Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    तापमान बढ़ते ही वाराणसी में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट:CMO ने जारी की अपील, बोले - शरीर में न होने दें पानी और नमक की कमी

    4 hours ago

    2

    0

    वाराणसी में गर्मी लगातार कई सालों क रिकार्ड तोड़ रही है। ऐसे में डॉक्टर्स सभी से एहतियातन घरों से निकलने की मनाही कर रहे हैं। यदि कोई आवश्यक कार्य न हो तो कोई भी व्यक्ति बाहर न निकले। सीएमओ डॉ राजेश प्रसाद ने भी लोगों से इस गर्मी में सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी शरीर की रोग - प्रतिरोधक क्षमता को भी प्राभावित करती है। इस मौसम में पाचन और त्वचा संबंधी समस्याओं के साथ ही मौसमी फ्लू और संक्रमण का भी खतरा बना रहता है। ऐसे में रोगों के नियंत्रण को लेकर सीएमओ ने आमजन से गर्मी को लेकर एहतियात बरतने की अपील की है। शरीर में न होने दें पानी और नमक की कमी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश प्रसाद ने अपील जारी करते हुए बताया - शरीर में पानी और नमक की कमी होने की वजह से रक्त संचार में बाधा पहुंचती है। जिसकी वजह से हीट स्ट्रोक की समस्या होती है। शरीर में तापमान का उतार-चढ़ाव सहन करने की पर्याप्त क्षमता होती है। लेकिन एक सीमा के बाद जब अत्यधिक गर्मी में रहते हैं तो शरीर वातावरण के मुताबिक अपने आपको संतुलित नहीं कर पाता है। और हीट स्ट्रोक की समस्या हो जाती है। इससे दिमाग व किडनी पर असर पड़ सकता है। शरीर में रक्त संचार प्रभावित हो सकता है। आंखों में जलन हो सकती है। हृदय से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। मांसपेशियों में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में नमक और पानी की कमी शरीर में न होने दें। किसी भी बिमारी का लक्षण दिखे डॉक्टर को दिखाएं सीएमओ ने सभी से अपील की है कि गर्मी के इस मौसम में हीट स्ट्रोक, डायरिया, उल्टी, पीलिया, टाइफाइड, वायरल फीवर, आंखों का लाल होना, त्वचा में जलन होना आदि तरह के बीमारियां होती है। इसका प्रतिकूल प्रभाव शरीर पर पड़ता है जो कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है। गर्म हवाओं या लू के प्रभाव के कारण शारीरिक कठिनाईयों से बचने के लिए जनहित में लोगों से अपील की है। उन्होंने कहा - थोड़ी सी सावधानी को अपना कर इससे बचाव किया जा सकता है। किसी भी व्यक्ति में घमौरियां, मरोड़ व ऐंठन के मुख्य लक्षणों में शरीर में कमजोरी होना, चक्कर आना, सिर में तेज दर्द, उबकाई का आना, कभी कभी मूर्छा आना प्रमुख लक्षण नजर आए तो नजदीक के चिकित्सालय व स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की सलाह लेकर उपचार कराएं। एहतियात ही बचाव उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अमित सिंह ने बताया - यदि जरूरी न हो तो घर से न निकलें। यदि घर से निकलना है तो घर से निकलने से पहले पानी पीकर निकलना चाहिए और थोड़े-थोड़े समय पर पानी पीते रहना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं हो पाती। हल्के ढीले ढाले सूती वस्त्र पहने, ताकि शरीर तक हवा पहुंचे और पसीने को सोखकर शरीर को ठंडा रखे। शुद्ध व ताजा भोजन का प्रयोग करने के अलावा भोजन बनने के तीन घंटे बाद बचे हुये भोजन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बाजार में खुले में रखे हुए खाद्य पदार्थ का सेवन न करें। पूरे शरीर को ढककर ही घर से निकले इसके साथ ही धूप के चश्मे का प्रयोग करें। इसके अलावा एल्कोहल, चाय, कॉफी, कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक आदि का उपयोग करने से बचें क्योंकि यह शरीर में निर्जलीकरण करता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    CSJMU के UIET में BCA-MCA प्रवेश शुरू:AI, डेटा साइंस और कोडिंग के साथ IT सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका
    Next Article
    जालौन में बाइक पेड़ से टकराने से व्यक्ति की मौत:सिर पर गंभीर चोट आने से गई जान, रिश्तेदारी जाते समय हुआ हादसा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment