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    संजय सिंह बोले-पाकिस्तान की मध्यस्थता विदेश नीति की विफलता:कहा- यह प्रधानमंत्री की 'ही-ही, खी-खी' वाली नीति का नतीजा

    3 hours ago

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    आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है। सुलतानपुर में रविवार को निजी कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रभाव में कमी और देश में बढ़ती महंगाई पर गंभीर चिंता व्यक्त की। संजय सिंह ने कहा कि भारत महात्मा गांधी, गौतम बुद्ध, गुरु नानक और संत कबीर जैसे शांतिदूतों का देश रहा है। उन्होंने हैरानी जताई कि आज आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान शांति वार्ता की मध्यस्थता कर रहा है। सिंह ने इसे प्रधानमंत्री की 'ही-ही, खी-खी' वाली विदेश नीति का परिणाम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साख केवल दिखावे से नहीं, बल्कि ठोस फैसलों और चरित्र से बनती है। सांसद सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि यदि भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका की अनुमति लेनी पड़ रही है, तो दुनिया में देश की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्धों और शांति वार्ताओं की विफलता पर दुख व्यक्त किया। संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय युद्धों का सीधा असर भारत के आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे समुद्री मार्गों के बाधित होने से तेल और गैस की कीमतों में उछाल आ रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध जारी रहने से देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम कम नहीं हो पा रहे हैं। बढ़ती महंगाई के कारण मजदूर और गरीब तबका बड़े शहरों से पलायन करने को मजबूर है। संजय सिंह ने उन लोगों की भी आलोचना की जो शांति वार्ता के विफल होने पर जश्न मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ 'अंधभक्त' और मीडिया का एक वर्ग इसे सही ठहराने की कोशिश कर रहा है, जबकि युद्ध का लंबा खिंचना भारत के लिए आर्थिक रूप से नुकसानदेह है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांति से ही देश में महंगाई और गरीबी पर लगाम लगाई जा सकती है।
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