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    धनगर समाज का अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान:जाति प्रमाण पत्र जारी न होने से नाराजगी; शासन-प्रशासन पर भेदभाव का आरोप

    2 hours ago

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    मुजफ्फरनगर में धनगर समाज उत्थान समिति ने जाति प्रमाण पत्र जारी न होने सहित विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। मंडल अध्यक्ष रवि कुमार धनगर के नेतृत्व में दर्जनों लोग मीडिया सेंटर पहुंचे और आर-पार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी। समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि तहसीलों द्वारा धनगर जाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे समाज में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो समाज सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा। मंडल अध्यक्ष रवि कुमार धनगर ने बताया कि आजादी के 78 साल बाद भी धनगर समाज को उसका संवैधानिक अधिकार नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 से अनुसूचित जाति की सूची में 27वें नंबर पर वर्णित होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में उन्हें जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे हैं। समिति ने शासन-प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, विधायकों और सांसदों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस मुद्दे को कई बार उठाया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला, जिससे समाज में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। धनगर समाज ने कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों में उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। आरोप है कि थाना स्तर पर अधिकारियों को मनमानी की खुली छूट मिली हुई है। इसके अतिरिक्त, नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर द्वारा अहिल्याबाई चौक के सौंदर्यीकरण और मूर्ति स्थापना के लिए जारी लगभग 39.75 लाख रुपये के टेंडर पर भी सवाल उठाए गए। समिति का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और सरकारी मानकों की अनदेखी हो रही है। समाज के लोगों ने मांग की है कि उक्त निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच किसी उच्च स्तरीय लैब से कराई जाए।
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