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    सहेली को बुर्का पहनाने वाली छात्रा को हाईकोर्ट से जमानत:मुरादाबाद के मामले में कोर्ट ने कहा- कोई ठोस सबूत नहीं मिला

    3 hours ago

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    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुर्का पहनाने वाली छात्रा को अग्रिम जमानत दी है। छात्रा पर आरोप है कि उसने नाबालिग छात्रा का कथित रूप से ब्रेनवॉश कर उसे बुर्का पहनने और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला। जस्टिस अवनीश सक्सेना की पीठ ने आरोपी छात्रा मालिश्का उर्फ मालिश्का फातमा को राहत देते हुए कहा- पीड़िता के बयान के अतिरिक्त रिकॉर्ड पर ऐसा कोई अन्य ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे आरोपी की संलिप्तता प्रथम दृष्टया स्थापित हो सके। धर्म परिवर्तन के आरोप लगे थे आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 5(1) के तहत मामला थाना - बिलारी, मुरादाबाद में दर्ज किया गया है। एफआईआर पीड़िता के भाई ने दर्ज कराई। उसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी ने उसकी नाबालिग बहन का धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से उसका ब्रेनवॉश किया। यह भी कहा गया कि 20 दिसंबर 2025 को उसे जबरन बुर्का दिया गया और लगातार धर्म बदलने का दबाव बनाया गया। यूपी सरकार ने जमानत का विरोध किया राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि पीड़िता के बयान से स्पष्ट है कि उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला जा रहा था। एफआईआर दर्ज करने में देरी के संबंध में यह दलील दी गई कि पीड़िता आरोपी के प्रभाव में थी, इसलिए जानकारी मिलने में समय लगा। वहीं आरोपी की ओर से कहा गया कि वह पीड़िता से पहले से उसी विद्यालय में पढ़ रही थी और उसके खिलाफ किसी अन्य छात्रा को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने की कोई शिकायत नहीं है। अदालत को यह भी बताया गया कि मामले के मुख्य आरोप सह-अभियुक्त अलीना के खिलाफ हैं, जिसे हाईकोर्ट की एक पीठ पहले ही अग्रिम जमानत दे चुकी है। आपराधिक इतिहास नहीं, फरार होने की संभावना नहीं सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अग्रिम जमानत पर विचार करते समय आरोपों की गंभीरता, गिरफ्तारी की आशंका, आरोपी का आपराधिक इतिहास, झूठे फंसाए जाने की संभावना, हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता, जांच में सहयोग तथा फरार होने के जोखिम जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है। पीठ ने पाया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और पीड़िता के बयान के अलावा उसके खिलाफ अन्य स्वतंत्र साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही अदालत ने माना कि आरोपी के फरार होने की संभावना कम है, तथा उसने जांच और ट्रायल में सहयोग का आश्वासन दिया है। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी स्टूडेंट को अग्रिम जमानत दे दी है। अब पढ़िए क्या था मामला दरअसल, ये मामला मुरादाबाद जिले का है। जहां 12वीं कक्षा की छात्रा के भाई ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि उसकी बहन को याचिकाकर्ता अलीना और शाबिया समेत पांच मुस्लिम छात्राओं ने स्थानीय ट्यूशन सेंटर पर बुर्का पहनने और इस्लाम धर्म स्वीकार करने के लिए मजबूर किया। पीड़िता ने दिसंबर, 2025 में एक विशेष घटना का उल्लेख भी किया, जिसमें इन पांच लड़कियों ने उसे बुर्का पहनाया था। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी लड़कियों ने उसे मांसाहारी खाने के लिए लुभाया। 3 तस्वीरों में देखिए पूरी घटना… भाई बोला- ‘मेरी बहन का ब्रेनवॉश किया’ हिंदू छात्रा के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मेरी नाबालिग बहन बिलारी कस्बे के मोहल्ला शाहकुंज कॉलोनी में एक टीचर के घर ट्यूशन पढ़ने जाती थी। मेरे घर से 1.5 किमी की दूरी पर कोचिंग है। बाकी पांचों मुस्लिम छात्राएं भी उसके साथ जाती थीं। 11वीं क्लास में इन लड़कियों से मेरी बहन की दोस्ती थी। सभी मोहल्ले और आसपास की थीं, तो स्कूल और ट्यूशन साथ में जाती थीं। छात्राओं ने मेरी बहन का ब्रेनवॉश करना शुरू कर दिया। पांचों उसे बार-बार इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए उकसाती रहती थीं। उसके मन में हिंदू धर्म के प्रति घृणा पैदा करने की कोशिश की। मेरी बहन उनके झांसे में आ गई। मेरी बहन घरवालों की बातें भी नहीं सुनती थी। मना करने के बाद भी उन्हीं मुस्लिम लड़कियों के साथ ही स्कूल और कोचिंग जाती थी। 20 दिसंबर को मुस्लिम लड़कियां ट्यूशन से निकलीं। इसके बाद रास्ते में मेरी बहन को बुर्का पहनाया। छात्राएं मांसाहारी भोजन लाकर ग्रेवी खिलाती थीं पीड़िता ने बताया- सहपाठियां मांसाहारी भोजन लाती थीं और जब वह मांस खाने से इनकार करती थी, तो वे उसे तरी (ग्रेवी) खाने का लालच देती थीं। उसने यह भी आरोप लगाया कि उनमें से एक (अलीना) ने तो उसका इस हद तक ब्रेनवॉश कर दिया था कि उसकी सोचने-समझने की शक्ति ही खत्म हो गई। --------------------- यह खबर भी पढ़िए…. झांसी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने से छत उड़ी:बहू ने मंदिर में दीया जलाया तो आग भड़की, धमाका सुन चौकी से भागे पुलिसकर्मी झांसी में गुरुवार रात एक मकान में आग लगने के बाद गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इससे कमरे की छत उड़ गई और कॉलोनी में दहशत का माहौल हो गया। धमाका सुनकर पड़ोस में बनी चौकी के पुलिसकर्मी बाहर निकल आए। पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। पुलिस के फोन करने पर फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पढ़ें पूरी खबर…
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