लेकिन बुनियादी विवाद (परमाणु कार्यक्रम और जलडमरूमध्य पर वर्चस्व) अभी भी अनसुलझे हैं।"शिक्षा क्षेत्र में बदलावसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, सरकार ने तत्काल प्रभाव से शिक्षण संस्थानों को भौतिक रूप से बंद कर दिया है। अब छात्र घर बैठे ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए पढ़ाई करेंगे।पृष्ठभूमि: क्यों विफल हो रहा है युद्धविराम?पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल को हुआ युद्धविराम काफी कमजोर साबित हो रहा है। 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई सीधी बातचीत में किसी भी स्थायी शांति समझौते पर सहमति नहीं बन पाई थी। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा संघर्ष-विराम को आगे बढ़ाने के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।फुजैराह की तेल रिफाइनरी में लगी आग बुझाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन खाड़ी देशों में इस हमले ने युद्ध के नए मोर्चे खुलने का डर पैदा कर दिया है। विश्व की नजरें अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं।
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